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मुजफ्फरनगर दंगा : भाजपा विधायक संगीत सोम पर सांप्रदयिक उन्माद फैलाने के मामले में अदालत ने बंद की फाइल, ये था पूरा मामला

Tue, 09 Mar 2021 03:27 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 09 Mar 2021 03:27 PM IST
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Muzaffarnagar riots: court accepts SIT closure report against Sangeet Som
भाजपा विधायक संगीत सोम- File photo - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में वर्ष 2013 में सांप्रदायिक दंगे के पहले सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो अपलोड करने के मामले में एक विशेष अदालत ने भाजपा विधायक संगीत सोम के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) की ‘क्लोजर रिपोर्ट’ स्वीकार ली है।

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विशेष न्यायाधीश राम सुध सिंह ने सोमवार को जारी आदेश में एसआईटी की ‘क्लोजर रिपोर्ट’ स्वीकार करते हुए कहा कि मामले में शिकायतकर्ता निरीक्षक सुबोध कुमार की मौत हो गई और क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ आपत्ति नहीं दाखिल की गई। वर्ष 2018 में बुलंदशहर में गोकशी के आरोपों के बाद भीड़ की हिंसा के दौरान कुमार की मौत हो गई थी।
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अभियोजन के मुताबिक एसआईटी ने अदालत में एक क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर कहा कि सरधना के विधायक सोम के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला।

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अभियोजन ने कहा कि जांच के दौरान एसआईटी ने सीबीआई के जरिए अमेरिका में फेसबुक मुख्यालय से सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो अपलोड करने वाले लोगों के विवरण मांगे थे।

पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (जालसाजी), 153 ए (समूहों के बीच रंजिश फैलाने) और 120 बी (आपराधिक साजिश) तथा सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 66 के तहत सोम और करीब 200 अन्य लोगों के खिलाफ फेसबुक पर अपलोड वीडियो को लाइक करने के लिए दो सितंबर 2013 को मामला दर्ज किया था।

आरोपियों पर दो युवकों की हत्या से जुड़े वीडियो को प्रसारित करने का आरोप लगाया गया जिसके कारण जिले में सांप्रदायिक तनाव फैला था। छानबीन के दौरान पाया गया कि वीडियो पुराना था और यह अफगानिस्तान या पाकिस्तान का था।

वर्ष 2013 में मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाके में दंगों में 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और 40,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हुए थे।

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