स्वास्थ्य मंत्री बोले- अब नए चिकित्सकों को दो साल देनी होंगी ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं
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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण और शिशु कल्याण विभाग के मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश में करीब सात हजार चिकित्सकों की कमी है। इसे दूर करने के लिए एमबीबीएस कर रहे विद्यार्थियों से बांड भरवाया गया है, जिसके तहत एमबीबीएस करने के बाद राजकीय चिकित्सा सेवा के चिकित्सकों को दो साल ग्रामीण क्षेत्रों में बिताना अनिवार्य होगा। उन्हें सीएचसी-पीएचसी पर अपनी सेवाएं देनी होंगी।
स्वास्थ्य मंत्री मंगलवार शाम सर्किट हाउस पहुंचे। वह बुधवार को मंडलीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। मीडियाकर्मियों से उन्होंने कहा कि अब से पहले चिकित्सकों से कोई बांड नहीं भरवाया जाता था, जिस कारण एमबीबीएस करने के बाद उनमें से सरकारी चिकित्सालयों में सिर्फ एक तिहाई ही ज्वॉइन करते थे। बाकी या तो ज्वॉइन ही नहीं करते थे या फिर ज्वॉइन करने के बाद बीच में ही नौकरी छोड़ देते थे। इसलिए अब नए बैच से बांड भरवाया जा रहा है, ताकि प्रदेश के सरकारी चिकित्सालयों में चिकित्सकों की भरपाई की जा सके।
प्रशासनिक कार्य में लगे चिकित्सक देखेंगे मरीज
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था भी करने की तैयारी है कि प्रशासनिक कार्य में लगे चिकित्सक वापस अपने मूल कार्य पर लौटें। सरकारी चिकित्सालयों में मरीज देखें। अपर निदेशक स्वास्थ्य, सीएमओ कार्यालय और जिला चिकित्सालयों में ऐसे तमाम चिकित्सक हैं, जो प्रशासनिक कार्य देख रहे हैं। जिला स्तर पर इसका रूटमैप तैयार किया जा रहा है।
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जिला अस्पताल का करेंगे निरीक्षण
स्वास्थ्य मंत्री गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, बागपत और मेरठ जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करने के बाद वह जिला अस्पताल का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों में पीपी मॉडल पर सीटी स्कैन, डिजिटल एक्सरे शुरू कराए गए हैं। अल्ट्रासाउंड और डायलिसिस की भी सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा और क्या सुधार कराए जा सकते हैं, यह निरीक्षण के दौरान ही पता चलेगा। वह हर जिले में जाकर समीक्षा करेंगे और सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करेंगे।
आयुष्मान कार्ड का हो रहा दुरुपयोग, मिल रहीं शिकायतें
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना की भी बुधवार को समीक्षा करेंगे। उनसे कार्यकर्ता मिले थे, जिन्होंने शिकायत की है कि कुछ निजी अस्पताल आयुष्मान कार्ड का फर्जी तरीके से इस्तेमाल करा रहे हैं। ऐसा कराने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा। कार्ड का दुरुपयोग नहीं करने दिया जाएगा। इसके लिए अपर निदेशक स्वास्थ्य और सीएमओ को निर्देशित किया जाएगा।
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