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विश्वविद्यालय के बाहर अतिक्रमण पर नगर निगम को फटकार
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मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के बाहर अतिक्रमण पर जिलाधिकारी ने सोमवार को नगर निगम के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए इसे कब्जा मुक्त कराने के निर्देश दिए। अगर अतिक्रमण नहीं हटा तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। नगर निगम की लापरवाही भी तब है जबकि राज्यपाल द्वारा सभी विवि को नैक में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए कहा चुका है। इस अतिक्रमण के रहते अगर नैक हुआ और विवि ने ए ग्रेड की योग्यता पूरी कर ली तो ऐसे न हो जाए कि इस अतिक्रमण के कारण विवि की ग्रेडिंग भी गिर जाए।
किसी भी शैक्षणिक संस्थान के आसपास का माहौल उसके लिए बहुत मायने रखता है। नैक टीम भी जब ग्रेडिंग के लिए निरीक्षण करती है तो इस बात को नंबर देने में शामिल किया जाता है। लेकिन 70 फीसदी हरियाली और स्वच्छता में बेहतर होने के बावजूद सीसीएसयू कैंपस अतिक्रमण का अड्डा बन गया है। यहां पर सड़क किनारे 30 से ज्यादा झुग्गियां बनाई जा चुकी हैं। पक्के मकानों की तरह निर्माण हो रहा है।
विवि प्रशासन की तरफ से नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं, लेकिन किसी ने कोई संज्ञान ही नहीं लिया। किसी भी विवि के बाहर ऐसा अतिक्रमण नहीं है लेकिन यहां नगर निगम के किसी भी अधिकारी को यह आज तक नहीं दिखा। अधिकारियों की लापरवाही का ये हाल है कि एक बार यहां आयोजित कार्यक्रम में प्रशासन ने इन झुग्गियों को आगे टैंट लगाकर ढक दिया था। यहां रहने वालों को कह दिया था कि जब मंत्री चले जाएं तो बाहर आना, इससे पहले नहीं। ऐसे में नगर निगम क्या कर रहा है, ये देखा जा सकता है।
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ए ग्रेड पाने की कोशिशें
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल सभी विवि की ग्रेडिंग को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं। सीसीएसयू की बात करें तो फिलहाल यह बी ग्रेड है। विवि को ए ग्रेड दिलाने के लिए हरसंभव कार्य किया जा रहा है। कुलपति प्रो. एनके तनेजा लगातार पढ़ाई के अलावा दूसरी सुविधाओं को लेकर खुद देख रहे हैं। कोरोना महामारी की वजह से नैक में अभी देरी हो रही है, लेकिन विवि नैक टीम से अनुमति मिलने के बाद जल्द निरीक्षण कराएगा। ऐसे में विवि की खूबसूरती में अतिक्रमण दाग लगा रहा है।
शहर की समस्याओं का जल्द करें निस्तारण
- जिलाधिकारी की बैठक में रहा अतिक्रमण, कूड़ा निस्तारण, सफाई व्यवस्था पर फोकस
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शहर के विकास को आगे बढ़ाने और अतिक्रमण हटाने के संबंध में जिलाधिकारी के. बालाजी ने नगर निगम, एमडीए और कैंट बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक कर तीनों विभागों को शहर की मुख्य समस्याओं का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए।
बैठक में एमडीए की स्वीकृत कालोनियों को नगर निगम को सौंपने की कार्रवाई, गैर स्वीकृत कालोनियों की साफ-सफाई व्यवस्था, हाईकोर्ट के निर्देशानुसार नगर निगम द्वारा नियमित रूप से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बैठक में शहीद स्मारक का आवर्ती व्यय वहन करना, एमडीए द्वारा उन भूखंडों पर जुर्माना लगाने जिन पर निर्माण प्रारंभ नहीं किया गया, एमडीए की स्वीकृत कॉलोनियों की सीवर लाइन को नगर निगम के मुख्य नालों से जोड़ने, लोहिया नगर में कूडा/अपशिष्ट निस्तारण की व्यवस्था करने, गांवडी में कूड़ा अपशिष्ट के निस्तारण हेतु जल्द एजेंसी का अंतिम रुप में चयन करने और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की चाहरदीवारी, तेजगढ़ी चौराहे के पास से अवैध अतिक्रमण हटाने की योजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में नगरायुक्त मनीष बंसल, सचिव एमडीए प्रवीणा अग्रवाल, कैंट बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे।
