मेरठ : कुख्यात योगेश भदौड़ा के साथी की गोली बरसाकर हत्या, एक पुलिसकर्मी की भूमिका संदिग्ध
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस के अनुसार रोहटा थानाक्षेत्र के गांव भदौड़ा का निवासी अक्षय मलिक (28) पुत्र बृजराज मलिक शुक्रवार दोपहर बाइक से निकला था। लेकिन घर नहीं लौटा था। शनिवार सुबह एक युवक का खून से लथपथ शव थाना कंकरखेड़ा क्षेत्र के पावली खुर्द इलाके में मिला। शव की शिनाख्त शव मिलने के करीब तीन घंटे बाद अक्षय मलिक के रूप में हुई। सूचना पर अक्षय के परिजन और भदौड़ा गांव से लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।
इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा बिजेंद्र सिंह राणा ने बताया कि अक्षय का आपराधिक रिकॉर्ड था। कुख्यात ऊधम सिंह गैंग के शूटर नितिन उर्फ गंजा हत्या में जेल गया था। पांच अक्तूबर 2014 में जेल से पेशी पर आए कुख्यात गंजा की कचहरी में गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी।
जिसमें योगेश भदौड़ा व उसकी पत्नी सुमन, भाई विश्वास, भतीजा नितिन व उसके गैंग के प्रभात सांगवान, सनी भलसोना, पवन शर्मा, अक्षय सिंह, राकेश, विनय, सरला, जयप्रकाश, अमित कुमार, नवनीत उर्फ मोनू, मुकेश कुमार, अरुण कुमार, मोहित कुमार, नरेंद्र चौधरी, हरपाल सिंह, रविंद्र उर्फ मुंशी, सनी पुत्र यतेंद्र व रामवीर पुत्र भंवर सिंह सहित 22 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में नाम आने पर इस हत्याकांड में अक्षय जेल गया था। अक्षय के खिलाफ रोहटा थाने में भी मुकदमा दर्ज था।
अक्षय को चार गोलियां मारीं
इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा के अनुसार अक्षय को सिर, गर्दन, सीने और पेट में चार गोलियां मारी गई थीं। घटनास्थल पर एक बाइक, नमकीन के पैकेट, सिगरेट, शराब और कोल्डड्रिंक की बोतल मिली हैं। मरने से पहले अक्षय ने हत्यारों से संघर्ष किया था।
मौके से चार खोखे बरामद हुए हैं। माना जा रहा है कि हत्यारों ने पहले अक्षय को शराब पिलाई और बाद में उसकी हत्या कर दी। पुलिस अक्षय के साथियों की कुंडली खंगाल रही है। पुलिस ने पांच लोगों को संदेह के चलते हिरासत में लिया है।
परिवार में सबसे बड़ा था अक्षय
परिजनों ने बताया कि अक्षय की शादी नहीं हुई थी। परिवार में किसान पिता बृजराज, मां मुकेश देवी और छोटा भाई अंकित है। अक्षय की हत्या के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।