{"_id":"5e52d85c8ebc3ef3e6499915","slug":"nagar-nigam-meerut-failed-in-odf-plus-plus-meerut-news-mrt470513785","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओडीएफ प्लस-प्लस में नगर निगम फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओडीएफ प्लस-प्लस में नगर निगम फेल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर में बनाए गए सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों तथा पेशाबघरों की सफाई एवं संचालन में नगर निगम फेल है। इसका खुलासा केंद्र सरकार की टीम ने सत्यापन रिपोर्ट में किया है। दिसंबर में टीम ने गोपनीय तरीके से शौचालयों का निरीक्षण किया था। इसकी रिपोर्ट अब जारी हो गई है।
नगर निगम ने 300 से अधिक स्थानों पर सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों तथा पेशाबघरों का निर्माण कराया था। जिससे जनता को खुले में शौच क्रिया न करनी पड़े और शहर में स्वच्छता बनी रहे। शौचालयों और पेशाबघरों पर नगर निगम ने लाखों का बजट खर्च किया। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन शौचालय संचालन की जिम्मेदारी भूल गया। अमर उजाला ने बीते नवंबर में नगर निगम प्रशासन को जगाने का प्रयास किया था। इसके बाद नगरायुक्त ने नगर स्वास्थ्य विभाग और निर्माण विभाग को शौचालय संचालन शुरू कराने के निर्देश दिए थे। पहले तो जिम्मेदारी को लेकर निगम के विभागीय अधिकारी आपस में उलझते रहे। केंद्र सरकार की ओडीएफ प्लस-प्लस की टीम के मेरठ पहुंचने की सूचना मिली तो कागजों में कुछ कर्मचारी शौचालयों पर लगाए गए। इसी बीच केंद्र सरकार की टीम ने शहर में शौचालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। उसे रिठानी, जयभीमनगर और जयदेवी नगर क्षेत्र के शौचालयों की स्थिति बेहद खराब मिली। इसके आधार पर सरकार की टीम ने परिणाम घोषित किया है। विभागीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि अब नगर निगम के अधिकारी एक-दूसरे के सिर ठीकरा फोड़ रहे हैं।
विज्ञापन
नगर निगम ने 300 से अधिक स्थानों पर सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों तथा पेशाबघरों का निर्माण कराया था। जिससे जनता को खुले में शौच क्रिया न करनी पड़े और शहर में स्वच्छता बनी रहे। शौचालयों और पेशाबघरों पर नगर निगम ने लाखों का बजट खर्च किया। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन शौचालय संचालन की जिम्मेदारी भूल गया। अमर उजाला ने बीते नवंबर में नगर निगम प्रशासन को जगाने का प्रयास किया था। इसके बाद नगरायुक्त ने नगर स्वास्थ्य विभाग और निर्माण विभाग को शौचालय संचालन शुरू कराने के निर्देश दिए थे। पहले तो जिम्मेदारी को लेकर निगम के विभागीय अधिकारी आपस में उलझते रहे। केंद्र सरकार की ओडीएफ प्लस-प्लस की टीम के मेरठ पहुंचने की सूचना मिली तो कागजों में कुछ कर्मचारी शौचालयों पर लगाए गए। इसी बीच केंद्र सरकार की टीम ने शहर में शौचालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। उसे रिठानी, जयभीमनगर और जयदेवी नगर क्षेत्र के शौचालयों की स्थिति बेहद खराब मिली। इसके आधार पर सरकार की टीम ने परिणाम घोषित किया है। विभागीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि अब नगर निगम के अधिकारी एक-दूसरे के सिर ठीकरा फोड़ रहे हैं।
विज्ञापन