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सात हजार से ज्यादा चिकित्सकों ने की मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई
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मेरठ। मेडिकल कॉलेज का 55वां स्थापना दिवस बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। हालांकि इस बार पिछले सालों की तरह समारोह नहीं होगा न ही होनहार विद्यार्थियों को मेडल दिए जाएंगे। इस बार कोरोना और टीकाकरण के कारण समारोह नहीं किया जा रहा है।
लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज की स्थापना 28 जनवरी 1966 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रभानु गुप्त ने की थी। यहां से अब तक 7395 विद्यार्थी एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त कर चुके हैं। इनमें से 3177 ने स्नातकोतर और 27 ने डीएम एंडोक्राइनोलॉजी की डिग्रियां प्राप्त की हैं। काफी चिकित्सक विदेशों में भी नाम रोशन कर रहे हैं।
यह प्रदेश का एकमात्र राजकीय मेडिकल कॉलेज है, जहां डीएम एंडोक्राइनोलॉजी पाठ्यक्रम उपलब्ध है। हालांकि यहां चिकित्सकों के 81 पद रिक्त चल रहे हैं। जिस कारण महाविद्यालय और चिकित्सालय की व्यवस्था सुचारु चलाने में कठिनाई होती है। यहां पर 199 पद स्वीकृत हैं।
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प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि नेशनल मेडिकल कमीशन के मानकों को पूर्ण करने के लिए तीन नए लेक्चर थियेटर और वृहद केंद्रीय पुस्तकालय का निर्माण कराया जा रहा है। टीबी के मरीजों के लिए लैब तैयार है, टेस्ट भी शुरू हो गए हैं। इससे 11 जिलों को जोड़ा गया है।
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लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज की स्थापना 28 जनवरी 1966 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रभानु गुप्त ने की थी। यहां से अब तक 7395 विद्यार्थी एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त कर चुके हैं। इनमें से 3177 ने स्नातकोतर और 27 ने डीएम एंडोक्राइनोलॉजी की डिग्रियां प्राप्त की हैं। काफी चिकित्सक विदेशों में भी नाम रोशन कर रहे हैं।
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यह प्रदेश का एकमात्र राजकीय मेडिकल कॉलेज है, जहां डीएम एंडोक्राइनोलॉजी पाठ्यक्रम उपलब्ध है। हालांकि यहां चिकित्सकों के 81 पद रिक्त चल रहे हैं। जिस कारण महाविद्यालय और चिकित्सालय की व्यवस्था सुचारु चलाने में कठिनाई होती है। यहां पर 199 पद स्वीकृत हैं।
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प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि नेशनल मेडिकल कमीशन के मानकों को पूर्ण करने के लिए तीन नए लेक्चर थियेटर और वृहद केंद्रीय पुस्तकालय का निर्माण कराया जा रहा है। टीबी के मरीजों के लिए लैब तैयार है, टेस्ट भी शुरू हो गए हैं। इससे 11 जिलों को जोड़ा गया है।