मुजफ्फरनगर में फिर बवाल, घर में घुसकर लगाई आग, अफसर तैनात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर में मंगलवार को फिर से बवाल हो गया। नसीरपुर गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब कुछ खुराफातियों ने आरोपी शहजाद के घर में घुसकर आग लगा दी। आग लगने से घर में खड़ा ट्रैक्टर धूं-धूं कर जलने लगा। आगजनी से गांव में मौजूद पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया। कई सीओ ने खुद ही पानी डालकर आग को बुझाया। इसके बाद अफसरों ने आरोपी के घर की सुरक्षा को लेकर उसके बाहर काफी संख्या में सिपाहियों की तैनाती कर दी। आगजनी से गांव का माहौल एकदम तनावपूर्ण बन गया। अभी भी गांव में आला अफसर समेत भारी संख्या में पुलिसफोर्स तैनात है।
मुजफ्फरनगर में नसीरपुर गांव के हालात तनावपूर्ण बने हुए है। देर रात गोली लगने से मारे गए युवक आकाश का शव दोपहर बाद जैसे ही गांव में पहुंचा तो गांव में तनाव के हालात बन गए। परिजनों और ग्रामीणों ने शव को घर के भीतर रखकर आक्रोश व्यक्त करते हुए डीएम को बुलाने की मांग रख दी। इस दौरान वहां मौजूद पुलिस अफसर पीड़ित परिवार की खुशामद में जुट गए और शव का दाह संस्कार करने के लिए कहने लगे। इससे पूर्व सुबह डीआईजी ने गांव में पहुंचकर पीड़ित परिवार से बातचीत की। शाम के समय गांव में पहुंचे भाजपा विधायकों को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। देर शाम भारी फोर्स की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। प्रशासन ने मुख्यमंत्री कोटे से पीड़ित परिवार को पांच लाख का मुआवजा दिलाने की घोषण की।
कल रात भी हुआ था बवाल
नई मंडी कोतवाली के नसीरपुर गांव में सोमवार देर रात ब्रजपाल और शहजाद पक्ष के बीच नाली में गिरने वाले पानी को लेकर विवाद हो गया था। जिम्मेदार लोगों की मौजूदगी में मामले में एक दिन बाद पाइप में टी लगवाने की बात तय होने पर फैसला हो गया था। देर रात शहजाद पक्ष ने ब्रजपाल पक्ष पर हमला बोल दिया इस दौरान आरोपी पक्ष ने पथराव के बाद फायरिंग करनी शुरू कर दी। गोली चलने से एक गोली ब्रजपाल के पुत्र आकाश 22 को जा लगी, जिसके चलते मेरठ में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना से गांव में सांप्रदायिक तनाव बन गया। एसएसपी अनंत देव कई थानों का फोर्स लेकर गांव में पहुंचे थे। आकाश की मौत का सामाचार मिलते ही गांव में हालात और ज्यादा विकट हो गए। ग्रामीणों का गुस्सा उबाल पर आ गया। बिगड़े हालात को देखते हुए पूरे जनपद का फोर्स गांव में लगा दिया गया। मंगलवार सुबह डीआईजी के सुनील एम्युनल ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से बातचीत कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस ने मामले में शहजाद पक्ष के छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी है। आकाश का मेरठ में ही पोस्टमार्टम कराया गया। दोपहर बाद जैसे ही शव गांव में पहुंचा तो ग्रामीणों के गुस्से से हालात और ज्यादा विस्फोटक हो गए। सांत्वना देने पहुंचे भाजपा विधायकों को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। परिजनों ने शव घर के भीतर रखकर मुआवजा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर दाह-संस्कार करने से इंकार कर दिया तथा साथ ही लोग डीएम को बुलाने की मांग पर अड़ गए। मामले का पता चलने पर पुलिस अफसर पीड़ित परिवार की खुशामद करने पर जुट गए। बाद में अफसरों द्वारा पांच लाख का चेक दो दिन के भीतर, सरकारी विभाग में वेकेंसी निकलने पर परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी और डीएम से संस्तुति कराने के बाद दस लाख का अलग से मुआवजा दिलाने की घोषणा की। देर शाम भारी फोर्स की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरों को पढ़ने के लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/