{"_id":"698e42284c978c4d660cb78c","slug":"message-of-self-respect-unity-and-nationalism-given-in-hindu-mahapanchayat-meerut-news-c-14-1-mrt1002-1107366-2026-02-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: हिंदू महापंचायत में दिया आत्मगौरव, एकता और राष्ट्रभाव का संदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: हिंदू महापंचायत में दिया आत्मगौरव, एकता और राष्ट्रभाव का संदेश
विज्ञापन
गॉडविन कॉलोनी बागपत रोड पर आयोजित विराटहिंदू सम्मेलन को संबोधित करते मुख्य अतिथि व मंच पर मौजूद
बागपत रोड स्थित गॉडविन कॉलोनी में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में आत्मगौरव, एकता और राष्ट्रभाव का सशक्त संदेश दिया गया। दीप प्रज्ज्वलन और वंदेमातरम् के सामूहिक गायन के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में हिंदू समाज को संगठित होकर राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया गया। देशभक्ति गीतों और नारों से पूरा वातावरण ऊर्जा और उत्साह से भर उठा।
आरएसएस के पश्चिम उत्तर प्रदेश क्षेत्र कार्यवाह प्रमोद ने संगठन की 100 वर्ष की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी इस देश को आर्यावर्त और बाद में भारतवर्ष कहा जाता था लेकिन अंग्रेजों ने इंडिया नाम प्रचलित कर भारतीयों को उनके गौरवशाली इतिहास से दूर करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, एक समय था जब लोग स्वयं को हिंदू कहने में संकोच करते थे, लेकिन आज देशवासी गर्व से कहते हैं कि मैं हिंदू हूं। उन्होंने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे जामवंत ने हनुमान को उनके पुरुषार्थ का बोध कराया, उसी प्रकार संघ समाज को उसकी शक्ति का स्मरण करा रहा है।
मुख्य अतिथि स्वामी दीपांकर महाराज (देवबंद महाकालेश्वर आश्रम) ने धर्म अध्ययन को आवश्यक बताते हुए कहा कि हमारी संस्कृति एकता और समरसता का संदेश देती है। उन्होंने जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर संगठित रहने का आह्वान किया। सनातनी प्रवक्ता मीनाक्षी सहरावत ने कहा कि अपनी जड़ों से जुड़ाव ही राष्ट्रबोध को सशक्त करता है। सम्मेलन में बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। भूपेंद्र, विवेक, दिनेश, मनीष, अंकुर, राहुल, मोहित सहित अनेक लोग उपस्थित रहे
विज्ञापन
विज्ञापन
आरएसएस के पश्चिम उत्तर प्रदेश क्षेत्र कार्यवाह प्रमोद ने संगठन की 100 वर्ष की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी इस देश को आर्यावर्त और बाद में भारतवर्ष कहा जाता था लेकिन अंग्रेजों ने इंडिया नाम प्रचलित कर भारतीयों को उनके गौरवशाली इतिहास से दूर करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, एक समय था जब लोग स्वयं को हिंदू कहने में संकोच करते थे, लेकिन आज देशवासी गर्व से कहते हैं कि मैं हिंदू हूं। उन्होंने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे जामवंत ने हनुमान को उनके पुरुषार्थ का बोध कराया, उसी प्रकार संघ समाज को उसकी शक्ति का स्मरण करा रहा है।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि स्वामी दीपांकर महाराज (देवबंद महाकालेश्वर आश्रम) ने धर्म अध्ययन को आवश्यक बताते हुए कहा कि हमारी संस्कृति एकता और समरसता का संदेश देती है। उन्होंने जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर संगठित रहने का आह्वान किया। सनातनी प्रवक्ता मीनाक्षी सहरावत ने कहा कि अपनी जड़ों से जुड़ाव ही राष्ट्रबोध को सशक्त करता है। सम्मेलन में बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। भूपेंद्र, विवेक, दिनेश, मनीष, अंकुर, राहुल, मोहित सहित अनेक लोग उपस्थित रहे
विज्ञापन