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तत्काल सहायता के लिए तत्पर है ‘तत्पर’
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Tue, 19 Apr 2016 02:15 AM IST
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तत्पर एप्स।
- फोटो : फाइल
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पुलिस ने ‘तत्पर’ नाम के एप से बदमाशों की घेराबंदी करने की तैयारी कर ली है। कोई भी वारदात होने पर इस एप पर क्लिक करते ही पुलिस कंट्रोल रूम का अलार्म बज उठेगा और पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचकर बदमाशों की घेराबंदी कर लेगी। पुलिस ने शुरुआत में मेरठ और नोएडा के 10-10 हजार लोगों के फोन में यह एप इंस्टॉल करने का प्लान बनाया है।
आईजी सुजीत पांडेय ने बताया कि जोन के मेरठ, बुलंदशहर, नोएडा, हापुड़, गाजियाबाद, बागपत, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जिलों के कप्तानों से ऐसे लोगों की सूची मांगी गई है, जिनके साथ लूट और डकैती की वारदात होने की आशंका ज्यादा है। बैंक, फैक्ट्रियों के कर्मचारी, व्यापारी, सराफ, नेताओं के नाम (प्रत्येक जिले से करीब दस हजार लोग) मांगे हैं, जिनके फोन में यह एप लगाया जा सके। इस एप को जनपद के पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। ताकि आपातकालीन स्थिति में एप पर क्लिक करते ही कंट्रोल रूम में अलार्म बजे। प्रत्येक जिले के कप्तानों ने सभी थानेदारों से अपने-अपने क्षेत्रों से लोगों के नाम मांगने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
क्या है यह एप
पुलिस द्वारा बनवाए गए इस एप को तत्पर नाम दिया गया। जिस मोबाइल में यह अपलोड होगा, उसकी लोकेशन पुलिस कंट्रोल रूम के पास रहेगी। इस एप में ऑडियो व वीडियो का भी सिस्टम है। क्लिक करते ही कंट्रोल रूम में ऑडियो, वीडियो सेंड होनी शुरू हो जाएगी।
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बैंक और सराफा पर फोकस
अपराधियों का पुराना रिकार्ड देखते हुए पुलिस ने बैंक और सराफा कारोबारियों पर ज्यादा फोकस किया है। पुलिस का कहना है कि वेस्ट यूपी के जिलों में पिछले दिनों बैंक और सराफा कारोबारियों से लूट और डकैती की वारदात ज्यादा हुई हैं। पुलिस बैंक के प्रत्येक कर्मचारी के मोबाइल में इस एप को लगाएगी। बैंक में बदमाश घुसते ही कोई भी कर्मचारी एक क्लिक पर पुलिस को सूचना दे सकेगा। इस एप को चलाने के लिए इंटरनेट एक्टिव होना जरूरी है। इस एप के संबंध में जल्द ही पुलिस प्रत्येक जिले में बैंक, फैक्ट्री मालिक और व्यापारियों के साथ मीटिंग करेगी।
कैसे होगा इंस्टॉल
दस हजार लोगों की सूची बनने के बाद थानाक्षेत्र वार इस एप को डाला जाएगा। थानों में नियत तिथि पर लोगों को बुलाया जाएगा और एप को उनके फोन में अपलोड किया जाएगा।
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आईजी सुजीत पांडेय ने बताया कि जोन के मेरठ, बुलंदशहर, नोएडा, हापुड़, गाजियाबाद, बागपत, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जिलों के कप्तानों से ऐसे लोगों की सूची मांगी गई है, जिनके साथ लूट और डकैती की वारदात होने की आशंका ज्यादा है। बैंक, फैक्ट्रियों के कर्मचारी, व्यापारी, सराफ, नेताओं के नाम (प्रत्येक जिले से करीब दस हजार लोग) मांगे हैं, जिनके फोन में यह एप लगाया जा सके। इस एप को जनपद के पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। ताकि आपातकालीन स्थिति में एप पर क्लिक करते ही कंट्रोल रूम में अलार्म बजे। प्रत्येक जिले के कप्तानों ने सभी थानेदारों से अपने-अपने क्षेत्रों से लोगों के नाम मांगने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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क्या है यह एप
पुलिस द्वारा बनवाए गए इस एप को तत्पर नाम दिया गया। जिस मोबाइल में यह अपलोड होगा, उसकी लोकेशन पुलिस कंट्रोल रूम के पास रहेगी। इस एप में ऑडियो व वीडियो का भी सिस्टम है। क्लिक करते ही कंट्रोल रूम में ऑडियो, वीडियो सेंड होनी शुरू हो जाएगी।
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बैंक और सराफा पर फोकस
अपराधियों का पुराना रिकार्ड देखते हुए पुलिस ने बैंक और सराफा कारोबारियों पर ज्यादा फोकस किया है। पुलिस का कहना है कि वेस्ट यूपी के जिलों में पिछले दिनों बैंक और सराफा कारोबारियों से लूट और डकैती की वारदात ज्यादा हुई हैं। पुलिस बैंक के प्रत्येक कर्मचारी के मोबाइल में इस एप को लगाएगी। बैंक में बदमाश घुसते ही कोई भी कर्मचारी एक क्लिक पर पुलिस को सूचना दे सकेगा। इस एप को चलाने के लिए इंटरनेट एक्टिव होना जरूरी है। इस एप के संबंध में जल्द ही पुलिस प्रत्येक जिले में बैंक, फैक्ट्री मालिक और व्यापारियों के साथ मीटिंग करेगी।
कैसे होगा इंस्टॉल
दस हजार लोगों की सूची बनने के बाद थानाक्षेत्र वार इस एप को डाला जाएगा। थानों में नियत तिथि पर लोगों को बुलाया जाएगा और एप को उनके फोन में अपलोड किया जाएगा।