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नकली रोडवेज बसों का संचालन, अफसरों को आज भी नजर नहीं आयी

Fri, 19 Jan 2018 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 19 Jan 2018 11:57 PM IST
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nakli roadways buso ka sanchaalan nazar nahi aaya
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सड़क पर धड़ल्ले से दौड़ रही नकली रोडवेज बसें मीडिया के कैमरों में तो कैप्चर हो रही हैं, लेकिन परिवहन अधिकारियों व ट्रैफिक पुलिस को ये बसें दिखाई नहीं दे रही हैं। रोडवेज के समानांतर चल रहीं ये नकली बसें परिवहन विभाग के राजस्व को चूना लगा रही है। अमर उजाला में खबर छपने के बाद शुक्रवार दोपहर तक इन बसों का संचालन बंद रहा। लेकिन जब पुलिस और प्रशासन के अधिकारी कार्रवाई करने के मूड में नहीं दिखे तो इन बसों के संचालकों ने बसों को दोबारा दौड़ा दिया। रेलवे रोड का चौराहा इन बसों का अवैध अड्डा बन गया है। ये बसे मेरठ से लेकर कौशांबी तक चलती हैं, लेकिन कार्रवाई कहीं नहीं होती। साफ है कि मेरठ से लेकर गाजियाबाद तक हर जगह सेटिंग का खेेल चल रहा है
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डग्गामारों ने अपनी बसों को रोडवेज के रंग में रंगवा रखा है। यात्रियों को धोखा देने के लिए इन नकली बसों पर उत्तर प्रदेश परिवहन की बजाय उत्तर प्रदेश परिहवर जैसे शब्द लिखे गये हैं। बसों पर लगाम लगाने के लिए परिवहन विभाग का दावा है की प्रवर्तन फौज और पुलिस चौराहों पर डटी है, आश्चर्य इस बात का है कि सरेआम संचालन होने के बावजूद भी एक भी नकली रोडवेज तीनों विभाग के अधिकारी नहीं पकड़ सके हैं। अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में नकली बसों को प्रमुखता से छापा। इसके बाद भी परिवहन अधिकारियों और पुलिस ने धरपकड़ नहीं की। शुक्रवार शाम को रेलवे रोड चौराहे के पास केके इंटर कालेज के सामने से इन बसों का संचालन धड़ल्ले से होता दिखा।
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हमें कोई दिक्कत नहीं, बाकी को मैनेज कर लो
बस के स्टाफ का कहना था कि जब अफसरों को कोई दिक्कत नहीं है तो बाकी लोग क्यों चाहते हैं कि नकली रोडवेज बंद हों। बकौल स्टाफ वस संचालकों ने अफसरों से बात की थी। अफसरों ने कहा कि बसें चलने से उनको कोई दिक्कत नहीं है, बाकी लोगों को मैनेेज कर लो। हम तक शिकायत नहीं आनी चाहिए।
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किस परमिट के अंतर्गत चल रही ये बसें
इन बसों के पास किसी भी रूट का परमिट नहीं है तो इनको चलने कैसे दिया जा रहा है। सवाल खडे़ होते हैं कि कार्रवाई के लिए अफसर किसके निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। 

मुख्य सचिव का भी नहीं खौफ
डग्गामारों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि मुख्य सचिव राजीव कुमार के शहर में होने के बाद भी नकली रोडवेज बसें संचालित होती रहीं। अधिकारी पकड़ने के बजाय हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। ये हाल तब है जब डग्गामार बसें राजस्व को क्षति पहुंचाने के अलावा यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। 


बची बसों पर भी होगी कार्रवाई
शुक्रवार को मुख्य सचिव की प्रेस कांफ्रेंस में नकली रोडवेज और डग्गामार बसों का मामला उठाया गया तो वहां मौजूद मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने इसका जवाब दिया। कहा कि काफी बसों को पकड़ा गया है। बाकी बसों को भी जल्द कार्रवाई होगी।


किसकी हैं ये नकली रोडवेज बसें 
यूपी 14 एक्स 9933    जावेद अली
यूपी 14 जीटी 0487    जावेद अली
यूपी 13 एटी 1362    सिराजुद्दीन
यूपी 14 इटी 5865    अब्दुल मजीद
यूपी-78बीटी 2860    काजी नफीस
यूपी-15वाई 9893     अवनीश कुमार चौहान
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