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पॉश कालोनियों में मच्छरों का कहर सबसे ज्यादा
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Mon, 16 Oct 2017 10:57 AM IST
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डेंगू मच्छर।
- फोटो : अमर उजाला
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मच्छरों का सबसे ज्यादा कहर पूर्वी मेरठ में है। यह खुलासा स्वास्थ्य विभाग की तीन साल की सर्वे रिपोर्ट में हुआ है। इसकी वजह खुला नाला, नालियां, गड्ढे और भरे हुए पानी को रखने की प्रवृत्ति है। स्वास्थ्य विभाग इन्हीं क्षेत्रों में सबसे ज्यादा फॉगिंग और एंटी लार्वा स्प्रे करता है, लेकिन बीमारियों पर अंकुुश नहीं लग पा रहा है।
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मेरठ में वर्ष 2015 में डेंगू के 365 मरीज मिले थे, जबकि साल 2016 में डेंगू के 183 और चिकनगुुनिया के 1118 मरीज थे। इस साल अभी तक मेरठ में डेंगू के 418 मरीज मिल चुके हैं। यह सर्वे रिपोर्ट तीन साल में डेंगू के 845 और चिकनगुनिया के 1118 मरीजों पर सर्वे केबाद तैयार की गई है। इसमें इस साल के 297 डेंगू के मरीज शामिल किए गए हैं, जिसमें 139 डेंगू के मरीज मेरठ के पूर्वी, उत्तर पूर्वी और दक्षिण पूर्वी क्षेत्र के हैं। डेंगू के ये वह मरीज हैं, जिनकी जांच एलाइजा मशीन के जरिए हुई है, जिसे स्वास्थ्य विभाग आधिकारिक तौर पर पुष्ट मानता है। इसके अलावा शहर के निजी अस्पतालों और अधिकांश लैबों में कार्ड के जरिए टेस्ट होते हैं। इन मरीजों का स्वास्थ्य विभागा डाटा नहीं रखता है, नहीं तो मरीजों की संख्या काफी ज्यादा होगी।
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स्वास्थ्य विभाग ने पूर्वी क्षेत्र में जिन इलाकों को माना है, उनमें सबसे ज्यादा मरीज सराय काजी, शास्त्रीनगर, आर्यनगर, आलमपुर, जागृति विहार, जेल चुंगी, मेडिकल कॉलेज के आसपास का क्षेत्र है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार ने बताया कि इन क्षेत्रों में मच्छर पनपने और ज्यादा मरीज मिलने की वजह यह सामने आई है कि यहां खुला नाला है, सड़क और उसके आसपास गड्ढे हैं, जिनमें कई बार पानी भर जाता है। डेंगू का मच्छर रखे या रुकेहुए पानी में पनपता है। सर्वे के दौरान यह भी पता चला कि पॉश कालोनियों, सरकारी बिल्डिंगों, कारोबारियों, नौकरीपेशा, अच्छे घरों में भी डेंगू के लार्वा मिले है, क्योंकि कहीं कूलर का पानी नहीं बदला गया तो कहीं बारिश का पानी कई-कई दिन तक बाल्टी या टब में भरा रहा।
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मलेरिया विभाग की छुट्टियां रद
सीएमओ ने बताया कि डेंगू के बढ़ते प्रकोप के कारण मलेरिया विभाग के कर्मचारियों की रविवार और दिवाली की छुट्टियां फिलहाल रद कर दी गई हैं। उन्हें बाद में छुट्टियों की भरपाई करने के लिए कहा गया है।
शासन सख्त, संयुक्त निदेशक ने ली बैठक
लखनऊ से मलेरिया विभाग के संयुक्त निदेशक एके शर्मा ने मेडिकल कॉलेज में रविवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और माइक्रोबायोलॉजी लैब का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में डेंगू की रोकथाम के लिए मलेरिया विभाग फॉगिंग और एंटी लार्वा स्प्रे करने के निर्देश दिए। वे जिला मलेरिया कार्यालय गए और मच्छर जनित बीमारियों की समीक्षा की। बाद में सीएमओ कार्यालय में बैठक की। ‘हर रविवार मच्छर पर वार’ के तहत ड्राई डे मनाने का सुझाव दिया।
नालों के कारण पैदा हो रहे मच्छर
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुंवर सेन ने बताया कि शहर के सभी नाले काली नदी से मिलते हैं, नालों में गंदगी के कारण ही मच्छरों का प्रकोप पूर्व में ज्यादा होता है। पहले भी शहर के पूर्वी क्षेत्र में अधिक बीमारियां फैलती रही हैं।
ये निर्देश भी दिए
बेसिक शिक्षा अधिकारी को इस आशय से निर्देश भेजे जाएं कि सभी छात्र पूरी बाह की कमीज, फुल पेंट, छात्राएं सलवार और पूरी बांह का कुर्ता पहन कर स्कूल आएं।
जनपद में गठित रैपिड रेस्पांस टीम को क्रियाशील किया जाए।
अस्पतालों के डेंगू वार्ड को पूरी तरह से सुव्यवस्थित एवं क्रियाशील रखा जाए।