फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Modi 20 scrambled questions in 55 minutes

55 मिनट में मोदी ने दागे 20 सुलगते सवाल

Fri, 29 Mar 2019 03:31 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Gaurav sharma Updated Fri, 29 Mar 2019 03:31 AM IST
सार

प्रधानमंत्री ने रैली में विपक्ष पर मढ़ा आतंकवाद को संरक्षण देने का आरोप
भाषण के बीच में चिरपरिचित अंदाज में जनता से सवाल पूछकर हां कहलवाते रहे मोदी

विज्ञापन
Modi 20 scrambled questions in 55 minutes
राजनीति - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बृहस्पतिवार को क्रांति की सरजमीं पर थे। 55 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने लोगों से सीधे संवाद ज्यादा किया। पांच साल पहले 2014 की रैली में उनका जो अंदाज था, वो आज भी ज्यों का त्यों नजर आया। 20 सुलगते सवाल दागकर उन्होंने मेरठ के लोगों की नब्ज पकड़ने की कोशिश की। गरीबों के खातों पर सवाल खड़े करने से शुरू हुआ बातचीत का सिलसिला सबूत चाहिए कि सपूत चाहिए... के सवाल तक पहुंच गया।
विज्ञापन

प्रधानमंत्री ने सिवाया टोल प्लाजा के पास आयोजित रैली में 12 बजकर दो मिनट पर माइक संभाला। पहला सवाल किया... जब मैं गरीबों के बैंक में खाते खुलवाता था, तब बड़े बुद्धिमान लोग भाषण देते थे कि देश में पैसे नहीं हैं, गांव का आदमी क्या करेगा। ऐसा कहते थे कि नहीं कहते थे? और जो लोग 70 साल तक बैंकों में गरीबों का खाता तक नहीं खुलवा पाए, वो अब कहते हैं कि तुम्हारे खाते में पैसे डालेंगे। अरे जो खाता नहीं खुलवा सकता, वो खाते में पैसा डाल सकता है क्या?
विज्ञापन

दूसरा सवाल दागा कि मुझे बताइए इन महामिलावटी लोगों की सरकार जब दिल्ली में थी, तब देश में आएदिन बम धमाके  होते थे कि नहीं होते थे? तीसरा सवाल और भी आक्रामक था... पूछा कि ये महामिलावटी आतंकियों को संरक्षण देते थे कि नहीं देते थे? आतंकियों की भी जात और पहचान देखते थे कि नहीं देखते थे? उस आधार पर सजा तय करते थे कि नहीं करते थे? फिर सवाल दागा कि महामिलावटियों की सरकार के वक्त राज्य में बेटियों को इंसाफ मिलता था क्या? मेरठ वाले तो बराबर जानते हैं, जवाब दीजिए बेटियों को इंसाफ मिलता था क्या? इनकी सरकार में गुंडे और बदमाश बेलगाम थे कि नहीं थे? ऐसे लोगों के हाथ में देश सुरक्षित रहेगा क्या? मजबूत देश के लिए मजबूत सरकार चाहिए कि नहीं चाहिए?
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रधानमंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे पर तीखे सवाल दागे। पूछा कि भाइयों-बहनों आप ही बताइए, देश को हिंदुस्तान के हीरो चाहिए या पाकिस्तान के? 130 करोड़ देशवासियों से पूछना चाहता हूं कि क्या हमें सबूत चाहिए कि सपूत चाहिए? 26 फरवरी को सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल दागा कि हमारे देश के वीर सैनिकों ने जो पराक्रम किया, उसमें थोड़ी सी भी गड़बड़ी हो जाती तो क्या होता। ये लोग क्या करते। पुतले जलाते कि नहीं जलाते? मेरा इस्तीफा मांगते कि नहीं मांगते? सारा दोष मोदी पर देते कि नहीं? दुनियाभर की गाली देते कि नहीं देते? कुछ दिन पहले तक जो लोग इस चौकीदार को चुनौती देते फिरते थे, अब रोते फिर रहे हैं। मोदी ने ये क्यों किया। मोदी ने ये क्या किया। मोदी ने पाकिस्तान में आतंकियों को घर में घुसकर क्यों मारा। ये मोदी ने आतंकवादियों के अड्डे नष्ट क्यों किए। रो रहे हैं। रो रहे हैं कि नहीं रो रहे हैं?

महागठबंधन पर दागा आखिर सवाल
सपा, रालोद और बसपा गठबंधन को ‘सराब’ का नाम देते हुए पूछा कि अच्छी सेहत के लिए इससे बचना चाहिए कि नहीं बचना चाहिए? उत्तर प्रदेश की अच्छी सेहत के लिए बचना चाहिए कि नहीं बचना चाहिए? अच्छे भारत के विकास के लिए इससे बचना चाहिए कि नहीं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed