Murder: बेटी का पीछा करने पर हुआ विवाद, युवक की पीट-पीटकर हत्या, लापरवाही पर इंस्पेक्टर सस्पेंड
मेरठ के ब्रह्मपुरी में रहने वाले युवक के साथ पांच दिन पहले मारपीट की गई थी। शुक्रवार को अस्पताल में उसकी माैत हो गई। परिजनों ने ब्रह्मपुरी थाने के बाहर शव रखकर जमा लगा दिया। वहीं पुलिस की लापरवाही सामने आई तो इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है।
विस्तार
मेरठ के ब्रह्मपुरी के लक्ष्मणपुरी निवासी पवन (34) को दूसरे मोहल्ले में रहने वाले युवकों ने पांच दिन पहले लाठी-डंडो से बुरी तरह से पीटा। शनिवार सुबह पवन की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की और मौत के बाद रिपोर्ट दर्ज की।
नाराज परिजन व अन्य लोगों ने शुक्रवार को ब्रह्मपुरी थाने के बाहर शव रखकर जमा लगा दिया। तीन घंटे तक हंगामे के बाद अधिकारियों ने जाम खुलवाया। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि पुलिस की लापरवाही की जांच की जा रही है, दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
लापरवाही के चलते ब्रह्मपुरी इंस्पेक्टर सस्पेंड
ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में पवन( 35) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक ने अपनी मौत से पहले अस्पताल में एक वीडियो बनाया। इसमें युवक ने कहा- पुलिस ने मेरी मदद नहीं की। अगर मदद की होती तो आज मैं इस हालत में नहीं होता।
इस पूरे मामले में एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने ब्रहमपुरी इंस्पेक्टर को सुमन कुमार को सस्पेंड कर दिया है। इंस्पेक्टर ने समय पर मुकदमा नहीं लिखा, मुकदमा लिखने में लापरवाही पर एक्शन हुआ है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि इंस्पेक्टर ने लापरवाही बरतने के चलते कार्रवाई की गई है ।
ब्रह्मपुरी थाने में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक लक्ष्मणपुरी गली नंबर चार में रहने वाला पवन पुत्र राजकुमार 14 जुलाई की सुबह साढ़े सात बजे दुकान पर राशन लेने जा रहा था। रास्ते में पीपल वाली गली में उसको कालू पुत्र श्याम और बेटों फंटू और चीनू ने घेर लिया। गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से हमला कर बुरी तरह से पिटाई की। शोर मचाने पर लोग एकत्र हुए तो आरोपी भाग गए। पिटाई से पवन की रीढ़ की हड्डी टूट गई। पवन को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। शुक्रवार सुबह पवन की मौत हो गई। पवन की मौत के बाद पत्नी ज्योति का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में ब्रह्मपुरी पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।
पुलिस पर आरोपियों का पक्ष लेने का आरोप
ज्योति का कहना था थाने में नामजद तहरीर दी लेकिन आरोपियों से मिलीभगत के कारण पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। जाम लगाकर लोगों ने पत्नी को सरकारी नौकरी, 50 लाख रुपये आर्थिक मुआवजा और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
हंगामे और जाम की सूचना पर सीओ ब्रह्मपुरी, सीओ कोतवाली और सीओ कैंट समेत आठ थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने कहा कि जब तक मुआवजे का आश्वासन नहीं मिलेगा जाम नहीं खोलेंगे। लोगाें ने कहा कि पवन परिवार में अकेला कमाने वाला था। वह आटो पार्ट्स की फैक्टरी में काम करता था। उसके तीन बच्चे हैं।
सात लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज
सीओ ब्रह्मपुरी प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि पवन के पिता कालू पुत्र श्यामा, कालू की पत्नी कुसुम, कालू की बेटी भारती, कालू का बेटा चीनू, चीनू की पत्नी राधा, फंटू और फंटू के बेटे कार्तिक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के प्रयास के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। केस गैर इरादतन हत्या के मामले में तरमीम किया जा रहा है।
थाने के बाहर जाम के चलते लोग परेशान हो गए। मार्ग पर वाहनों की कतार लग गईं। पुलिस ने दिल्ली चुंगी, शारदा रोड और भूमिया पुलिस से वाहनों को डायवर्ट किया। कड़ी मशक्कत के बाद यातायात सुचारू किया गया।
दोनों पक्षों में डेढ़ माह से चल रहा था विवाद
पवन और कालू पड़ोसी हैं। डेढ़ माह पहले पवन की 11 साल की बेटी का स्कूल जाते समय फंटू के 14 साल के बेटे ने पीछा किया था। पवन ने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। ब्रह्मपुरी पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन कार्रवाई नहीं की। अगर उसी समय कार्रवाई हो जाती तो ये वारदात नहीं होती।
रिपोर्ट दर्ज करने में चार दिन क्यों लगाए गए, इसको लेकर ब्रह्मपुरी थाना प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सीओ से जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी। आयुष विक्रम सिंह, एसपी सिटी