Muzaffarnagar: गुड़ ने कीमतों के मामले में चीनी को पीछे छोड़ा, देश-विदेश तक है जिले के गुड़ की मांग
इस सत्र में ऐसा पहली बार हुआ है कि गुड़ ने चीनी को पछाड़ दिया है।
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प्राइसवार में गुड़ चीनी से आगे निकल गया है। एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी में गुड़ का थोक भाव 4500 रुपये क्विटंल पहुंच गया है, जबकि चीनी का थोक मूल्य 3850 रुपये क्विंटल चल रहा है। इस सत्र में ऐसा पहली बार हुआ है कि गुड़ ने चीनी को पछाड़ दिया है।
90 प्रतिशत जमीन पर गन्ने का उत्पादन होने के कारण मुजफ्फरनगर को चीनी का कटोरा कहा जाता है। यहां आठ चीनी मिलों में चीनी बनती है और जिले में चीनी का उत्पादन इस बार दस करोड़ क्विंटल हुआ है। वहीं एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी मुजफ्फरनगर में है। गुड़ मंडी में सीजन के दौरान गुड़ की खरीद कर शीतगृहों में उसका भंडारण किया जाता है। गुड़ मंडी में लगभग 12 लाख गुड़ के कट्टों का भंडारण हो चुका है।
नवीन मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय मित्तल का कहना है कि अच्छा गुड़ 1840 रुपये का 40 किलो बिक गया है। मंडी में अच्छे गुड़ के दाम 4500 रुपये क्विंटल है। सामान्य गुड़ 4200 रुपये क्विंटल बिक रहा है। बाजार में गुड़ की अच्छी मांग है।
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पूरे देश में है मुजफ्फरनगर के गुड़ की मांग
मुजफ्फरनगर के गुड़ की मांग पूरे देश में है। विदेशों में भी यहां का गुड़ जाता है। एक जनपद एक उत्पाद में गुड़ शामिल है। यहां के गुड़ की सबसे ज्यादा खपत राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में है। इसके अलावा सभी राज्यों में गुड़ जाता है।
चिकित्सक भी दे रहे गुड़ खाने की सलाह
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुशील राजवंशी का कहना है कि चीनी में अत्यधिक केमिकल प्रयोग होते हैं, जो शरीर के लिए हानिकारक हैं। गुड़ और खांड बिना मसाले के हैं तो वह शरीर के लिए गुणकारी हैं। गुड़ के सेवन से शुगर की बीमारी का खतरा कम हो जाता है। गुड़ का सेवन शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है।