अपराजिता: हर घर की दहलीज तक जाएगी मुहिम, तिरंगा गीत से दिया देशप्रेम का संदेश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला फाउंडेशन की अनूठी पहल अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के अभियान में विबग्योर स्कूल में छात्राओं ने आधी आबादी के लिए समाज में सकारात्मक माहौल बनाने का संकल्प लिया। मां तुझे सलाम सामूहिक गीत से बेटियों ने तिरंगे की शान के लिए देशप्रेम का संदेश दिया। संस्था निदेशक निशा त्यागी ने कहा कि महिला हिंसा के खिलाफ अपराजिता की आवाज हर घर की दहलीज तक जाएगी।
रुड़की रोड स्थित विबग्योर स्कूल में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन से हुआ। नूपुर, अंशिका, मेहनूर, वाणी और अदिति ने स्वागत गान प्रस्तुत किया। छात्राओं ने गीत, नाटिका, कविता के माध्यम से सृष्टि अस्तित्व में नारी की महत्ता बताई। सामूहिक गीत में मरियम, खुशी, वंशिका, इशिका, कनक, शगुन ने देशभक्ति का जोश भरा।
अपराजिता मुहिम के संदर्भ में छात्राओं को विस्तृत जानकारी दी गई। निदेशक निशा त्यागी ने कहा कि समाज में ऐसी सोच बननी चाहिए, जिसमें बेटे और बेटियों को समान दृष्टि से पालन-पोषण और प्रोत्साहन मिले। परिवार से ही पहल होगी, तभी लड़कियों और महिलाओं के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार होगा।
प्रधानाचार्या अनुराधा शर्मा ने बताया कि शोषण, उत्पीड़न के मामलों में बेटियां चुप्पी न रखें। अपने साथ हो रही घटना से मां, पिता और परिजन को तुरंत अवगत कराएं। पहले घर, फिर आसपड़ोस में एक साझा मंच तैयार करें, जिसमें बेटियां और महिलाएं अपने हक, सुरक्षा और सम्मान की बात निर्भीक होकर रख सकें।
छात्रा कंगना ने कन्या भ्रूण हत्या की बात रखी। साथ ही कहा कि बदलाव हुआ है, लेकिन अभी भी कठोर कानून को लागू करने की जरूरत है। अंजलि ने निरक्षर महिलाओं को इस मुहिम से जोड़ने का आग्रह किया। छात्राओं ने कहा कि नो साइलेंस, नो वॉयलेंस के बाद ही बेटियों के चेहरों पर सच्ची मुस्कान आएगी। कार्यक्रम में शिक्षक शिवकुमार, आयुष और सुरेंद्र कुमार का सहयोग रहा।
शिक्षिकाओं और छात्राओं ने भरे शपथपत्र
नारी गरिमा के मूल्यों, आदर्शों की जनजागरूकता के लिए शिक्षिकाओं और छात्राओं ने शपथपत्र भरे। सौ से अधिक बेटियों ने प्रपत्र भर मुहिम से जुड़ने का संकल्प लिया। अध्यापिका नेहा शर्मा, अदिति, सोनम, नूपुर, शिवानी, साक्षी, फरहाना, स्वाति, कविता, स्वाति चौधरी और आंचल ने भी ठाना कि महिला अपराध के विरुद्ध आत्मविश्वास से लड़ेंगी।
अपराजिता कार्यक्रम से नया हौसला मिला है। बेटियों को अपने अधिकारों और कानून की जानकारी से उनका जीवन निखरेगा।
- अंशिका
इस अभियान में जो जानकारी मिली है, उसे परिवार की महिलाओं को अवगत कराएंगे। सार्वजनिक स्थानों पर लड़कियां बेहिचक तभी जा पाएंगी, जब उनमें आत्मविश्वास होगा। - अंजलि
अपने परिश्रम और लगन से बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, फिर भेदभाव क्यों? समाज की सोच बदलेगी, तभी महिलाएं और आगे बढ़ेंगी। - शगुन
महिला हिंसा या उत्पीड़न के मामलों में अक्सर देखा गया है कि महिलाओं की ही भागीदारी होती है। यह बहुत गलत है। कम से कम नारी एक-दूसरे का दर्द समझें। - नेहा
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/