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Meerut News: गैस की किल्लत के बीच आपसी सहयोग बन रहा बड़ी ताकत

Tue, 24 Mar 2026 08:32 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 24 Mar 2026 08:32 PM IST
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Mutual cooperation is becoming a major strength amid gas shortage
- सामाजिक व धार्मिक आयोजनों में सिलिंडर जुटाना बन गया चुनौती
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। पश्चिम एशिया के संघर्ष का असर स्थानीय स्तर पर भी दिखने लगा है। गैस की किल्लत ने सामाजिक और धार्मिक आयोजनों की तैयारियों को प्रभावित कर दिया है। शादी-विवाह और भंडारों जैसे कार्यक्रमों के लिए सिलिंडर जुटाना आयोजकों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
स्थिति यह है कि गांव से लेकर कस्बों तक लोग घरेलू गैस का कम उपयोग करने वालों की तलाश कर रहे हैं और उनसे सिलिंडर उधार ले रहे हैं। कई जगहों पर तो सिलिंडर उपलब्ध कराने वाले लोगों को विशेष रूप से निमंत्रण भी दिया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि बड़े कार्यक्रमों में भोजन व्यवस्था के लिए कई सिलिंडरों की जरूरत पड़ती है, ऐसे में मौजूदा हालात ने व्यवस्था को कठिन बना दिया है। पहले जहां व्यावसायिक और घरेलू दोनों प्रकार के सिलिंडर आसानी से मिल जाते थे, वहीं अब इनकी उपलब्धता सीमित हो गई है। इसके चलते आयोजकों को घरेलू सिलिंडरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
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कस्बे के रणबीर सिंह ने बताया कि वह एक विवाह समारोह की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने के कारण उन्हें पड़ोसियों और रिश्तेदारों से मदद लेनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों से उनके गैस कनेक्शन की पासबुक लेकर समय पर बुकिंग भी कराई गई है।
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सुंदर, पंकज चौधरी, हरविंद्र, गोपाल शर्मा आदि ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सामाजिक और धार्मिक आयोजन सामूहिक परंपरा का हिस्सा होते हैं, जहां हर व्यक्ति सहयोग के लिए आगे आता है। वर्तमान में गैस की किल्लत के बीच यही आपसी सहयोग आयोजनों की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रहा है।



भंडारे के लिए भी नहीं मिल रहे सिलिंडर

प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि 27 मार्च को मंदिर में भंडारे का आयोजन प्रस्तावित है, लेकिन इस बार सिलिंडर की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है। पहले आसानी से गैस मिल जाती थी। अब कई जगह प्रयास करने के बाद भी पर्याप्त सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। गैस की किल्लत ने सामाजिक और धार्मिक आयोजनों की रौनक पर असर डाला है लेकिन लोगों के सहयोग और आपसी समन्वय से व्यवस्थाएं किसी तरह संभाली जा रही हैं।
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