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मासूम पीयूषा को बिलखता देख लौट आई मां की चेतना

Fri, 25 Sep 2020 12:33 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2020 12:33 AM IST
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Mother's consciousness returned after seeing innocent Piyusha
मासूम पीयूषा को बिलखता देख लौट आई मां की चेतना
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बिजनौर। अचानक कुछ हुआ और किसी की याददाश्त लौट आई, ऐसी कई कहानियों को फिल्मों दिखाया गया है, लेकिन बिजनौर में हकीकत में ऐसा हुआ है। करीब पांच माह पहले शहर में एक मनोरोगी महिला लोगों के लिए पहेली बनी थी। लोगों की सूचना पर उसे करुणा धाम आश्रम भेज दिया गया, जहां उसने एक बेटी को जन्म दिया। बेटी के रोने की आवाज महिला ने सुनी तो उसकी चेतना लौट आई। उसने बताया कि वह झारखंड की रहने वाली है और उसका नाम लट्टू माई है। उसके दो बेटों को लोगों ने छीन लिया था, जिसके बाद वह मानसिक संतुलन खो बैठी थी।
लॉक डाउन के दौरान शहर में एक मनोरोगी महिला के घूमने की सूचना पर जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार और बाल संरक्षण अधिकारी रूबी गुप्ता ने 13 मई को उसे इंदिरा बाल भवन के पास सड़क पर लेटे हुए पाया था। जांच में पता चला कि वह गर्भवती है। उसे नजीबाबाद के करुणा धाम आश्रम भेजा गया। जहां उसने एक बेटी को जन्म दिया, जिसका नाम आश्रम के स्टाफ ने पीयूषा रखा। शुरू में बाल संरक्षण विभाग के कर्मचारियों व आश्रम के स्टाफ को लगा कि बच्चा होने पर उसे महिला को दिया गया तो बच्चे के लिए खतरनाक साबित होगा। चिकित्सकों की सलाह पर बच्ची को दूध पिलाने के लिए मां के पास लाया गया। पहले दिन महिला बच्ची को देखती रही, लेकिन उसे गोद में नहीं लिया। अगले दिन जब बच्ची को फिर से मां के पास लाया गया तो भूखी बच्ची की रोने की आवाज सुनकर उसकी हालत ऐसी हो गई जैसे वह नींद से जागी हो। बच्ची को देखकर वह खुद भी बिलख उठी और उसे सीने लगाकर रोने लगी।
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1300 किलोमीटर दूर कैसे पहुंची कुछ याद नहीं
महिला ने अपना नाम लट्टूमाई बताया। उसने बताया कि वह झारखंड के साहेबगंज के गांव टोला केलावरी की रहने वाली है। उसके इससे पहले दो बच्चे हो चुके हैं। पति ने घर से निकाल दिया था। दूसरे बच्चों को भी कुछ लोग छीनकर ले गए। वह कब कैसे यहां पहुंची उसे नहीं पता। साहेबगंज जिले से करीब 1300 किलोमीटर दूर है। लट्टू माई ने अपने पिता का नाम साकल हेमरो, मां का नाम मरमई टूडू और भाई का नाम जटा हेमरोम बताया। उसने बताया कि वह संथाल जनजाति की है।
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पहले नहीं देखी इस तरह की घटना : रूबी
बाल संरक्षण अधिकारी रूबी गुप्ता का कहना है कि उन्होंने पहले कभी ऐसा नहीं देखा है कि मानसिक रूप से बीमार किसी महिला में अपने बच्चे को देखकर चेतना जाग जाए। जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार का कहना है कि लट्टू माई अपनी बेटी पीयूषा से बहुत प्यार करती है। शुरू में सोचा जा रहा था कि दोनों को अलग करना होगा, लेकिन अब ऐसा मुमकिन नहीं किया जाएगा।
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