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Meerut News: विधायक अतुल प्रधान ने राज्यपाल के समक्ष रखी पांच सूत्रीय मांग
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सरधना। सपा विधायक अतुल प्रधान ने राज्यपाल के मेरठ पहुंचने पर पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उन्हें सौंपा।
विधायक ने काली नदी में खतौली जिला मुजफ्फरनगर से जल प्रवाह सुनिश्चित कराने की मांग की। औद्योगिक कारखानों से निकलने वाले प्रदूषित जल को बिना जल सोधन संयंत्र के सीधे नदी में प्रवाहित किए जाने वाले के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। जल संरक्षण के प्रति सरकार द्वारा व्यापक रूप से जागरूकता अभियान चलाया जाए। नदियों और धाराओं में चेक डैम का निर्माण किया जाए। जल संरक्षण हेतु रेनवाटर हार्वेस्टिंग तकनीक का प्रयोग व्यापक स्तर पर बढ़ाया जाए एवं प्रोत्साहन राशि दी जाए।
इसके बाद अतुल प्रधान ने कहा कि धरती पर जीवन के अस्तित्व को बचाए रखने के लिए जल संरक्षण और जल प्रदूषण से बचाव बहुत जरूरी है, क्योंकि बिना जल के जीवन संभव नहीं है। वर्तमान समय में जल के अतिदोहन के कारण जल की कमी और औद्योगिक क्रियाओं के फलस्वरूप प्रदूषित जल सीधे जल धाराओं में विसर्जित कर दिया जाता है। इससे जल में विभिन्न हानिकारक पदार्थों के मिलने से जलजनित संक्रामक रोग हेपिटाइटस, टायफाइड, त्वचा संबंधित रोग, श्वांस रोग, अतिसार तथा कैंसर जैसे रोग से बहुत से लोग प्रभावित हो रहे हैं।
विधानसभा सरधना से होकर गुजरने वाली काली नदी में बहुत सारे औद्योगिक कारखानों से प्रदूषित जल तथा कचरे के कारण प्रदूषित है, जिस कारण बड़ी संख्या में गत वर्षों में गंभीर बीमारियों के कारण मौतें हुई हैं। क्षेत्रीय विधायक ने बताया कि राज्यपाल ने ज्ञापन में की गई मांगों पर जल्द कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
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विधायक ने काली नदी में खतौली जिला मुजफ्फरनगर से जल प्रवाह सुनिश्चित कराने की मांग की। औद्योगिक कारखानों से निकलने वाले प्रदूषित जल को बिना जल सोधन संयंत्र के सीधे नदी में प्रवाहित किए जाने वाले के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। जल संरक्षण के प्रति सरकार द्वारा व्यापक रूप से जागरूकता अभियान चलाया जाए। नदियों और धाराओं में चेक डैम का निर्माण किया जाए। जल संरक्षण हेतु रेनवाटर हार्वेस्टिंग तकनीक का प्रयोग व्यापक स्तर पर बढ़ाया जाए एवं प्रोत्साहन राशि दी जाए।
इसके बाद अतुल प्रधान ने कहा कि धरती पर जीवन के अस्तित्व को बचाए रखने के लिए जल संरक्षण और जल प्रदूषण से बचाव बहुत जरूरी है, क्योंकि बिना जल के जीवन संभव नहीं है। वर्तमान समय में जल के अतिदोहन के कारण जल की कमी और औद्योगिक क्रियाओं के फलस्वरूप प्रदूषित जल सीधे जल धाराओं में विसर्जित कर दिया जाता है। इससे जल में विभिन्न हानिकारक पदार्थों के मिलने से जलजनित संक्रामक रोग हेपिटाइटस, टायफाइड, त्वचा संबंधित रोग, श्वांस रोग, अतिसार तथा कैंसर जैसे रोग से बहुत से लोग प्रभावित हो रहे हैं।
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विधानसभा सरधना से होकर गुजरने वाली काली नदी में बहुत सारे औद्योगिक कारखानों से प्रदूषित जल तथा कचरे के कारण प्रदूषित है, जिस कारण बड़ी संख्या में गत वर्षों में गंभीर बीमारियों के कारण मौतें हुई हैं। क्षेत्रीय विधायक ने बताया कि राज्यपाल ने ज्ञापन में की गई मांगों पर जल्द कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
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