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Meerut News: ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री देवी के रूप में प्रतिष्ठित मां कात्यायनी
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प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत मंदिर
हस्तिनापुर। कस्बे के पांडव टीले पर मौजूद प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में चल रही नवरात्रि पूजा में रविवार को माता के कात्यायनी स्वरूप की विधिविधान से पूजा-अर्चना की गई।
नवरात्रि का छठा दिन मां दुर्गा के छठे रूप मां कात्यायनी को समर्पित है। प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ के संस्थापक अध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि मां कात्यायनी को रोग, शोक और संताप दूर करने वाली देवी माना जाता है। कहा जाता है कि पूरे मनोभाव से मां कात्यायनी का पूजन किया जाए तो जीवन से सभी दुखों का निवारण हो जाता है।
मंदिर में सभी साधकों द्वारा स्वच्छ वस्त्र धारण कर कलश की पूजा और फिर मां कात्यायनी का पूजन किया गया। मां कात्यायनी के समक्ष दीप जलाकर मां को शृंगार की वस्तुएं अर्पित की गई। माता के मंत्र के साथ विधिविधान से पूजा-अर्चना की गई। आरती कर मां को भोग लगाकर पूजा संपन्न की गई।
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आचार्य मुकेश शांडिल्य ने कहा कि मां कात्यायनी की पूजा करने पर वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है और जिन लोगों के विवाह में अड़चनें आ रही हैं उनके विवाह के योग बन जाते हैं। सभी को माता का प्रसाद वितरित किया गया। अध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि सातवें दिन मां के कालरात्रि स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाएगी। इस मौके पर ज्योति शर्मा, विशु शर्मा, कृष्णा सैनी, सीमा गुर्जर आदि मौजूद रहे।
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नवरात्रि का छठा दिन मां दुर्गा के छठे रूप मां कात्यायनी को समर्पित है। प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ के संस्थापक अध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि मां कात्यायनी को रोग, शोक और संताप दूर करने वाली देवी माना जाता है। कहा जाता है कि पूरे मनोभाव से मां कात्यायनी का पूजन किया जाए तो जीवन से सभी दुखों का निवारण हो जाता है।
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मंदिर में सभी साधकों द्वारा स्वच्छ वस्त्र धारण कर कलश की पूजा और फिर मां कात्यायनी का पूजन किया गया। मां कात्यायनी के समक्ष दीप जलाकर मां को शृंगार की वस्तुएं अर्पित की गई। माता के मंत्र के साथ विधिविधान से पूजा-अर्चना की गई। आरती कर मां को भोग लगाकर पूजा संपन्न की गई।
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आचार्य मुकेश शांडिल्य ने कहा कि मां कात्यायनी की पूजा करने पर वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है और जिन लोगों के विवाह में अड़चनें आ रही हैं उनके विवाह के योग बन जाते हैं। सभी को माता का प्रसाद वितरित किया गया। अध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि सातवें दिन मां के कालरात्रि स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाएगी। इस मौके पर ज्योति शर्मा, विशु शर्मा, कृष्णा सैनी, सीमा गुर्जर आदि मौजूद रहे।

प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत मंदिर