Murder: थाने में तहरीर देकर लौट रहे एमबीए छात्र पर बरसाईं ताबड़तोड़ गोलियां, उजागर हुई पुलिस की लापरवाही
मामूली बात पर हुए विवाद के बाद मेरठ में एमबीए छात्र की बेरहमी से हत्या कर दी गई। चारों हत्यारोपी मार्ग पर घात लगाकर बैठ गए और छात्र पर 315 बोर के तमंचे से ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं।
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मेरठ के परिक्षितगढ़ थानाक्षेत्र में एमबीएम छात्र की बेरहमी से हत्या कर दी गई। वहीं इस मामले में पुलिस की लापरवाही भी उजागर हुई है। पुलिस अगर एमबीए के छात्र वैभव त्यागी की तहरीर को गंभीरता से लेती तो उसकी जान बच सकती थी। पुलिस ने सिर्फ कार्रवाई का भरोसा दिया और वैभव को लौटा दिया। नतीजा खेत से करीब 30 दिन पहले एक गन्ना तोड़ने के विरोध पर रंजिश की आग में सुलग रहे चार युवकों ने उसे मार डाला। परिजनों ने बताया कि आरोपी वैभव को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। रविवार को वह थाने गया तो यह बात हत्यारोपियों को नागवार गुजरी।
चारों हत्यारोपी रहदरा-कुआंखेड़ा संपर्क मार्ग पर घात लगाकर बैठ गए और लौटते समय 315 बोर के तमंचे से ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं गोली चलने की आवाज सुनकर खेतों में काम कर रहे किसान घटनास्थल की तरफ दौड़े। उन्होंने घायल को मेरठ शहर में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उपचार के दौरान वैभव की मौत हो गई।
युवक की मौत की खबर से परिजन सदमे में आ गए। बाद में पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच की। आरोपियों की तलाश में दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगे। वैभव के भाई अक्षय त्यागी ने कहा कि उनका भाई जान बचाने की गुहार लगाने थाने गया था। उसे न सुरक्षा दी गई और न ही तत्काल कोई कार्रवाई की गई।
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मोर्चरी पर धरने पर बैठे पूर्व विधायक
किठौर से भाजपा के पूर्व विधायक सत्यवीर त्यागी वैभव के परिजनों से मिलने गए। वह समर्थकों संग मोर्चरी पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। पूर्व विधायक ने कहा कि हत्यारोपी सपा से जुड़े हैं।
आरोपियों को तत्काल हिरासत में लेकर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने पीड़ित परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी वह नहीं हटेंगे। वहीं, भाजपा नेता अजीत सिंह, तरुण कुमार, धीरज त्यागी सहित अन्य ने काफी देर तक हंगामा भी किया।
परीक्षितगढ़ थानाध्यक्ष राजीव चौधरी ने बताया कि वैभव तहरीर लेकर थाने में आया था। उसकी शिकायत पर तुरंत गांव के लिए रवाना हो गए थे। वैभव आगे-आगे था और हम पीछे थे, इसी दौरान बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
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एसपी देहात केशव कुमार का कहना है कि पुलिस की उदासीनता के बिंदु की भी जांच पड़ताल की जा रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि वैभव की तहरीर पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर ली गई थी। पुलिस गांव में जाने ही वाली थी कि वारदात हो गई।
टेलीकॉम कंपनी में सीनियर मैनेजर रह चुका है वैभव
वैभव पूर्व में किठौर में एक टेलीकाम कंपनी के आफिस में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत रहा था। अनुभव अर्जित करने के बाद वैभव नौकरी छोड़कर मवाना के एक निजी कॉलेज से एमबीए कर रहा था।
एक वर्ष पूर्व हुई थी शादी
एक वर्ष पूर्व ग्राम सूदना निवासी आयुषी से वैभव की शादी हुई थी। वैभव की मौत के बाद पत्नी, मां अमिता और पिता राजीव का रो-रोकर बुरा हाल है।