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FIR दर्ज न करने पर भड़के मंत्री: समर्थकों के साथ थाने पहुंचे दिनेश खटीक, बाले- मुकदमा नहीं किया तो धरने पर बैठेंगे

Fri, 10 Jun 2022 05:42 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: विजय पुंडीर Updated Fri, 10 Jun 2022 05:42 AM IST
सार

गंगानगर थाने में एफआईआर न लिखने पर राज्यमंत्री दिनेश खटीक भड़क गए। मंत्री और इंस्पेक्टर के बीच तीखी बहस हुई। इतना ही नहीं मंत्री ने धरने पर बैठने तक की बात कह डाली। मंत्री के समर्थक भी थाने में पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। बाद में सीओ सदर देहात ने मंत्री से कहा कि सुबह दोनों पक्षों को बुलाकर जांच कर लेंगे। तब जाकर मामला शांत हुआ और मंत्री थाने से वापस लौटे।

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Minister of State Dinesh Khatik furious for not registering FIR
दिनेश खटीक - फोटो : amar ujala

विस्तार

गंगानगर थाने में एफआईआर न लिखने पर राज्यमंत्री दिनेश खटीक भड़क गए और रात में अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंच गए। जहां पर सेक्टर से मंत्री की तीखी झड़प हुई। मंत्री ने इंस्पेक्टर से कहा कि मुकदमा दर्ज नहीं किया तो वह थाने में धरने पर बैठेंगे। जिस पर पुलिस अधिकारियों में खलबली मच गई। पुलिस ने मंत्री को समझा बुझाकर शांत किया और मामले की जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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थाने में एफआईआर दर्ज न करने पर भड़के राज्यमंत्री दिनेश खटीक
पुलिस के मुताबिक, चार जून को टैंट वाले बिज्जू सामान लेकर टेंपो से जा रहे थे। गंगानगर में सर्विलांस में तैनात सिपाही आकाश के गाड़ी में टैंपो से साइड लग गई। आरोप है कि सिपाही ने बिज्जू से मारपीट कर दी। बिज्जू ने इसकी शिकायत एसएसपी ऑफिस में की, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। बुधवार रात करीब नौ बजे बिज्जू एफआईआर के बारे में पूछने के लिए गंगानगर थाने गए थे। आरोप है कि पुलिस ने सिपाही पर एफआईआर लिखने से इनकार कर दिया। जिस पर बिज्जू ने यह बात मंत्री दिनेश खटीक को बता दी।
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बस फिर क्या था, मंत्री भड़क गए और समर्थकों के साथ रात 9:30 बजे थाने पहुंच गए। जहां पर इंस्पेक्टर गंगानगर राजपाल सिंह व सीओ सदर देहात पूनम सिरोही मौजूद थे। बताया गया कि एफआईआर न लिखने पर मंत्री और इंस्पेक्टर के बीच तीखी झड़प हुई। मंत्री ने लखनऊ में फोन किया तो इंस्पेक्टर ने पुलिस के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। करीब 30 मिनट तक थाने में हंगामा चला। इंस्पेक्टर का कहना कि बिज्जू ने तहरीर में सिपाही पर जाति सूचक शब्द कहने, लूट और तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया हुआ है।
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अधिकारी बोलेंगे तो एफआईआर लिख दूंगा
मंत्री ने एफआईआर दर्ज न करने का कारण पूछा। जिस पर इंस्पेक्टर ने कहा कि मामला मामूली से टक्कर लगने का है। लूट, तोड़फोड़ और जाति सूचक शब्द कहे जाने का आरोप गलत है। अधिकारी कहेंगे तो मैं सिपाही पर मुकदमा दर्ज कर दूंगा, अन्यथा नहीं लिखूंगा। जिस पर मंत्री बोले कि सारे मुकदमे पुलिस अधिकारियों के कहने पर लिखते हो क्या। इसी बात को लेकर मंत्री और इंस्पेक्टर में बहस हुई है।

थाने में धरने पर बैठ जाऊं क्या?
मंत्री ने इंस्पेक्टर से कहां कि एफआईआर दर्ज कराने के लिए मुझे थाने में धरने पर बैठना पड़ेगा क्या? जिस पर इंस्पेक्टर ने भी कुछ इसी अंदाज में जवाब दिया है। मंत्री के समर्थक भी थाने में पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। बाद में सीओ सदर देहात ने मंत्री से कहा कि सुबह दोनों पक्षों को बुलाकर जांच कर लेंगे। तब जाकर मामला शांत हुआ और मंत्री थाने से वापस लौटे।


एफआईआर दर्ज कराने के लिये मंत्री जी थाने आए थे। टैंट वाले ने एक सिपाही पर मारपीट, लूटपाट, तोडफोड़ और जाति सूचक शब्द जैसे आरोप लगाए है। इंस्पेक्टर की जांच में आरोप गलत है। जिस पर इंस्पेक्टर और मंत्री जी की बात हुई है। सुबह पीड़ित और सिपाही को बुलाया गया है। जांच के बाद ही कार्रवाई होगी। -केशव कुमार, एसपी देहात

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