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नमो भारत : इसी माह होगा सीआरएस सर्वे, अगले माह शहर में दौड़ेगी रैपिड
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माई सिटी रिपोर्टरमेरठ। नमो भारत रैपिड ट्रेन का संचालन लगातार पिछड़ता जा रहा है। शताब्दीनगर (शॉप्रिक्स मॉल) तक इसे फरवरी से शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन जून में भी चल पाना संभव नहीं दिखता। माना जा रहा है कि 20 जून के बाद चीफ ऑफ रेलवे सेफ्टी के निरीक्षण की तैयारी है। उनके निरीक्षण के पंद्रह दिन बाद ही ट्रेन का संचालन संभव है। 9 फरवरी से नमो भारत का मेरठ साउथ से शताब्दीनगर तक ट्रायल रन शुरू हुआ था, जबकि एक मई से मोदीपुरम तक ट्रायल रन चल रहा है। हाल ही में एनसीआरटसी के एमडी शलभ गोयल ने भी कॉरीडोर का निरीक्षण किया था।
मेरठ साउथ स्टेशन रैपिड कॉरीडोर का शहर में पहला स्टेशन है। यह स्टेशन शहर के केंद्र रूप में विकसित होना है। यहां न केवल शहर के बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी यात्रा के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में यहां सबसे बड़ी पार्किंग बनाई गई है। दो भाग में बनी पार्किंग में 1200 वाहन खड़े किए जा सकते हैं। शताब्दीनगर में 800 वाहन खड़े करने की क्षमता की पार्किंग बनाई जा रही है। शताब्दीनगर स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए सड़क के दोनों ओर दो प्रवेश-निकास द्वार निर्मित किए गए हैं। छह किलोमीटर के इस अतिरिक्त खंड में शताब्दीनगर नमो भारत स्टेशन के अलावा परतापुर और रिठानी के दो मेट्रो स्टेशन भी होंगे। बेगमपुल अंडरग्राउंड स्टेशन बन रहा है, जहां सिविल काम 90 फीसदी तक पूरा करने का दावा किया जा रहा है।
मेरठ साउथ तक तीन महीने तक ट्रेन का ट्रायल चला और 18 अगस्त 2024 को इस स्टेशन से ट्रेन का संचालन शुरू किया गया। 9 फरवरी से ट्रेन का ट्रायल शताब्दीनगर तक नमो भारत का ट्रायल रन शुरू किया गया था और इसी महीने ट्रेन चलाने का भी दावा किया जा रहा था लेकिन ट्रेन नहीं शुरू की गई। अभी हाल ही में एनसीआरटीसी के एमडी शलभ गोयल ने मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक निरीक्षण किया था। अब माना जा रहा है कि 20 जून के बाद सीआरएस का इंस्पेक्शन कराने की तैयारी है। उनके दिशा-निर्देश के बाद सुधार होंगे और तब ही ट्रेन शताब्दीनगर तक चलाई जा सकेगी। ऐसे में अब जुलाई में ट्रेन संचालन की संभावना जताई जा रही है।
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रैपिड के चार, मेट्रो के 13 स्टेशन
शहर में रैपिड के चार और मेट्रो के 13 स्टेशन हैं। मेरठ में मेरठ साउथ के बाद शताब्दी नगर, बेगमपुल (अंडरग्राउंड) और मोदीपुरम स्टेशनों पर नमो भारत व मेरठ मेट्रो, दोनों की सेवाएं मिलेंगी। इन स्टेशनों को एक प्रमुख ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां से नमो भारत और मेट्रो के अलावा ऑटो, टैक्सी और बस तक की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मेरठ में अंडरग्राउंड सेक्शन का पहला स्टेशन फुटबॉल चौक के पास मेरठ सेंट्रल है जहां केवल मेट्रो का स्टॉप होगा। ये स्टेशन फुटबॉल चौक के नजदीक हैं।
बेगमपुल स्टेशन पर भी मिलेंगी दोनों ट्रेनों की सेवा
इसके बाद भैसाली और बेगमपुल स्टेशन भी अंडरग्राउंड सेक्शन का हिस्सा हैं। बेगमपुल स्टेशन पर नमो भारत और मेरठ मेट्रो की सेवाएं मिलेंगी। बाकी दोनों स्टेशनों पर केवल मेरठ मेट्रो का स्टॉप होगा। टैंक चौराहे (बेगमपुल के नजदीक) से फिर मेरठ में एलिवेटेड सेक्शन शुरू होता है, जिसमें एमईएस कॉलोनी, डौरली, मेरठ नॉर्थ और मोदीपुरम स्टेशन शामिल हैं। इनमें से मोदीपुरम स्टेशन पर नमो भारत का स्टॉप होगा, बाकी तीन स्टेशन केवल मेरठ मेट्रो के हैं। मेरठ मेट्रो कॉरिडोर की कुल लंबाई 23 किलोमीटर है। इसमें 18 किमी एलिवेटेड और पांच किमी हिस्सा अंडरग्राउंड है। इसके लिए तीन अंडरग्राउंड समेत अन्य स्टेशन बनाए जा रहे हैं।
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मेरठ साउथ स्टेशन रैपिड कॉरीडोर का शहर में पहला स्टेशन है। यह स्टेशन शहर के केंद्र रूप में विकसित होना है। यहां न केवल शहर के बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी यात्रा के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में यहां सबसे बड़ी पार्किंग बनाई गई है। दो भाग में बनी पार्किंग में 1200 वाहन खड़े किए जा सकते हैं। शताब्दीनगर में 800 वाहन खड़े करने की क्षमता की पार्किंग बनाई जा रही है। शताब्दीनगर स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए सड़क के दोनों ओर दो प्रवेश-निकास द्वार निर्मित किए गए हैं। छह किलोमीटर के इस अतिरिक्त खंड में शताब्दीनगर नमो भारत स्टेशन के अलावा परतापुर और रिठानी के दो मेट्रो स्टेशन भी होंगे। बेगमपुल अंडरग्राउंड स्टेशन बन रहा है, जहां सिविल काम 90 फीसदी तक पूरा करने का दावा किया जा रहा है।
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मेरठ साउथ तक तीन महीने तक ट्रेन का ट्रायल चला और 18 अगस्त 2024 को इस स्टेशन से ट्रेन का संचालन शुरू किया गया। 9 फरवरी से ट्रेन का ट्रायल शताब्दीनगर तक नमो भारत का ट्रायल रन शुरू किया गया था और इसी महीने ट्रेन चलाने का भी दावा किया जा रहा था लेकिन ट्रेन नहीं शुरू की गई। अभी हाल ही में एनसीआरटीसी के एमडी शलभ गोयल ने मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक निरीक्षण किया था। अब माना जा रहा है कि 20 जून के बाद सीआरएस का इंस्पेक्शन कराने की तैयारी है। उनके दिशा-निर्देश के बाद सुधार होंगे और तब ही ट्रेन शताब्दीनगर तक चलाई जा सकेगी। ऐसे में अब जुलाई में ट्रेन संचालन की संभावना जताई जा रही है।
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रैपिड के चार, मेट्रो के 13 स्टेशन
शहर में रैपिड के चार और मेट्रो के 13 स्टेशन हैं। मेरठ में मेरठ साउथ के बाद शताब्दी नगर, बेगमपुल (अंडरग्राउंड) और मोदीपुरम स्टेशनों पर नमो भारत व मेरठ मेट्रो, दोनों की सेवाएं मिलेंगी। इन स्टेशनों को एक प्रमुख ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां से नमो भारत और मेट्रो के अलावा ऑटो, टैक्सी और बस तक की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मेरठ में अंडरग्राउंड सेक्शन का पहला स्टेशन फुटबॉल चौक के पास मेरठ सेंट्रल है जहां केवल मेट्रो का स्टॉप होगा। ये स्टेशन फुटबॉल चौक के नजदीक हैं।
बेगमपुल स्टेशन पर भी मिलेंगी दोनों ट्रेनों की सेवा
इसके बाद भैसाली और बेगमपुल स्टेशन भी अंडरग्राउंड सेक्शन का हिस्सा हैं। बेगमपुल स्टेशन पर नमो भारत और मेरठ मेट्रो की सेवाएं मिलेंगी। बाकी दोनों स्टेशनों पर केवल मेरठ मेट्रो का स्टॉप होगा। टैंक चौराहे (बेगमपुल के नजदीक) से फिर मेरठ में एलिवेटेड सेक्शन शुरू होता है, जिसमें एमईएस कॉलोनी, डौरली, मेरठ नॉर्थ और मोदीपुरम स्टेशन शामिल हैं। इनमें से मोदीपुरम स्टेशन पर नमो भारत का स्टॉप होगा, बाकी तीन स्टेशन केवल मेरठ मेट्रो के हैं। मेरठ मेट्रो कॉरिडोर की कुल लंबाई 23 किलोमीटर है। इसमें 18 किमी एलिवेटेड और पांच किमी हिस्सा अंडरग्राउंड है। इसके लिए तीन अंडरग्राउंड समेत अन्य स्टेशन बनाए जा रहे हैं।