मुन्ना बजरंगी हत्या: बड़ी साजिश का अंदेशा, इन दो सवालों में उलझे अफसर, जांच के रडार पर ये चेहरे
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बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या की वजह तलाशने में पुलिस के पसीने छूट रहे हैं। तिहाड़ जेल से लेकर उत्तराखंड में प्रापर्टी के धंधे के अलावा किसी बड़ी साजिश का अंदेशा है। जेल में राठी का साथ देने और जेल के बाहर राठी के पीछे के चेहरे जांच के रडार पर है, लेकिन अभी नतीजा ढाक के तीन पात है।
फिलहाल दो बड़े सवाल है। पहला मुन्ना बजरंगी की हत्या क्यों की गई और दूसरा जेल में पिस्टल कैसे पहुंचा। पुलिस के पास फिलहाल दोनों ही सवालों के जवाब नहीं है। तिहाड़ जेल में रहने के दौरान सुनील राठी और मुन्ना बजरंगी का याराना भी हुआ। पूरब और पश्चिम के दोनों डॉन की कभी अदावत नहीं रही। इससे लगता है कि सुपारी लेकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया है।
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खुद पुलिस के सामने राठी यही बात दोहरा रहा है कि बैरक के बाहर दोनों के बीच सुपारी लेने को लेकर कहासुनी हुई। अब तक सुपारी ही सबसे बड़ी वजह बनकर उभर रही है, लेकिन सुपारी दी किसने, क्यों दी और कैसे साजिश हुई, इन सवालों के जवाब पुलिस के पास नहीं है। पुलिस उत्तराखंड में प्रापर्टी के धंधे के विवाद को भी वजह मानकर जांच चल रही है। पुलिस यह मानकर भी चल रही है कि वारदात में राठी अकेला शामिल नहीं था। उसके गैंग के किसी गुर्गे ने जरूर साथ दिया है। क्योंकि बजरंगी विक्की सुन्हैडा के साथ बैरक में रुका था, इसलिए वह भी जांच के घेरे में आ गया है।
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वारदात के सिरे नहीं जोड़ पा रही पुलिस
जेल अधिकारी सिर्फ यह जांच कर रहे हैं कि जेल में पिस्टल कैसे पहुंचा। राठी ने एडीजी जेल चंद्रप्रकाश के सामने भी राठी ने यही दोहराया कि पिस्टल उसका नहीं था। बजरंगी ने सुपारी को लेकर कहासुनी के बाद पिस्टल तान दी, उसने अपने बचाव में हत्या की। पुलिस यह सिरे जोड़ने का प्रयास कर रही है कि आखिर क्यों हत्या की गई। कौन-कौन इस पूरी वारदात में शामिल है।
यह चल रही जांच
एसपी जयप्रकाश ने बताया कि न्यायिक जांच, मजिस्ट्रेट जांच, पुलिस की जांच के अलावा जेल के अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। हर बिंदु की पड़ताल चल रही है। अभी कोई बड़ा डेवलपमेंट नहीं हुआ है।
नौ दिन पहले लगने थे सीसीटीवी कैमरे
जेल में सिस्टम की लापरवाही का एक और बड़ा नमूना सामने आया है। बागपत जेल में 30 जून तक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने थे, लेकिन कार्यदायी संस्था ने काम पूरा नहीं किया। एडीजी जेल चंद्रप्रकाश ने यह स्वीकारा कि निर्धारित समय में कैमरे नहीं लगे हैं। टेंडर प्रक्रिया धीमी रही, इन सब मामले की जांच होगी, इस पर कार्रवाई भी निश्चित है और जल्द ही कैमरे लगवाए जाएंगे। सोमवार को मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद एक के बाद एक सिस्टम की कई चूक सामने आ रही है।
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