{"_id":"611acd968ebc3e42fd4c51d6","slug":"murderer-of-two-daughters-arressted-meerut-news-mrt55209898","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो बच्चियों की जान लेने वाला पिता गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो बच्चियों की जान लेने वाला पिता गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो बच्चियों की जान लेने वाला पिता गिरफ्तार
मोदीपुरम (मेरठ)। कंकरखेड़ा क्षेत्र में शुक्रवार रात को दो बच्चियों की हत्या करने के आरोपी पिता अरुण कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि पहले बच्चियों को सुलाया। उसके बाद एक-एक करके मुंह पर तकिया रखकर गला दबाकर उनकी जान ले ली। बेटे की चाहत में अरुण हैवान बन चुका था।
कंकरखेड़ा क्षेत्र के अनूपनगर फाजलपुर अंबेडकर निवासी अरुण कुमार का पत्नी नीशू से कई महीने से विवाद चल रहा है। इसके चलते वह पति को छोड़कर मायके गांव जानी में चली गई। युवक ने पत्नी को लाने का प्रयास भी किया, लेकिन पत्नी ने मना कर दिया। 13 अगस्त को अरुण जानी गया तथा वहां से झगड़ कर अपनी 6 वर्षीय बेटी सृष्टि और 4 वर्षीय बेटी नैना को लेकर घर आ गया।
आरोपी नेे बताया कि शुक्रवार देर शाम वह ठेके पर शराब पीकर आया और घर पर भी शराब लेकर आ गया। रात करीब 11 बजे अरुण ने अपनी दोनों पुत्रियों को गला दबाकर मार डाला। घर से कुछ दूरी पर अपने पड़ोसी राजन को बताया कि उससे गलती हो गई और उसने बच्चियों को मार दिया। उनकी लाश कमरे में पड़ी है। अब वह पत्नी को भी जिंदा नहीं छोड़ेगा। यह कहकर आरोपी फरार हो गया।
विज्ञापन
--
बच्चियों को पालने की बात कहकर ले गया था अरुण
अरुण ने पुलिस को बताया कि शादी को आठ साल हो गए थे। पत्नी को बेटा नहीं हुआ। पत्नी उसे बेटा नहीं दे सकी। इससे वह परेशान था। आठ दिन पहले वह उससे झगड़ा कर मायके चली गई। 13 अगस्त की दोपहर को अरुण ससुराल पहुंचा और पत्नी से कहा कि वह साथ चले या न चले, लेकिन बेटियों को साथ लेकर जाएगा। दोनों को खुद पालेगा। अरुण की पत्नी का कहना है कि वह पति के बहकावे में आ गई। यदि दोनों बच्चियों को न देती तो उनकी जान नहीं जाती।
---
पत्नी साथ आ जाती तो उसकी भी हत्या कर देता
आरोपी अरुण ने यह भी कहा कि यदि पत्नी ससुराल में आ जाती तो 13 अगस्त की रात उसकी भी हत्या कर देता। इंस्पेक्टर कंकरखेडा तपेश्वर सागर ने बताया कि दोनों बेटियों की हत्या करने के बाद आरोपी अरुण पहले कई घंटे तक शव के पास ही रहा। उसके बाद रात में पैदल नानू नहर के पुल पर पहुंचा और नहर में छलांग लगा दी। लेकिन गोताखोरों ने अरुण को बचा लिया। आरोपी को जेल भेज दिया।
---
पत्नी बोली...इसे तो भगवान भी माफ नहीं करेगा
