मेरठ में बड़े खेल का पर्दाफाश: पुलिस को देख भागे आरोपी, वजाहत समेत तीन अरेस्ट, बेचते थे नकली सप्लीमेंट प्रोटीन
मेरठ में बड़े खेल का पर्दाफाश : छापा पड़ा तो कई आरोपी पुलिस को देखती ही भाग निकले। पुलिस ने मौके से वजाहत राणा समेत तीन आरोपियों को दबोच लिया। ये आरोपी नामचीन कंपनी के नाम पर नकली सप्लीमेंट प्रोटीन बेचते थे।
विस्तार
मेरठ में पुलिस ने बृहस्पतिवार रात लिसाड़ीगेट के इस्लामाबाद स्थित रहमतपुरा में एक फैक्टरी का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने वजाहत राणा के मकान पर दबिश देकर नामचीन कंपनी का नकली सप्लीमेंट प्रोटीन बनाने की फैक्टरी पर्दाफाश किया है। वहीं पुलिस ने मौके से वजाहत राणा, उसके भाई ईशान राणा और श्याम नगर निवासी अमन राणा को गिरफ्तार किया है।
बताया गया कि पुलिस को देखकर आधा दर्जन से ज्यादा लोग मौके से फरार हो गए। नकली प्रोटीन के डिब्बे, रेपर और माल बरामद किया गया है। बरामद प्रोटीन की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
लिसाड़ीगेट थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि इस्लामाबाद इलाके में नकली प्रोटीन सप्लीमेंट पाउडर बनाए जाने की सूचना मिल रही थी। टीम ने घेराबंदी करके रहमतपुरा में प्रोटीन बनाने वाले वजाहत राणा, ईशान राणा के मकान पर छापा मारा। पुलिस को देखकर उसके आधा दर्जन से ज्यादा साथी फरार हो गए। उनके बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। पुलिस की पूछताछ में वजाहत राणा ने बताया कि तीन साल से मकान में नकली प्रोटीन तैयार कर रहे थे।
आरोपी अमन राणा ने पुलिस को बताया कि शहर की अधिकतर दुकानों पर वह माल सप्लाई करता है। इसके अलावा आसपास के जिलों में भी माल भेजा जा रहा था। सीओ कोतवाली अमित कुमार राय ने बताया कि उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। बरामद माल की कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है।
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पुलिस चौकी के पास तीन साल से चल रही थी फैक्टरी
इस्लामाबाद पुलिस चौकी से चंद कदम की दूरी पर नकली प्रोटीन पाउडर बनाने की फैक्टरी चल रही थी। जिसकी पुलिस को भनक नहीं लगी। तीन साल से अमन नकली पाउडर बाजार में बेच रहा था। पुलिस चौकी की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। एसपी सिटी पीयूष सिंह का कहना है कि पुलिस कर्मियों की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कंकरखेड़ा-खैरनगर में पकड़ा गया था एक करोड़ का फूड सप्लीमेंट
अगस्त 2022 में कंकरखेड़ा में शाहरुख के मकान पर छापा मारकर बड़ी कार्रवाई की गई थी। पुलिस ने मौके से नकली फूड सप्लीमेंट, प्रोटीन, कैप्सूल और मकान के तहखाने से 42 लाख 39 हजार रुपये बरामद किए थे। यहां से छह दुकानदार गिरफ्तार किए गए थे। खैरनगर में सबसे ज्यादा प्रोटीन का बाजार है। जहां से मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, बागपत, बिजनौर, शामली और दूसरे राज्य में प्रोटीन सप्लाई हो रहा था।
जान से हो रहा खिलवाड़
शहर में कई जगहों पर नकली प्रोटीन खुलेआम बेचा जा रहा है। यह ब्रांडेड प्रोटीन से काफी सस्ता मिलता है, जिसे खाकर युवक बीमार तक पड़ जाते हैं। कई बार पहले भी ऐसे प्रोटीन बनाने वाले पकड़े जा चुके हैं, लेकिन उन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। बताया जा रहा है कि बड़े जिम वाले तो असली प्रोटीन ही देते हैं, लेकिन छोटे जिम संचालक और दुकानदार लालच के चक्कर में पड़ जाते हैं। बाजार में करीब 60 प्रतिशत तक माल नकली बेचा जा रहा है।
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पहले भी पकड़े गए मामले
19 मार्च, 2021 - पंजाब पुलिस ने स्थानीय ड्रग्स विभाग की मदद से परतापुर इलाके में छापा मारकर नशीली दवाइयों के काले कारोबार का भंडाफोड़ किया था।
30 जुलाई, 2020 - खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) और पुलिस की संयुक्त टीम ने लिसाड़ी गेट में एक साथ तीन स्थानों पर छापा मारकर 25 लाख की नकली दवाइयां व प्रोटीन पाउडर बरामद किया था।
26 अगस्त, 2019 - ब्रह्मपुरी पुलिस ने माधवपुरम सेक्टर-4 में छापा मारकर नकली प्रोटीन सप्लीमेंट की फैक्टरी पकड़ी थी।
27 फरवरी, 2015 - खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मोहकमपुर क्षेत्र में एक कंपनी पर छापा मारकर नकली पाउडर का जखीरा पकड़ा था।