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नगर निगम कर्मचारी और पार्षद आमने-सामने
amarujala
Updated Thu, 20 Sep 2018 01:50 AM IST
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meerut
- फोटो : meerut
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नगर निगम कार्यकारिणी बैठक के दौरान पार्षद और कर्मचारी नेताओं के बीच उपजे विवाद का अभी तक अंत नहीं हो पाया है। एक ओर कर्मचारी नगर निगम में धरने पर बैठे हैं, वहीं पार्षद की शिकायत पर पुलिस जांच कर रही है। हालांकि नगर निगम कर्मचारियों की शिकायत पर नगरायुक्त ने भी जांच कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन बुधवार तक जांच शुरू नहीं हो पाई। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, उनका धरना जारी रहेगा।
कार्यकारिणी बैठक में पार्षद सविता गुर्जर ने कर्मचारी नेता पर एक ही सीट पर जमे रहने और शीघ्र ही पटल परिवर्तन करने का प्रस्ताव रखा था। इसके विरोध में नगर निगम के कर्मचारी धरने पर उतर आए। तीन दिन तक नगर निगम में ताला भी लटका रहा। नगरायुक्त मनोज चौहान के आश्वासन पर कर्मचारियों ने तालाबंदी वापस ले ली। लेकिन कर्मचारी लगातार धरने पर बैठे हैं। कर्मचारी नेता लोकेश शर्मा ने कहा कि नगरायुक्त हमारे विभाग के मुखिया हैं। उन्होंने हमेें आश्वासन दिया था कि 24 घंटे में अपर नगरायुक्त जांच पूरी करके रिपोर्ट जारी करेंगे। लेकिन अभी तक जांच शुरू नहीं हो पाई है। जब तक जांच पूरी नहीं होती है धरना चलता रहेगा। उधर सविता गुर्जर का कहना है कि उन्होंने सदन में शासनादेश के अनुपालन की बात कही थी। हमने पुलिस के आला अधिकारियों को अपनी बात बता दी है। जांच की जा रही है। हमें अधिकारियों से न्याय की पूरी उम्मीद है।
कार्यकारिणी बैठक में पार्षद सविता गुर्जर ने कर्मचारी नेता पर एक ही सीट पर जमे रहने और शीघ्र ही पटल परिवर्तन करने का प्रस्ताव रखा था। इसके विरोध में नगर निगम के कर्मचारी धरने पर उतर आए। तीन दिन तक नगर निगम में ताला भी लटका रहा। नगरायुक्त मनोज चौहान के आश्वासन पर कर्मचारियों ने तालाबंदी वापस ले ली। लेकिन कर्मचारी लगातार धरने पर बैठे हैं। कर्मचारी नेता लोकेश शर्मा ने कहा कि नगरायुक्त हमारे विभाग के मुखिया हैं। उन्होंने हमेें आश्वासन दिया था कि 24 घंटे में अपर नगरायुक्त जांच पूरी करके रिपोर्ट जारी करेंगे। लेकिन अभी तक जांच शुरू नहीं हो पाई है। जब तक जांच पूरी नहीं होती है धरना चलता रहेगा। उधर सविता गुर्जर का कहना है कि उन्होंने सदन में शासनादेश के अनुपालन की बात कही थी। हमने पुलिस के आला अधिकारियों को अपनी बात बता दी है। जांच की जा रही है। हमें अधिकारियों से न्याय की पूरी उम्मीद है।
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