अरुण को पकड़ने के बाद पुलिस ने नीशू को भी थाने पर बुलाया। वह बदहवास हालत में पहुंची। वह फूटकर रोने लगी। बोली- साहब इसे ऐसी सजा देना जो याद रखे। इसने मेरी जिंदगी खराब कर दी है। दो बेटियों का ही सहारा था, अब किसके सहारे रहेगी। मैने इसे बहुत समझाया, लेकिन नहीं माना। साहब, इसे जेल भेज दो, इसको भगवान कभी माफ नहीं करेगा।
विज्ञापन
मोदीपुरम (मेरठ)। कंकरखेड़ा क्षेत्र में शुक्रवार रात को दो बच्चियों की हत्या करने के आरोपी पिता अरुण कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि पहले बच्चियों को सुलाया। उसके बाद एक-एक करके मुंह पर तकिया रखकर गला दबाकर उनकी जान ले ली। बेटे की चाहत में अरुण हैवान बन चुका था।
कंकरखेड़ा क्षेत्र के अनूपनगर फाजलपुर अंबेडकर निवासी अरुण कुमार का पत्नी नीशू से कई महीने से विवाद चल रहा है। इसके चलते वह पति को छोड़कर मायके गांव जानी में चली गई। युवक ने पत्नी को लाने का प्रयास भी किया, लेकिन पत्नी ने मना कर दिया। 13 अगस्त को अरुण जानी गया तथा वहां से झगड़ कर अपनी 6 वर्षीय बेटी सृष्टि और 4 वर्षीय बेटी नैना को लेकर घर आ गया।
विज्ञापन
आरोपी नेे बताया कि शुक्रवार देर शाम वह ठेके पर शराब पीकर आया और घर पर भी शराब लेकर आ गया। रात करीब 11 बजे अरुण ने अपनी दोनों पुत्रियों को गला दबाकर मार डाला। घर से कुछ दूरी पर अपने पड़ोसी राजन को बताया कि उससे गलती हो गई और उसने बच्चियों को मार दिया। उनकी लाश कमरे में पड़ी है। अब वह पत्नी को भी जिंदा नहीं छोड़ेगा। यह कहकर आरोपी फरार हो गया।
विज्ञापन
--
बच्चियों को पालने की बात कहकर ले गया था अरुण
अरुण ने पुलिस को बताया कि शादी को आठ साल हो गए थे। पत्नी को बेटा नहीं हुआ। पत्नी उसे बेटा नहीं दे सकी। इससे वह परेशान था। आठ दिन पहले वह उससे झगड़ा कर मायके चली गई। 13 अगस्त की दोपहर को अरुण ससुराल पहुंचा और पत्नी से कहा कि वह साथ चले या न चले, लेकिन बेटियों को साथ लेकर जाएगा। दोनों को खुद पालेगा। अरुण की पत्नी का कहना है कि वह पति के बहकावे में आ गई। यदि दोनों बच्चियों को न देती तो उनकी जान नहीं जाती।
---
पत्नी साथ आ जाती तो उसकी भी हत्या कर देता
आरोपी अरुण ने यह भी कहा कि यदि पत्नी ससुराल में आ जाती तो 13 अगस्त की रात उसकी भी हत्या कर देता। इंस्पेक्टर कंकरखेडा तपेश्वर सागर ने बताया कि दोनों बेटियों की हत्या करने के बाद आरोपी अरुण पहले कई घंटे तक शव के पास ही रहा। उसके बाद रात में पैदल नानू नहर के पुल पर पहुंचा और नहर में छलांग लगा दी। लेकिन गोताखोरों ने अरुण को बचा लिया। आरोपी को जेल भेज दिया।
---
पत्नी बोली...इसे तो भगवान भी माफ नहीं करेगा
अरुण को पकड़ने के बाद पुलिस ने नीशू को भी थाने पर बुलाया। वह बदहवास हालत में पहुंची। वह फूटकर रोने लगी। बोली- साहब इसे ऐसी सजा देना जो याद रखे। इसने मेरी जिंदगी खराब कर दी है। दो बेटियों का ही सहारा था, अब किसके सहारे रहेगी। मैने इसे बहुत समझाया, लेकिन नहीं माना। साहब, इसे जेल भेज दो, इसको भगवान कभी माफ नहीं करेगा।