फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   mothers memory returned after Hearing the cry of the newborn in Bijnor

नवजात के रोने की आवाज सुनकर लौटी मां की याद्दाश्त, फिर सुनाई खुद पर बीती दर्दनाक कहानी

Fri, 25 Sep 2020 01:24 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर Published by: Dimple Sirohi Updated Fri, 25 Sep 2020 01:24 AM IST
विज्ञापन
mothers memory returned after Hearing the cry of the newborn in Bijnor
जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार, नवजात के साथ लट्टू माई - फोटो : अमर उजाला

अचानक कुछ हुआ और किसी की याददाश्त लौट आई, ऐसी कई कहानियों को फिल्मों दिखाया गया है, लेकिन यूपी के बिजनौर में हकीकत में ऐसा हुआ है। करीब पांच माह पहले शहर में एक मनोरोगी महिला लोगों के लिए पहेली बनी थी।

विज्ञापन


लोगों की सूचना पर उसे करुणा धाम आश्रम भेज दिया गया, जहां उसने दो दिन पूर्व एक बेटी को जन्म दिया। बेटी के रोने की आवाज महिला ने सुनी तो उसकी याद्दाश्त लौट आई। उसने बताया कि वह झारखंड की रहने वाली है और उसका नाम लट्टू माई है। उसके दो बेटों को लोगों ने छीन लिया था, जिसके बाद वह मानसिक संतुलन खो बैठी थी।

विज्ञापन

लॉकडाउन के दौरान शहर में एक मनोरोगी महिला के घूमने की सूचना पर जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार और बाल संरक्षण अधिकारी रूबी गुप्ता ने 13 मई को उसे इंदिरा बाल भवन के पास सड़क पर लेटे हुए पाया था। जांच में पता चला कि वह गर्भवती है। उसे नजीबाबाद के करुणा धाम आश्रम भेजा गया। जहां उसने एक बेटी को जन्म दिया, जिसका नाम आश्रम के स्टाफ ने पीयूषा रखा।

शुरू में बाल संरक्षण विभाग के कर्मचारियों व आश्रम के स्टाफ को लगा कि बच्चा होने पर उसे महिला को दिया गया तो बच्चे के लिए खतरनाक साबित होगा, इसलिए बच्चे को कुछ समय मां से दूर रखा गया। लेकिन चिकित्सकों की सलाह पर गुरुवार को बच्ची को दूध पिलाने के लिए मां के पास लाया गया।

पहले दिन महिला बच्ची को देखती रही, लेकिन उसे गोद में नहीं लिया। अगले दिन जब बच्ची को फिर से मां के पास लाया गया तो भूखी बच्ची की रोने की आवाज सुनकर उसकी हालत ऐसी हो गई जैसे वह नींद से जागी हो। बच्ची को देखकर वह खुद भी बिलख उठी और उसे सीने लगाकर रोने लगी।

1300 किलोमीटर दूर कैसे पहुंची कुछ याद नहीं
महिला ने अपना नाम लट्टूमाई बताया। उसने बताया कि वह झारखंड के साहेबगंज के गांव टोला केलावरी की रहने वाली है। उसके इससे पहले दो बच्चे हो चुके हैं। पति ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया था।यही नहीं उसने बताया कि दूसरे बच्चों को भी कुछ लोग छीनकर ले गए।

वह कब और कैसे यहां पहुंची उसे नहीं पता। साहेबगंज जिले से करीब 1300 किलोमीटर दूर है। लट्टू माई ने अपने पिता का नाम साकल हेमरो, मां का नाम मरमई टूडू और भाई का नाम जटा हेमरोम बताया। उसने बताया कि वह संथाल जनजाति की है।

पहले नहीं देखी इस तरह की घटना: रूबी
बाल संरक्षण अधिकारी रूबी गुप्ता का कहना है कि उन्होंने पहले कभी ऐसा नहीं देखा है कि मानसिक रूप से बीमार किसी महिला में अपने बच्चे को देखकर याद्दाश्त लौट आए ।

जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार का कहना है कि लट्टू माई अपनी बेटी पीयूषा से बहुत प्यार करती है। शुरू में सोचा जा रहा था कि दोनों को अलग करना होगा, लेकिन अब ऐसा मुमकिन नहीं किया जाएगा।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed