सब्जी बेचने को मजबूर हैं राष्ट्रीय खिलाड़ी, बॉक्सिंग और तीरंदाजी में नेशनल स्तर पर जीते हैं पदक
- लॉकडाउन में पिता की नौकरी जाने के बाद दोनों भाई पिता के साथ बेच रहे सब्जी
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मूलरूप से गोरखपुर निवासी अच्छे लाल चौहान कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम की कैंटीन में खिलाड़ियों के लिए खाना बनाने का काम करते थे। सालों से कैलाश प्रकाश स्टेडियम में अच्छे लाल चौहान परिवार के साथ रहते हैं।
उनका 18 वर्षीय बेटा सुनील चौहान बॉक्सिंग में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। जबकि दूसरे भाई नीरज चौहान ने जूनियर और सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया है।
नीरज सोनभद्र में हॉस्टल में रहते हैं, लॉकडाउन में घर पर ही आ गए। सुनील चौहान ने बताया रोजगार को लेकर चिंतित हैं, समय मिलता है तो अभ्यास करते हैं। लेकिन वर्तमान का मुश्किल समय कैसे कटेगा, यह सोचकर परेशान रहते हैं।
एडवोकेट रामकुमार ने की मदद
एडवोकेट रामकुमार गुप्ता ने दोनों खिलाड़ियों की 11 हजार रुपये की आर्थिक मदद की। इसके अलावा दोनों खिलाड़ियों की कहानी बताते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करते हुए लोगों से इन खिलाड़ियों की मदद की गुहार भी लगाई।
खेल विभाग ने नहीं जारी किया वेतन
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आले हैदर ने बताया कैंटीन में अस्थायी कर्मचारी कार्य करते हैं। लॉकडाउन में अस्थायी खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति भी अटकी है। ऐसे में खेल विभाग द्वारा ही वेतन जारी नहीं किया गया। खिलाड़ियों की मदद के लिए उच्च अधिकारियों से बता की है। अधिकारियों ने मदद का आश्वासन दिया है।
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