BSP का मास्टर प्लान: अखिलेश-जयंत की राहें जुदा होते ही मायावती ने की मुस्लिम-दलित मतों में सेंधमारी की तैयारी
लोकसभा चुनाव 2024 में बहुजन समाज पार्टी पिछले लोकसभा चुनावों के परिणाम के आधार पर मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर मुस्लिम व दलित मतों में सेंधमारी की तैयारी कर रही है।
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मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर 19 लाख से अधिक मतदाता हैं, जिनमें मुस्लिम साढ़े पांच लाख और दलित वोटर तीन लाख से अधिक हैं। बसपा नेताओं का मानना है कि जब जब दलित, मुस्लिम और अतिपिछड़ी जातियों का समीकरण बना तब तब प्रदेश में बसपा ने सत्ता हासिल की है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा-सपा गठंबधन में थी। बसपा के पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी लोकसभा प्रत्याशी थे।
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लोकसभा चुनाव में बसपा का हाथी दलित और मुस्लिम वर्ग में खूब दौड़ा और बसपा प्रत्याशी को 581455 वोट मिले। मतगणना के दौरान बसपा प्रत्याशी के कार्यकर्ता इतना उत्साहित था कि विजय घोषित होने से पहले ही शहर में विजय जुलूस निकाल दिए गए थे।
हालांकि बाद में जिला प्रशासन द्वारा घोषित चुनाव परिणाम में भाजपा के राजेन्द्र अग्रवाल को 586184 मतों के साथ 4709 मतों से विजयी घोषित किया गया था। उधर कांग्रेस से हरेन्द्र अग्रवाल चुनाव मैदान में थे जिनको 34479 मत ही मिले थे।
हाल ही में बसपा हाईकमान ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बाबू मुनकाद अली को मेरठ मंडल का प्रभारी बनाया है। बसपा के पुराने नेता शाहजहां सैफी भी मंडल प्रभारी की जिम्मेदारी देख रहे हैं। इतना ही नहीं कुछ समय पहले मेरठ मंडल से हटाए गए समशुददीन राइन को फिर से मेरठ मंडल प्रभारी बनाकर भेजा गया है।