केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान ने कहा- गुड़ को कृषि उत्पाद घोषित कर जीएसटी से कराएंगे मुक्त
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केंद्रीय पशुधन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि गुड़ को कृषि उत्पाद घोषित कराकर जीएसटी से मुक्त कराने की कोशिश करेंगे। गुड़ मंडी के व्यापार और कोल्हुओं को बचाने के लिए जिला प्रशासन को गुड़ माफिया का खात्मा करना होगा। गुड़ पर मंडी शुल्क और कोल्हुओं पर बिजली की दरें कम कराने के लिए जिले के सभी विधायकों को एकजुट होकर मुख्यमंत्री के सामने एक प्रस्ताव को रखना होगा। इसमें वह भी मदद करेंगे।
शनिवार को श्रीराम कॉलेज में आयोजित गुड़ महोत्सव में मुख्य अतिथि केंद्रीय पशुधन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि चुनाव आचार संहिता के कारण गुड़ महोत्सव में देरी हुई है। यह महोत्सव फरवरी-मार्च में होता तो अलग ही बात होती। हमारे जिले की पहचान गन्ना, गुड़, पेपर एवं लोहा इंडस्ट्री है। गुड़ का व्यापार यहां व्यापारी और कोल्हू चलाने वालों के लिए घाटे का सौदा बनता जा रहा है। गुड़मंडी और कोल्हुओं को बचाने के लिए जिले से गुड़ माफिया को खत्म करना होगा।
डॉ. संजीव बालियान ने जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय और एसएसपी सुधीर सिंह से कहा कि वे अभियान चलाकर गुड़ माफिया को खत्म करें। मंडी समिति के अधिकारी और कर्मचारी गुड़ माफिया से मिले हैं। इन्हीं की मिलीभगत से गुड़ माफिया टैक्स चोरी कर रहे हैं। गुड़ को मंडियों तक आने ही नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि गुड़ व्यापारियों की गुड़ को कृषि उत्पाद घोषित करने की मांग को सरकार से जल्द ही पूरा कराया जाएगा और गुड़ को जीएसटी से मुक्त कराया जाएगा।
वहीं उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार से मंडी टैक्स खत्म करने और कोल्हुओं को सस्ती बिजली दिए जाने को लेकर जिले के सभी विधायक एकजुट होकर मुख्यमंत्री से मिलकर उनके सामने पूरा मामला रखें। मेरा भी पूरा सहयोग रहेगा। कोल्हुओं पर बिजली की रेट बहुत ज्यादा है, इससे कोल्हू संचालक घाटे में जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 2014 में जब वह मंत्री रहे, तो उन्होंने दो चीजों पर काम करने पर जोर दिया था। इसमें एक तो आधुनिक तकनीकी का कोल्हू और एक अन्य खाद्य पदार्थों की तरह गन्ने के रस की पैकेजिंग हो। इसमें एक चीज पर सफलता मिल गई है। आधुनिक तकनी पर आधारित तकनीकी का कोल्हू बाजार में आ गया है। जिला प्रशासन इस तरह की कार्ययोजना तैयार करे कि जिले में कम से कम 100 कोल्हू आधुनिक तकनीक के लगें। कोल्हू लगाने के लिए इच्छुक युवाओं को बैंक से लोन कराएं।
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