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नई शिक्षा नीति में इंडस्ट्रीज की मांग के मुताबिक शुरू होंगे नए कोर्स
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नई शिक्षा नीति में इंडस्ट्रीज की मांग के मुताबिक शुरू होंगे नए कोर्स
- सीसीएसयू में नीति आयोग और भारतीय शिक्षण मंडल की तरफ से हुई वेब गोष्ठी
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नई शिक्षा नीति में मातृभाषा पर जोर दिया गया है। अगर गणित, विज्ञान जैसे विषयों को बच्चे अपनी मातृभाषा में पढ़ेंगे तो जल्दी सीखेंगे। नई शिक्षा नीति में आसपास की इंडस्ट्रीज की मांग के हिसाब से नए पाठ्यक्रम बनाकर छात्रों को इसके लिए शिक्षित करें। ये बात बुधवार को सीसीएसयू में नीति आयोग और भारतीय शिक्षण मंडल की तरफ से हुई वेब गोष्ठी में मुख्य वक्ता केंद्रीय ट्राईबल विश्वविद्यालय आंध्र प्रदेश के कुलपति और राष्ट्रीय शिक्षा नीति की ड्राफ्ट कमेटी के सदस्य प्रोफेसर टीवी कट्टीमनी ने कही।
शोध संस्थान जलगांव महाराष्ट्र की प्रो. गीता धर्मपाल ने कहा कि हमारी पहले की शिक्षा बहुत उन्नत थी, उसमें किसी तरह की कोई कमी नहीं थी। कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने कहा कि विवि में कॉमन मिनिमम सिलेबस तैयार होने के बाद लागू किया जाएगा। नई शिक्षा नीति के तहत इंडस्ट्रीज के हिसाब से नए कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। विवि में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फूड टेक्नोलॉजी, डाटा साइंस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे कोर्स भी शुरू होंगे। प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला ने कहा कि विदेशी शिक्षा की जगह पर हमें अपनी भाषा और परंपरा को लेकर शिक्षा ग्रहण करना होगा। डॉ. दर्शन लाल अरोड़ा ने कहा कि शोध ऐसा होना चाहिए जो समाज के लिए हितकारी हो। गोष्ठी में समन्वयक भारतीय शिक्षण मंडल, मेरठ प्रांत के उपाध्यक्ष प्रोफेसर प्रदीप कुमार शर्मा और संयोजक राजनीति विज्ञान विभाग के राजेंद्र पांडे रहे।
शिक्षकों के लिए ऑनलाइन रिफ्रेशर कोर्स
नई शिक्षा नीति के लागू किए जाने को लेकर बृहस्पतिवार से ऑनलाइन रिफ्रेशर कोर्स की शुरुआत होगी। सभी शिक्षकों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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एमए उर्दू और एमएससी बायो टेक्नोलॉजी की विषय कोड पुस्तिका जारी
मेरठ। कैंपस एमए उर्दू और एमएससी बायो टेक्नोलॉजी के संशोधित विषय काड की पुस्तिका विवि की वेबसाइट पर अपलोड की गई है। छात्राएं विवि की वेबसाइट 222.ष्ष्ह्यह्व.ड्डष्.द्बठ्ठ पूरी जानकारी कर सकते हैं।
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- सीसीएसयू में नीति आयोग और भारतीय शिक्षण मंडल की तरफ से हुई वेब गोष्ठी
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नई शिक्षा नीति में मातृभाषा पर जोर दिया गया है। अगर गणित, विज्ञान जैसे विषयों को बच्चे अपनी मातृभाषा में पढ़ेंगे तो जल्दी सीखेंगे। नई शिक्षा नीति में आसपास की इंडस्ट्रीज की मांग के हिसाब से नए पाठ्यक्रम बनाकर छात्रों को इसके लिए शिक्षित करें। ये बात बुधवार को सीसीएसयू में नीति आयोग और भारतीय शिक्षण मंडल की तरफ से हुई वेब गोष्ठी में मुख्य वक्ता केंद्रीय ट्राईबल विश्वविद्यालय आंध्र प्रदेश के कुलपति और राष्ट्रीय शिक्षा नीति की ड्राफ्ट कमेटी के सदस्य प्रोफेसर टीवी कट्टीमनी ने कही।
शोध संस्थान जलगांव महाराष्ट्र की प्रो. गीता धर्मपाल ने कहा कि हमारी पहले की शिक्षा बहुत उन्नत थी, उसमें किसी तरह की कोई कमी नहीं थी। कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने कहा कि विवि में कॉमन मिनिमम सिलेबस तैयार होने के बाद लागू किया जाएगा। नई शिक्षा नीति के तहत इंडस्ट्रीज के हिसाब से नए कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। विवि में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फूड टेक्नोलॉजी, डाटा साइंस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे कोर्स भी शुरू होंगे। प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला ने कहा कि विदेशी शिक्षा की जगह पर हमें अपनी भाषा और परंपरा को लेकर शिक्षा ग्रहण करना होगा। डॉ. दर्शन लाल अरोड़ा ने कहा कि शोध ऐसा होना चाहिए जो समाज के लिए हितकारी हो। गोष्ठी में समन्वयक भारतीय शिक्षण मंडल, मेरठ प्रांत के उपाध्यक्ष प्रोफेसर प्रदीप कुमार शर्मा और संयोजक राजनीति विज्ञान विभाग के राजेंद्र पांडे रहे।
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शिक्षकों के लिए ऑनलाइन रिफ्रेशर कोर्स
नई शिक्षा नीति के लागू किए जाने को लेकर बृहस्पतिवार से ऑनलाइन रिफ्रेशर कोर्स की शुरुआत होगी। सभी शिक्षकों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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एमए उर्दू और एमएससी बायो टेक्नोलॉजी की विषय कोड पुस्तिका जारी
मेरठ। कैंपस एमए उर्दू और एमएससी बायो टेक्नोलॉजी के संशोधित विषय काड की पुस्तिका विवि की वेबसाइट पर अपलोड की गई है। छात्राएं विवि की वेबसाइट 222.ष्ष्ह्यह्व.ड्डष्.द्बठ्ठ पूरी जानकारी कर सकते हैं।