शाहीन बाग की राह पर देवबंद.., सीएए के विरोध में रातभर चले महिलाओं के धरने ने उड़ाई अफसरों की नींद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीएए और एनआरसी के विरोध में अब उत्तर प्रदेश का देवबंद शाहीन बाग बनने की राह पर है। यहां सीएए और संभावित एनआरसी के मुद्दे पर महिलाएं बच्चों सहित रात भर ईदगाह मैदान पर धरने में जुटी रहीं।
मंगलवार सुबह को भी महिलाएं धरनास्थल से नहीं हटीं। दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर हो रहे महिलाओं के इस प्रदर्शन ने देवबंद प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
सर्दी और बारिश के बावजूद लेकर रहेंगे आजादी, सीएए से आजादी, एनआरसी से आजादी जैसे नारों के साथ धरना स्थल पर ही मौजूद रहीं। रात भर एसपी देहात विद्या सागर मिश्र से लेकर अन्य अफसर इस प्रयास में रहे कि लोग धरने से हट जाएं। मगर अधिकारी किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने से झिझकते रहे।
तिरंगे के साथ डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान का हवाला देते हुए धरनारत महिलाओं ने कहा कि वे अपने हक के लिए यहां एकजुट हैं। सरकार उन्हें भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। वे भ्रमित होने वाले नहीं हैं। ऐसे मौसम में बच्चों को धरने पर लाने के बारे में महिलाओं ने कहा कि खुदा का जब तक करम है, तब तक उन्हें कुछ नहीं होने वाला है।
एसएसपी दिनेश कुमार पी ने एसपी देहात विद्या सागर मिश्र से वहां के हालात पर नजर रखने को कहा है। महिलाओं के धरने में काफी संख्या में होने के कारण पुलिस भी किसी तरह की कार्रवाई से बच रही है।
धरने पर बैठीं महिलाओं और बच्चों के लिए यहीं पर खाने के इंतजाम किए गए हैं। महिलाओं ने कहा कि जब वे घर में बच्चों के लिए खाना बना सकती हैं तो फिर यहां क्यों नहीं।
बताया गया कि क्षेत्र के ही कुछ लोग खाने पीने से लेकर अन्य तरह की मदद में सहयोग कर रहे हैं।