पारुल हत्याकांड: कुत्तों के लिए रिश्तों का कत्ल, बहन की हत्या कर हंसता रहा आशीष, नहीं था कोई पछतावा
हत्या करने के बाद आशीष ने खुद ही पुलिस को फोन पर दी वारदात की जानकारी
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हत्या करने के बाद आशीष ने खुद ही पुलिस को फोन कर वारदात की जानकारी दी। बोला दरोगा जी, मैंने अपनी बहन की हत्या कर दी। यह सूचना मिलते ही पुलिस में खलबली मच गई। इस घटना के बाद कैलाश वाटिका में सन्नाटा पसर गया, बावजूद आशीष को कोई पछतावा नहीं था।
वह हंस-हंसकर लोगों से बात कर रहा था। हाथ में तमंचा देखकर लोग भी डर रहे थे, कहीं वह दूसरी वारदात ना कर दें। लोग बार-बार उसे समझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह किसी की सुनने को तैयार नहीं था।
मां बेहोश, भाई ने कराया मुकदमा
इस वारदात के बाद आशीष की मां बेहोश हो गई। स्थानीय लोगों ने मां को निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलाया। देर रात आशीष के खिलाफ योगेंद्र की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ।
दोस्त से खरीदा था तमंचा
इंस्पेक्टर भावनपुर रघुराज सिंह का कहना है कि आशीष ने पांच साल पहले अपने दोस्त से तमंचा खरीदना बताया। सवाल है कि आशीष मानसिक रोगी था तो उसके परिजनों ने उसके पास से तमंचा क्यों नहीं लिया। वारदात के बाद पुलिस ने तमंचा बरामद किया है।
मानसिक रोगी है आशीष
पुलिस के अनुसार पारुल पांच भाई-बहन में चौथे नंबर की थी। दो बहनों की शादी हो चुकी है। बड़े भाई योगेंद्र परिवार के साथ अलग रहते है। योगेंद्र ने बताया कि आशीष मानसिक रोगी है, जिसका इलाज चल रहा है। इससे पहले भी वह अपनी बहन और मां के साथ मारपीट कर चुका है। आवारा कुत्तों को खाना खिलाता था, जिसको लेकर कई बार घर में विवाद हो चुका है।