{"_id":"6a88737dfe1b3d4f0e0b4231","slug":"mobile-laboratory-to-reach-schools-meerut-news-c-72-1-mct1014-158115-2026-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: स्कूलों में पहुंचेगी चलती-फिरती प्रयोगशाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: स्कूलों में पहुंचेगी चलती-फिरती प्रयोगशाला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विद्यालयों में 15 से 31 अक्टूबर तक आईआईटी कानपुर की विज्ञान बस, पंजीकरण जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। जिला विज्ञान क्लब की ओर से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और प्रयोगात्मक समझ विकसित करने के लिए जिले के विद्यालयों में आईआईटी कानपुर की विज्ञान बस पहुंचेगी। जिलाधिकारी के निर्देशन में विज्ञान बस का संचालन 15 से 31 अक्टूबर तक किया जाएगा। विद्यालयों में इसका आगमन निशुल्क रहेगा। हालांकि, स्कूलों को इसके लिए पहले पंजीकरण कराना जरूरी होगा।
विज्ञान बस एक चलता-फिरता विज्ञान केंद्र है, जिसमें विभिन्न वैज्ञानिक उपकरण, मॉडल और प्रयोग उपलब्ध होंगे। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को किताबों में पढ़े गए वैज्ञानिक सिद्धांतों को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर मिलेगा। छात्र मॉडल और उपकरणों को देखकर, छूकर तथा स्वयं प्रयोग करके विज्ञान की अवधारणाओं को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। जिन विद्यालयों में विज्ञान प्रयोगशाला की सुविधाएं सीमित हैं, वहां के विद्यार्थियों को भी आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों के माध्यम से प्रयोग करने का अवसर मिलेगा। प्रत्यक्ष एवं प्रयोगात्मक अनुभव से विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ अनुसंधान और नवाचार की सोच विकसित करने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। जिला विज्ञान क्लब की ओर से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और प्रयोगात्मक समझ विकसित करने के लिए जिले के विद्यालयों में आईआईटी कानपुर की विज्ञान बस पहुंचेगी। जिलाधिकारी के निर्देशन में विज्ञान बस का संचालन 15 से 31 अक्टूबर तक किया जाएगा। विद्यालयों में इसका आगमन निशुल्क रहेगा। हालांकि, स्कूलों को इसके लिए पहले पंजीकरण कराना जरूरी होगा।
विज्ञान बस एक चलता-फिरता विज्ञान केंद्र है, जिसमें विभिन्न वैज्ञानिक उपकरण, मॉडल और प्रयोग उपलब्ध होंगे। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को किताबों में पढ़े गए वैज्ञानिक सिद्धांतों को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर मिलेगा। छात्र मॉडल और उपकरणों को देखकर, छूकर तथा स्वयं प्रयोग करके विज्ञान की अवधारणाओं को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। जिन विद्यालयों में विज्ञान प्रयोगशाला की सुविधाएं सीमित हैं, वहां के विद्यार्थियों को भी आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों के माध्यम से प्रयोग करने का अवसर मिलेगा। प्रत्यक्ष एवं प्रयोगात्मक अनुभव से विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ अनुसंधान और नवाचार की सोच विकसित करने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन