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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   National players are forced to sell vegetables in meerut, both won medals at the national level in boxing and archery.

सब्जी बेचने को मजबूर हैं राष्ट्रीय खिलाड़ी, बॉक्सिंग और तीरंदाजी में नेशनल स्तर पर जीते हैं पदक

Tue, 18 Aug 2020 01:48 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 18 Aug 2020 01:48 AM IST
सार

  • लॉकडाउन में पिता की नौकरी जाने के बाद दोनों भाई पिता के साथ बेच रहे सब्जी

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National players are forced to sell vegetables in meerut, both won medals at the national level in boxing and archery.
national player selling vegitables - फोटो : amar ujala

विस्तार

बाक्सिंग और तीरंदाजी स्पर्धाओं में राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले मेरठ के दो भाई सब्जी का ठेला लगाने को मजबूर हैं। कोरोना काल में लॉकडाउन में पिता की नौकरी जाने के बाद अब दोनों भाई पिता के साथ गली- मुहल्लों में ठेला लेकर सब्जी बेच रहे हैं।   
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मूलरूप से गोरखपुर निवासी अच्छे लाल चौहान कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम की कैंटीन में खिलाड़ियों के लिए खाना बनाने का काम करते थे। सालों से कैलाश प्रकाश स्टेडियम में अच्छे लाल चौहान परिवार के साथ रहते हैं।
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उनका 18 वर्षीय बेटा सुनील चौहान बॉक्सिंग में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। जबकि दूसरे भाई नीरज चौहान ने जूनियर और सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया है।
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नीरज सोनभद्र में हॉस्टल में रहते हैं, लॉकडाउन में घर पर ही आ गए। सुनील चौहान ने बताया रोजगार को लेकर चिंतित हैं, समय मिलता है तो अभ्यास करते हैं। लेकिन वर्तमान का मुश्किल समय कैसे कटेगा, यह सोचकर परेशान रहते हैं।

एडवोकेट रामकुमार ने की मदद 
एडवोकेट रामकुमार गुप्ता ने दोनों खिलाड़ियों की 11 हजार रुपये की आर्थिक मदद की। इसके अलावा दोनों खिलाड़ियों की कहानी बताते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करते हुए लोगों से इन खिलाड़ियों की मदद की गुहार भी लगाई।   

खेल विभाग ने नहीं जारी किया वेतन
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आले हैदर ने बताया कैंटीन में अस्थायी कर्मचारी कार्य करते हैं। लॉकडाउन में अस्थायी खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति भी अटकी है। ऐसे में खेल विभाग द्वारा ही वेतन जारी नहीं किया गया। खिलाड़ियों की मदद के लिए उच्च अधिकारियों से बता की है। अधिकारियों ने मदद का आश्वासन दिया है।

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