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मेरठ साउथ स्टेशन का फाउंडेशन कार्य शुरू
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मेरठ साउथ स्टेशन का फाउंडेशन कार्य शुरू
रैपिड रेल: जिले की सीमा में पहला और कॉरिडोर का सबसे ऊंचा स्टेशन होगा
परतापुर इंटरचेंज पर रैपिड के साथ मिलेंगी मेट्रो की सेवाएं
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर के तहत शुक्रवार को मेरठ साउथ स्टेेशन के फाउंडेशन का कार्य शुरू हो गया। मेरठ जिले की सीमा में यह पहला और कॉरिडोर का सबसे ऊंचा स्टेशन होगा। इसके प्लेटफॉर्म की ऊंचाई लगभग 24 मीटर और पिलर की ऊंचाई जमीन से लगभग 20 मीटर की होगी।
परतापुर इंटरचेंज के पास बनाए जाने वाले स्टेशन पर रैपिड और मेट्रो दोनों सेवाएं मिलेंगी। यहां तीन प्लेटफार्म बनेंगे। यहीं से मेरठ मेट्रो सेवा शुरू होगी। इसका अंतिम स्टेशन मोदीपुरम होगा। मेरठ साउथ से लेकर मोदीपुरम तक मेरठ मेट्रो के 12 स्टेशन तय किए गए हैं। मेरठ के बाहरी इलाके में इस स्टेशन से हरिद्वार और मुजफ्फरनगर के यात्रियों को इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी, वहीं आसपास के भूड़बराल, दौलतपुर और मोहिउद्दीनपुर आदि क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।
स्टेशन पर खरीदारी भी कर सकेंगे यात्री
स्टेशन त्रिस्तरीय होगा। एक में व्यावसायिक गतिविधियां होंगी। दूसरे में टिकटिंग की सुविधाएं और तीसरे में दो प्रवेश और निकास द्वार होंगे। दिल्ली-मेरठ हाइवे के दोनों ओर एक-एक गेट होंगे। स्टेशन पर पार्किंग की सुविधा होगी। वहीं, पैदल यात्री के लिए जोनपथ, लिफ्ट, एस्केलेटर होंगे।
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कॉस्टिंग यार्ड में बन रही निर्माण सामग्री
शताब्दी नगर कॉस्टिंग यार्ड में कंपनियों ने अपने प्लांट स्थापित किए हैं। इसी स्थान पर एलीवेटेड और भूमिगत टनल के लिए निर्माण सामग्री तैयार की जा रही है। इसी स्थान पर रैपिड रेल का एक-एक स्ट्रक्चर तैयार कर प्रयोगशाला में जांच के बाद ही साइट पर भेजा जा रहा है। एनसीआरटीसी के सीपीआरओ पुनीत वत्स के अनुसार अभी कुछ कंपनियों ने यार्ड में काम शुरू किया है। जल्दी ही अन्य कंपनियां भी काम शुरू कर देंगी।
चार साल...तीसरी बार हुआ लाइट मेट्रो चलाने का दावा
मेरठ। प्रदेश सरकार ने मेरठ में मेट्रो चलाने का दावा एक बार फिर किया है। चार वर्ष में तीसरी बार ये बात दोहराई गई है। दूसरी ओर गोकलपुर से कंकरखेड़ा तक मेट्रो संचालन की योजना अभी फाइलों से ही बाहर नहीं निकल सकी है। हालांकि रैपिड रेल प्रोजेक्ट पर मेट्रो चलाने का काम तेजी से चल रहा है। परतापुर से मोदीपुरम तक रैपिड के ट्रैक पर ही मेट्रो चलाई जाएगी।
दूसरे कॉरिडोर के लिए सपा सरकार के समय लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के एमडी कुमार केशव ने दौरा किया था। इसके लिए एमडीए में मेट्रो सेल भी बनाया गया था। इसके बाद कुछ नहीं हुआ। कुछ दिन पहले शासन ने एमडीए को दोबारा डीपीआर बनाने के निर्देश दिए थे। एमडीए के मुख्य नगर नियोजक ने इसे भेज दिया था। एमडीए ने दूसरे कॉरिडोर के प्रस्तावित स्टेशनों का नक्शा बनाया था। इसमें जागृति विहार एक्सटेंशन, मेडिकल कॉलेज, तेजगढ़ी, मंगल पांडे नगर, गांधी आश्रम, हापुड़ अड्डा चौराहा, शाहपीर गेट, बच्चा पार्क, बेगमपुल, रजबन बाजार, मेरठ कैंट, कंकरखेड़ा और श्रद्धापुरी फेज-दो स्टेशन बनाए गए थे। इसमें रजबन बाजार से श्रद्धापुरी तक भूमिगत स्टेशन का कार्य किया जाना था।
