शामली: संदिग्ध गुलजार से बरामद कॉल रिकॉर्डिंग में खतरनाक बातचीत, रिमांड पर खुलेंगे कई बड़े राज
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रेलवे स्टेशनों को उड़ाने की धमकी भरे मेल भेजने वाले गुलजार से बरामद मोबाइल फोन में दर्ज कॉल रिकॉर्डिंग में बम और आतंकवादी जैसे शब्द भी प्रयोग हुए हैं। पुलिस के अनुसार आवाज थोड़ी अस्पष्ट है, लेकिन इस तरह की बातें सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर हैं।
पूछताछ में आरोपियों का बार-बार बयान बदलना भी दोनों पर संदेह की बड़ी वजह है। इन मजबूत तथ्यों के आधार पर ही पुलिस गुलजार का कम से कम तीन दिन का पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी में है। इसके लिए पुलिस और साइबर सेल टीम कागजात तैयार करने में जुटी है।
शामली, मेरठ और गाजियाबाद सहित कई जिलों में रेलवे स्टेशनों को उड़ाने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार मेरठ के कंकरखेड़ा के नंगलाताशी निवासी गुलजार और उसके भाई शहजाद से पुलिस ने तीन मोबाइल फोन बरामद किए थे। एसपी अजय कुमार के अनुसार रिकॉर्डिंग में आरोपी की फोन पर हो रही बातचीत में बम सेट करने और आतंकवादी जैसी बातें कही जा रही हैं।
दोनों भाइयों से अलग अलग पूछताछ हुई तो भी इनकी बातों में मेल नहीं बैठा। ऐसे में इन पर संदेह और बढ़ा है। इसी कारण पुलिस गुलजार को संदिग्ध आतंकी मानकर चल रही है। फोन पर सुनी गई गंभीर बातें और बार बार बयान बदलने को ही पुलिस इस केस का मजबूत आधार बनाएगी। कोर्ट से आरोपी का तीन दिन का रिमांड लेने का अनुरोध किया जाएगा। संभवत: कल कोर्ट में ये कागजात दाखिल हो जाएंगे। सोमवार को इस पर सुनवाई होने की संभावना है।
सीडी में दर्ज होगा ब्योरा
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी के मोबाइल की कॉल रिकॉर्डिंग में सुनी जा रही संदिग्ध बातों को पुलिस केस डायरी में दर्ज करेगी। जिस तरह बातचीत हो रही है उसे बोलचाल की भाषा में लिखा जाएगा। ताकि केस डायरी के आधार पर केस मजबूत बन सके।
गुलजार-शहजाद के नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस
रेलवे स्टेशन उड़ाने की धमकी देने के आरोप में पकड़े गए गुलजार और शहजाद से जुड़े लोगों की कुंडली खंगालने के लिए शामली पुलिस की दो टीमें सहारनपुर और मेरठ भेजी गई हैं। ये टीमें आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकार्ड के आधार पर छानबीन कर रही हैं। आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने दावा किया था कि कई महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली जानकारी मिली हैं। उनकी गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं।
पुलिस ने उनके कब्जे से तीन स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद किए थे, जिनमें एक मोबाइल का प्रयोग पुलिस की मेल आईडी पर धमकी भेजने में किया गया था। अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड के आधार पर उनके नेटवर्क में शामिल कुछ संदिग्ध लोगों के बारे में जानकारी मिली है। उनके संपर्क में रहने वालों की कुंडली खंगाली जा रही है। शामली पुलिस की दो टीमें सहारनपुर और मेरठ भेजी गई हैं। जो छानबीन में लगी हैं। वहीं एटीएस और सर्विलांस टीम भी आरोपियों के बयानों के आधार पर जांच में जुटी हैं।
शामली आने का मकसद भी तलाश रही पुलिस
पुलिस ने दोनों भाइयों की गिरफ्तारी शामली रोडवेज बस स्टैंड से करना बताया है। ऐसे में सवाल उठता है कि दोनों भाई शामली किस मकसद से आए थे। फिलहाल पुलिस आरोपियों का शामली में किसी तरह का कोई कनेक्शन न होने की बात कह रही है, लेकिन अफसरों के गले से यह बात नहीं उतर रही है।
पुलिस का मानना है कि मेल पर दी गई धमकी में शामली स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। ऐसे में उनके लोकल कनेक्शन होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। पुलिस गोपनीय तरीके से आरोपियों के लोकल कनेक्शन भी तलाश रही है।
कल करेंगे आवेदन
आरोपियों के मोबाइल में मिली रिकार्डिंग में बम और आतंकवादी जैसी बातचीत दर्ज है। बार बार बयान भी बदल रहे हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर ये केस गंभीर है। पुलिस मजबूत कागजातों के आधार पर रिमांड के लिए कल आवेदन करेगी। काल डिटेल के आधार पर मोदीनगर और मेरठ के लिसाड़ी गेट क्षेत्र के दो व्यक्ति प्रकाश में आए हैं। उनकी धरपकड़ को टीमें भेजी गई हैं। - अजय कुमार, एसपी शामली
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