मुजफ्फरनगर : हमीरपुर की दो युवतियों के धर्मांतरण पर भड़के भाजपा कार्यकर्ता, थाने पर प्रदर्शन, कई हिरासत में
इस मामले में मुख्य आरोपी वसीम कपड़ों की फेरी लगाता है। वही उसे हमीरपुर से लेकर आया था और यहां लाकर गत वर्ष 20 जनवरी को उसका धर्मांतरण कराकर निकाह कर लिया।
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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हमीरपुर से अपह्त दो युवतियों का खतौली में धर्मांतरण कराए जाने की जानकारी पर भाजपा व हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने बुधवार को थाने पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद पुलिस ने दोनों युवतियों को बरामद कर लिया है। एक महिला की सास सहित कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। हमीरपुर पुलिस को भी मामले की सूचना दे दी गई है।
दोनों युवतियां जिला हमीरपुर के राहट कसबे की रहने वाली हैं और वहां पर इनके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज है। इनमें से एक युवती ने दस दिन पूर्व मूल निवास प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया। महिला सभासद अनीता रानी की संस्तुति पर तहसील से 15 जून को युवती का मूल निवास प्रमाणपत्र जारी कर दिया। इसी दौरान सभासद ने संदेह होने पर इसकी जानकारी अपने पति को दी और युवती का आधार कार्ड मंगवाया तो वह फर्जी निकला।
मोहल्ले के लोगों ने आरोपी के भाई से पूछताछ की तो धर्मांतरण के मामले का खुलासा हुआ। इस मामले में मुख्य आरोपी वसीम कपड़ों की फेरी लगाता है। वही उसे हमीरपुर से लेकर आया था और यहां लाकर गत वर्ष 20 जनवरी को उसका धर्मांतरण कराकर निकाह कर लिया।
पुलिस ने युवती को बरामद कर आरोपी की मां व भाई को हिरासत में ले लिया। सीओ खतौली राकेश सिंह ने बताया कि युवती से पूछताछ में पता चला कि हमीरपुर से ही एक अन्य युवती को नई आबादी में रहमान पठान के घर रखा गया है। पुलिस ने उसे भी बरामद कर लिया गया।
हमीरपुर से अपहरण कर लाईं गईं युवतियों का धर्मांतरण के बाद निकाह कराने के मामले से भाजपा व हिंदूवादी संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं आक्रोश व्याप्त है। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर थाने में प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि आरोपी वसीम इससे पहले भी गांव शेखपुरा निवासी युवती को बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले गया था।
अब फिर से आरोपी ने एक हिंदू युवती के अपहरण, धर्मांतरण व निकाह का मामला सामने आने के बाद लोग आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मामले का खुलासा होने से तीन दिन पूर्व ही आरोपी कपड़ों की फेरी लगाने के लिए जम्मू रवाना हो गया है, जिसके चलते वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा।
थाने में प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोपियों व उनके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान मदन छाबड़ा, मोनू मंगवानी, गुरूदत्त अरोरा, विवेक रहेजा, प्रवीण ठकराल, संजय भुर्जी, सरदार लखवीर सिंह, प्रवीण ठकराल, पुनीत अरोरा, गौरव नारंग, दीपक जैन, श्याम रहेजा, नरेंद्र कुमार, ममता त्यागी, दीपा त्यागी, अंजेश और वीरेंद्र आदि मौजूद रहे।