ब्यूरो
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रैपिड रेल: जिले की सीमा में पहला और कॉरिडोर का सबसे ऊंचा स्टेशन होगा
परतापुर इंटरचेंज पर रैपिड के साथ मिलेंगी मेट्रो की सेवाएं
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर के तहत शुक्रवार को मेरठ साउथ स्टेेशन के फाउंडेशन का कार्य शुरू हो गया। मेरठ जिले की सीमा में यह पहला और कॉरिडोर का सबसे ऊंचा स्टेशन होगा। इसके प्लेटफॉर्म की ऊंचाई लगभग 24 मीटर और पिलर की ऊंचाई जमीन से लगभग 20 मीटर की होगी।
परतापुर इंटरचेंज के पास बनाए जाने वाले स्टेशन पर रैपिड और मेट्रो दोनों सेवाएं मिलेंगी। यहां तीन प्लेटफार्म बनेंगे। यहीं से मेरठ मेट्रो सेवा शुरू होगी। इसका अंतिम स्टेशन मोदीपुरम होगा। मेरठ साउथ से लेकर मोदीपुरम तक मेरठ मेट्रो के 12 स्टेशन तय किए गए हैं। मेरठ के बाहरी इलाके में इस स्टेशन से हरिद्वार और मुजफ्फरनगर के यात्रियों को इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी, वहीं आसपास के भूड़बराल, दौलतपुर और मोहिउद्दीनपुर आदि क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।
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स्टेशन पर खरीदारी भी कर सकेंगे यात्री
स्टेशन त्रिस्तरीय होगा। एक में व्यावसायिक गतिविधियां होंगी। दूसरे में टिकटिंग की सुविधाएं और तीसरे में दो प्रवेश और निकास द्वार होंगे। दिल्ली-मेरठ हाइवे के दोनों ओर एक-एक गेट होंगे। स्टेशन पर पार्किंग की सुविधा होगी। वहीं, पैदल यात्री के लिए जोनपथ, लिफ्ट, एस्केलेटर होंगे।
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कॉस्टिंग यार्ड में बन रही निर्माण सामग्री
शताब्दी नगर कॉस्टिंग यार्ड में कंपनियों ने अपने प्लांट स्थापित किए हैं। इसी स्थान पर एलीवेटेड और भूमिगत टनल के लिए निर्माण सामग्री तैयार की जा रही है। इसी स्थान पर रैपिड रेल का एक-एक स्ट्रक्चर तैयार कर प्रयोगशाला में जांच के बाद ही साइट पर भेजा जा रहा है। एनसीआरटीसी के सीपीआरओ पुनीत वत्स के अनुसार अभी कुछ कंपनियों ने यार्ड में काम शुरू किया है। जल्दी ही अन्य कंपनियां भी काम शुरू कर देंगी।
चार साल...तीसरी बार हुआ लाइट मेट्रो चलाने का दावा
मेरठ। प्रदेश सरकार ने मेरठ में मेट्रो चलाने का दावा एक बार फिर किया है। चार वर्ष में तीसरी बार ये बात दोहराई गई है। दूसरी ओर गोकलपुर से कंकरखेड़ा तक मेट्रो संचालन की योजना अभी फाइलों से ही बाहर नहीं निकल सकी है। हालांकि रैपिड रेल प्रोजेक्ट पर मेट्रो चलाने का काम तेजी से चल रहा है। परतापुर से मोदीपुरम तक रैपिड के ट्रैक पर ही मेट्रो चलाई जाएगी।
दूसरे कॉरिडोर के लिए सपा सरकार के समय लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के एमडी कुमार केशव ने दौरा किया था। इसके लिए एमडीए में मेट्रो सेल भी बनाया गया था। इसके बाद कुछ नहीं हुआ। कुछ दिन पहले शासन ने एमडीए को दोबारा डीपीआर बनाने के निर्देश दिए थे। एमडीए के मुख्य नगर नियोजक ने इसे भेज दिया था। एमडीए ने दूसरे कॉरिडोर के प्रस्तावित स्टेशनों का नक्शा बनाया था। इसमें जागृति विहार एक्सटेंशन, मेडिकल कॉलेज, तेजगढ़ी, मंगल पांडे नगर, गांधी आश्रम, हापुड़ अड्डा चौराहा, शाहपीर गेट, बच्चा पार्क, बेगमपुल, रजबन बाजार, मेरठ कैंट, कंकरखेड़ा और श्रद्धापुरी फेज-दो स्टेशन बनाए गए थे। इसमें रजबन बाजार से श्रद्धापुरी तक भूमिगत स्टेशन का कार्य किया जाना था।
ब्यूरो