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किसी भी शैक्षणिक संस्थान के आसपास का माहौल उसके लिए बहुत मायने रखता है। नैक टीम भी जब ग्रेडिंग के लिए निरीक्षण करती है तो इस बात को नंबर देने में शामिल किया जाता है। लेकिन 70 फीसदी हरियाली और स्वच्छता में बेहतर होने के बावजूद सीसीएसयू कैंपस अतिक्रमण का अड्डा बन गया है। यहां पर सड़क किनारे 30 से ज्यादा झुग्गियां बनाई जा चुकी हैं। पक्के मकानों की तरह निर्माण हो रहा है।
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विवि प्रशासन की तरफ से नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं, लेकिन किसी ने कोई संज्ञान ही नहीं लिया। किसी भी विवि के बाहर ऐसा अतिक्रमण नहीं है लेकिन यहां नगर निगम के किसी भी अधिकारी को यह आज तक नहीं दिखा। अधिकारियों की लापरवाही का ये हाल है कि एक बार यहां आयोजित कार्यक्रम में प्रशासन ने इन झुग्गियों को आगे टैंट लगाकर ढक दिया था। यहां रहने वालों को कह दिया था कि जब मंत्री चले जाएं तो बाहर आना, इससे पहले नहीं। ऐसे में नगर निगम क्या कर रहा है, ये देखा जा सकता है।
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ए ग्रेड पाने की कोशिशें
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल सभी विवि की ग्रेडिंग को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं। सीसीएसयू की बात करें तो फिलहाल यह बी ग्रेड है। विवि को ए ग्रेड दिलाने के लिए हरसंभव कार्य किया जा रहा है। कुलपति प्रो. एनके तनेजा लगातार पढ़ाई के अलावा दूसरी सुविधाओं को लेकर खुद देख रहे हैं। कोरोना महामारी की वजह से नैक में अभी देरी हो रही है, लेकिन विवि नैक टीम से अनुमति मिलने के बाद जल्द निरीक्षण कराएगा। ऐसे में विवि की खूबसूरती में अतिक्रमण दाग लगा रहा है।
शहर की समस्याओं का जल्द करें निस्तारण
- जिलाधिकारी की बैठक में रहा अतिक्रमण, कूड़ा निस्तारण, सफाई व्यवस्था पर फोकस
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शहर के विकास को आगे बढ़ाने और अतिक्रमण हटाने के संबंध में जिलाधिकारी के. बालाजी ने नगर निगम, एमडीए और कैंट बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक कर तीनों विभागों को शहर की मुख्य समस्याओं का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए।
बैठक में एमडीए की स्वीकृत कालोनियों को नगर निगम को सौंपने की कार्रवाई, गैर स्वीकृत कालोनियों की साफ-सफाई व्यवस्था, हाईकोर्ट के निर्देशानुसार नगर निगम द्वारा नियमित रूप से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बैठक में शहीद स्मारक का आवर्ती व्यय वहन करना, एमडीए द्वारा उन भूखंडों पर जुर्माना लगाने जिन पर निर्माण प्रारंभ नहीं किया गया, एमडीए की स्वीकृत कॉलोनियों की सीवर लाइन को नगर निगम के मुख्य नालों से जोड़ने, लोहिया नगर में कूडा/अपशिष्ट निस्तारण की व्यवस्था करने, गांवडी में कूड़ा अपशिष्ट के निस्तारण हेतु जल्द एजेंसी का अंतिम रुप में चयन करने और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की चाहरदीवारी, तेजगढ़ी चौराहे के पास से अवैध अतिक्रमण हटाने की योजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में नगरायुक्त मनीष बंसल, सचिव एमडीए प्रवीणा अग्रवाल, कैंट बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे।