यूपी: हजारों छात्र-छात्राएं रहे भूखे, नहीं बंटा मिड डे मील, कल खाने में मिला था मरा हुआ चूहा
मुजफ्फरनगर में मुस्तफाबाद पचैंडा के जनता इंटर कॉलेज में मिड-डे मील में मरा हुआ चूहा मिलने की घटना के बाद जिलेभर में अफरा-तफरी का आलम है। भोजन वितरण करने वाली संस्था जन कल्याण सेवा समिति हापुड़ को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। इसके चलते चार ब्लॉक क्षेत्र के 28 स्कूलों में मिड-डे मील का वितरण नहीं हो सका। इसके अतिरिक्त अन्य एनजीओ ने भी कई स्कूलों में भोजन नहीं बांटा। इसके चलते छात्र दोपहर में भूखे रहे।
मिड-डे मील में मरा हुआ चूहा मिलने के बाद प्रशासन और शिक्षा विभाग हरकत में आ गया। एनजीओ जन कल्याण समिति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही उसे ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। यह संस्था सदर ब्लॉक, मोरना, पुरकाजी और चरथावल के 28 इंटर कॉलेज में जूनियर कक्षाओं के करीब दस हजार बच्चों को मिड-डे मील का वितरण करती है। संस्था के ब्लैक लिस्टेड होने के बाद इन स्कूलों में बुधवार को मिड-डे मील का वितरण नहीं हुआ। छात्र स्कूलों में भूखे ही रहे।
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इसके अतिरिक्त बदायूं की यूनाइटेड विकास समिति शाहपुर, बघरा एवं बुढ़ाना ब्लॉक क्षेत्र और मेरठ की श्री बालाजी एनजीओ मुजफ्फरनगर शहर, खतौली और जानसठ ब्लॉक के इंटर कॉलेजों में जूनियर कक्षाओं के छात्रों को मिड-डे मील का वितरण करती है।
जिले के करीब 290 इंटर कॉलेजों में जूनियर कक्षाओं के छात्रों को मिड-डे मील वितरण की जिम्मेदारी एनजीओ के हवाले हैं। इनमें एक एनजीओ के ब्लैक लिस्ट हो जाने के बाद अब केवल दो संस्थाएं ही रह गईं हैं। इन संस्थाओं ने भी कई स्कूलों में बुधवार को भोजन नहीं बांटा।
उधर, मिड-डे मील समन्वयक विकास त्यागी का कहना है कि जन कल्याण समिति के मिड-डे मील वितरण पर रोक लगा दी गई है। अन्य एनजीओ द्वारा भोजन का वितरण नहीं करने का मामला संज्ञान में नहीं है। वह जानकारी करेंगे।
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