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Meerut Mass Murder: 12 साल पहले मोईन रुड़की गया था, डेढ़ महीने पहले मेरठ आया, यहां आते ही खत्म हुआ पूरा परिवार

Fri, 10 Jan 2025 09:47 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: आकाश दुबे Updated Fri, 10 Jan 2025 09:47 AM IST
सार

Meerut Murder Case News: पत्थर काटने वाली मशीन से परिवार के पांचों लोगों का गला काटा गया है। मौके पर खून से सनी पत्थर काटने वाली मशीन मिली। फॉरेंसिक टीम ने मशीन को कब्जे में ले लिया है।

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Murder of entire family in Meerut suspicion that killers slit their throats with a stone cutting machine
मेरठ मर्डर केस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सनसनीखेज वारदात में मेरठ में दंपती और उनकी तीन बेटियों की गला काटकर हत्या कर दी गई। राजमिस्त्री मोइनुद्दीन (52), पत्नी आसमां (45) और तीन बेटियों अस्सा (8), अजीजा (4) और अबीबा (1) के शव बृहस्पतिवार रात घर में डबल बेड के दोनों बॉक्सों में गठरी में बंधे मिले। पुलिस के मुताबिक राज मिस्त्री मोईन पहले जाकिर कॉलोनी में रहता था। करीब 12 साल पहले वह रुड़की में जाकर रहने लगा था। एक साल पहले उसने रुड़की में अपना मकान और प्लॉट बेचकर यहां सुहेल गार्डन में करीब 40 गज का प्लॉट लिया था। डेढ़ महीने पहले वह बच्चों समेत सुहेल गार्डन में प्लॉट के पास ही किराये के मकान में आकर रहने लगा था।

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मोईन ने अपने प्लॉट पर मकान बनाना शुरू कर किया था। मोईन के पास पैसा है, इसका अंदेशा बहुत लोगों को था। मोईन ने मकान में तीन राजमिस्त्री और आठ मजदूर लगा रखे थे। तेजी से काम चल रहा था, जिस पर कई लोगों की नजर थी। अधिकारियों में मंथन हो रहा कि दंपती के साथ मासूम बच्चियों को कोई क्यों मारेगा। लूट ही करनी थी तो मोईन निशाना बन सकता था। रुड़कों में कोई दंपती का विवाद तो नहीं हुआ। ऐसे कई सवालों के जवाब अधिकारी ढूंढ रहे हैं। लिसाड़ी गेट में बदमाशों की संख्या ज्यादा है, इस बिंदु पर भी पड़ताल चल रही है।

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दो दिन से निर्माणाधीन मकान पर मोइनुद्दीन और उसके परिवार का कोई सदस्य दिखाई नहीं दिया, तो आसपास के लोगों में परिवार के लापता होने की चर्चा शुरू हो गई। बृहस्पतिवार रात 9:30 बजे पड़ोसी इमरान ने मोइनुद्दीन के किराये वाले घर में घुसकर देखा तो पांचों के शव पड़े हुए थे। उसने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर एडीजी मेरठ जोन डीके ठाकुर, डीआईजी कलानिधि नैथानी और एसएसपी विपिन ताडा पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे और देर रात तक छानबीन करते रहे।

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अंदेशा, पहले मोईनुद्दीन और फिर परिवार को मार डाला
पत्थर काटने वाली मशीन से परिवार के पांचों लोगों का गला काटा गया है। मौके पर खून से सनी पत्थर काटने वाली मशीन मिली। फॉरेंसिक टीम ने मशीन को कब्जे में ले लिया है। अंदेशा जताया गया कि बदमाशों ने पहले मोईनुद्दीन की हत्या की और उसके बाद परिवार को मार डाला। पुलिस अधिकारियों ने क्राइम सीन भी किया है। आसपास के लोगों से पुलिस ने जानकारी जुटाई कि आखिर मोईनुद्दीन और उसका परिवार आखिरी बार कब देखा था। पुलिस के पहुंचने से पहले तसलीम और मोमिन ने अपने भाई, भाभी और तीनों भतीजियों के शव देख थे।

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मोईन की तीसरी पत्नी थी आसमा
पुलिस के अनुसार, मोईन की तीन शादी हुई थीं। करीब 15 साल पहले उसने पहली शादी जफरा नाम की लड़की से की। एक बेटी इलमा को जन्म देने के बाद जफरा की मौत हो गई। वह बीमार रहती थी। फिलहाल बेटी अपनी बुआ के साथ किठौर में रहती है। दूसरी शादी 11 साल पहले मोईन ने नारा से की, लेकिन आए दिन के झगड़ों के बाद उसका तलाक हो गया। फिर मोईन ने आसमा से शादी की। आसमा पहले से शादीशुदा थी। उसकी पहली शादी शाहजहां कॉलोनी निवासी दीन मोहम्मद से हुई थी। मोईन और आसमा के तीन बेटियां हुईं।

कातिल करीबी... वजह अवैध संबंध, लूट या पारिवारिक विवाद
लिसाड़ीगेट के सुहेल गार्डन में परिवार के पांच परिजनों की नृशंस हत्या की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई। एडीजी जोन, कमिश्नर, डीआईजी, डीएम और एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर हत्या के कारण जानने के लिए क्राइम सीन रीक्रिएट कर कई बिंदुओं पर गहनता से मंथन किया। पुलिस हत्याकांड में करीबी का हाथ मान रही है। इसके अलावा लूट करने वाले बदमाश या मजदूरों में भी कातिल छिपे हो सकते हैं। पुलिस ने लिसाड़ी गेट के बदमाशों की भी कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। मोईन सहित कई मोबाइल की सीडीआर निकाली जा रही है। 

12 साल पहले वह रुड़की में जाकर रहने लगा था
पुलिस के मुताबिक राज मिस्त्री मोईन पहले जाकिर कॉलोनी में रहता था। करीब 12 साल पहले वह रुड़की में जाकर रहने लगा था। एक साल पहले उसने रुड़की में अपना मकान और प्लॉट बेचकर यहां सुहेल गार्डन में करीब 40 गज का प्लॉट लिया था। डेढ़ महीने पहले वह बच्चों समेत सुहेल गार्डन में प्लॉट के पास ही किराये के मकान में आकर रहने लगा था। उसने अपने प्लॉट पर मकान बनाना शुरू कर किया था। मोईन के पास पैसा है, इसका अंदेशा बहुत लोगों को था। मोईन ने मकान में तीन राजमिस्त्री और आठ मजदूर लगा रखे थे। तेजी से काम चल रहा था, जिस पर कई लोगों की नजर थी। अधिकारियों में मंथन हो रहा कि दंपती के साथ मासूम बच्चियों को कोई क्यों मारेगा। लूट ही करनी थी तो मोईन निशाना बन सकता था। रुड़कों में कोई दंपती का विवाद तो नहीं हुआ। ऐसे कई सवालों के जवाब अधिकारी ढूंढ रहे हैं। लिसाड़ी गेट में बदमाशों की संख्या ज्यादा है, इस बिंदु पर भी पड़ताल चल रही है।

परिवार का विवाद तो नहीं 
मोईन सात भाइयों में तीसरे नंबर का था। मोईन के सलीम, अनीस, कलीम, तसलीम, मोमिन, अमजद भाई हैं। एक मामले में अमजद हरिद्वार जेल में बंद होना बताया गया है। पुलिस के मुताबिक मोईन के साले हापुड़ निवासी शफीक ने बताया कि एक सप्ताह पहले चार लाख रुपये मोर्डन ने अपने भाई की जमानत के लिए दिए थे। मोईन की आसमा तीसरी पत्नी थी, जबकि असमा ने भी अपने पहले पत्ति दीन मोहम्मद को तलाक देकर मोईन से निकाह किया था। परिवार के विवाद की भी पुलिस जानकारी जुटाने में लगी है।

इन बिंदुओं पर भी जांच

  •  पूरे परिवार को मारने वालों में कोई खास व्यक्ति रहा होगा, जिसका घर में आना जाना था।
  •  परिवार को खाने में कोई नशीली चीज दी गई हो। बेहोश होने के बाद सभी की हत्या की गई हो, इसलिए किसी की चीख नहीं सुनाई दी।

  •  हत्यारे कई लोग होंगे, जो घर में काफी देर तक ठहरे होंगे

लाशों को ठिकाने लगाने की योजना तो नहीं थी
मकान के अंदर मोईन का शव गठरी में बंधा था। पत्नी आसमा और बड़ी बेटी का शव बेड के अंदर था। दोनों छोटी बेटियों के शवों को भी बोरी में बांधकर बेड के अंदर ही रखा था। जिस मकान में सामूहिक हत्याकांड हुआ। उसके सामने वाला मकान भी बंद है और उसके आसपास दोनों ओर खाली प्लॉट हैं।

कई लोगों ने दिया हत्याकांड को अंजाम
घटनास्थल का मंजर देखकर पुलिस का मानना है कि इस हत्याकांड में कई लोग शामिल हो सकते हैं। एसएसपी का भी कहना है कि हत्याकांड को करीबी लोगों ने ही अंजाम दिया है, कातिल कौन है और कत्ल की वजह किया है, इसकी जांच की जा रही है।

पत्थर काटने की मशीन से गला रेता

  •  पुलिस के अनुसार, पांचों का गला पत्थर काटने वाली मशीन से काटा गया है। मौके पर खून से सनी मशीन भी मिली है। फोरेसिंक टीम ने मशीन को कब्जे में ले लिया है। अंदेशा जताया गया कि बदमाशों ने पहले मोइनुद्दीन की हत्या की और उसके बाद परिवार को मार डाला।

 

  •  कातिलों ने हत्या के बाद मोइनुद्दीन के शव को गठरी में बांधकर बेड के पास रखा। पत्नी और बड़ी बेटी को प्लास्टिक के कट्टे में लपेटकर बेड के बॉक्स में डाला हुआ था। दो बच्ची के शव बोरे में बांधकर बेड के दूसरे बॉक्स में रखे थे।

  •  पुलिस पता लगा रही है कि मोइनुद्दीन और उसका परिवार आखिरी बार कब देखा गया था। पुलिस अधिकारियों ने क्राइम सीन भी रीक्रिएट किया। पुलिस ने मोइनुद्दीन के भाई माइनुदान तसलीम और मोमिन की मदद से पांचों शवों की पहचान की।

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