सूबे के आला अधिकारियों के सख्त आदेश के बावजूद जिले का पुलिस महकमा अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव लाने को तैयार नहीं हैं। इसका ताजा मामला यूपी के शामली में बुधवार को सामने आया।
पड़ोसियों ने बच्चे दुखी कर दिए हैं, कोई नहीं सुनता, मां-बेटी के आत्मघाती कदम से पुलिस पर उठे सवाल
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कार्यालय परिसर में करीब पांच मिनट तक इधर से उधर घूमती रही। इसी दौरान महिला ने अचानक कार्यालय परिसर में जहर की खाली शीशी दिखाई। कहा कि वह तो पुलिस के चक्कर काटकर थक गई। चौसाना पुलिस सुनती ही नहीं, अब वह जीना नहीं चाहती। कोई कुछ माजरा समझ पाता कि इतने में ही मां-बेटी की सेहत बिगड़ने लगी। महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें संभाला। बाद में उन्हें पुलिस गाड़ी से शामली सीएचसी ले गई।
पड़ोसियों ने मेरे बच्चे दुखी कर रख हैं...
कीटनाशक खाने के बाद भी एसपी दफ्तर में बैठी मां और बेटी पुलिस को कोसती रहीं। चौसाना चौकी इंचार्ज से वह बेहद नाराज थी। बोलती रही कि तीन बार आ चुकी हूं, साहब से भी मिलना नही हुआ। पीड़िता ने रोते हुए कहा कि आरोपियों ने मेरे बच्चे दुखी किए हुए हैं। मैं तीन बर आ चुकी ..., कहते कहते वह निढाल हो गई।
सल्फास को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
मां-बेटी ने जहर खाने के बाद शीशी को वहीं एसपी कार्यालय परिसर में डाल लिया। ये शीशी खाली थी। इस शीशी को देखने के बाद वहां मौजूद पुलिस वालों के हाथ पांव फूले। शीशी सल्फास की लग रही थी। हालांकि डॉक्टर रामनिवास ने बताया कि दोनों के पल्स और बीपी नार्मल थे।
एक के मुंह से सल्फास जैसी गंध थी, लेकिन वो सल्फास थी या कुछ और अभी ये स्पष्ट नहीं है। एसपी दफ्तर पर मां-बेटी के जहर खाने के बाद पुलिस हरकत में आ गई। एसपी के निर्देश पर सीओ कैराना गांव में पहुंचे और मामले की जांच की। सीओ ने घर पर मौजूद पीड़िता की बड़ी बेटी से बातचीत कर जानकारी ली।
झिंझाना थानाध्यक्ष ओपी चौधरी ने बताया कि पीड़ित परिवार पिछले काफी समय से ननिहाल में रह रहा है। जिन लोगों पर आरोप है वे भी उनके परिवार, रिश्तेदार हैं। पड़ोस में रहते हैं। पीड़िता की शिकायत पर पांच आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
मामले की जांच की जा रही है। थाना प्रभारी का कहना है कि करीब छह माह पहले दोनों परिवारों के बीच रिश्तेदार की ट्रॉली चोरी होने में दूसरे पक्ष के दो युवकों पर शक जताने और दीवार विवाद का मामला सामने आया था, लेकिन लिखित में कोई शिकायत नहीं आई थी। पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुचलका पाबंद की कार्रवाई की थी। छेड़छाड़ करने की कोई शिकायत इससे पहले नहीं मिली थी।