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Meerut News: ममता और शक्ति का प्रतीक है मां चंद्रघंटा
Wed, 24 Sep 2025 06:30 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Wed, 24 Sep 2025 06:30 PM IST
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प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में पूजा अर्चना के लिए उमड़े श्रद्धालु
हस्तिनापुर। तीसरे नवरात्र पर ऐतिहासिक नगरी के पांडव टीले पर मौजूद प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना की गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की।
इस अवसर पर प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि नवरात्र में प्रतिदिन दुर्गा सप्तमी का पाठ किया जा रहा है। नवरात्रों में सवा लाख पाठ होंगे। जिसे संपन्न करने के लिए मथुरा वृंदावन से आचार्य आए है। नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघण्टा की पूजा की गई। आचार्य मुकेश शांडिल्य ने माता की कथा सुनाते हुए कहा कि देवी भागवत पुराण में बताया गया है कि मां का यह रूप बेहद सौम्य और शांत है, जो सुख-समृद्धि प्रदान करता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से आत्मविश्वास बढ़ता है, सुखों में वृद्धि होती है और सामाजिक प्रभाव भी बढ़ता है। लोग आपको सम्मान देना शुरू कर देते हैं। मां यह रूप बेहद सरल सौम्य, शांत और ममतामयी है। मां इस रूप में अपने भक्तों की सुख समृद्धि में वृद्धि करती हैं। मां चंद्रघण्टा की पूजा करने से आपके सुख और भौतिक सुखों में वृद्धि होती है ।पूजा को संपन्न कराने में पंडित ज्योति शर्मा, सीमा गुर्जर, पंडित मोहित शर्मा, कृष्ण सैनी, विशु शर्मा, चंद्रप्रकाश शुक्ला, आदि का विशेष सहयोग रहा।
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हस्तिनापुर। तीसरे नवरात्र पर ऐतिहासिक नगरी के पांडव टीले पर मौजूद प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना की गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की।
इस अवसर पर प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि नवरात्र में प्रतिदिन दुर्गा सप्तमी का पाठ किया जा रहा है। नवरात्रों में सवा लाख पाठ होंगे। जिसे संपन्न करने के लिए मथुरा वृंदावन से आचार्य आए है। नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघण्टा की पूजा की गई। आचार्य मुकेश शांडिल्य ने माता की कथा सुनाते हुए कहा कि देवी भागवत पुराण में बताया गया है कि मां का यह रूप बेहद सौम्य और शांत है, जो सुख-समृद्धि प्रदान करता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से आत्मविश्वास बढ़ता है, सुखों में वृद्धि होती है और सामाजिक प्रभाव भी बढ़ता है। लोग आपको सम्मान देना शुरू कर देते हैं। मां यह रूप बेहद सरल सौम्य, शांत और ममतामयी है। मां इस रूप में अपने भक्तों की सुख समृद्धि में वृद्धि करती हैं। मां चंद्रघण्टा की पूजा करने से आपके सुख और भौतिक सुखों में वृद्धि होती है ।पूजा को संपन्न कराने में पंडित ज्योति शर्मा, सीमा गुर्जर, पंडित मोहित शर्मा, कृष्ण सैनी, विशु शर्मा, चंद्रप्रकाश शुक्ला, आदि का विशेष सहयोग रहा।
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