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साइड स्टोरी बागपत

Thu, 26 May 2022 10:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 26 May 2022 10:33 PM IST
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Mehak Singh's world was ruined in the love affair of his son
बेटे के प्रेम प्रसंग में उजड़ गई महक सिंह की दुनिया
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बाछौड़ में प्यार का ऐसा हुआ अंजाम, युवक की मां और दो बहनों की चली गई जान
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बाछौड़ गांव में युवक और युवती के बीच प्यार का ऐसा अंजाम हो सकता है, शायद ही किसी ने सोचा होगा। प्रेमी युवक की मां और दो बहनों की जान चली गई। इन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने में उसकी प्रेमिका के परिवार के लोगों के साथ पुलिस कर्मियों के भी सलाखों के पीछे जाने की स्थिति बन गई है। दोनों के परिवारों को जिंदगी भर के लिए दुख मिल गया है। मोहल्ले की गलियां सूनी पड़ी है। दोनों परिवारों में चूल्हे तक नहीं जले है। युवक के पिता ने हंसते खेलते परिवार की दुर्गति के लिए पुलिस की करतूत को वजह बताया है।
बाछौड़ गांव निवासी युवक प्रिंस करीब 15 दिन पहले गांव की ही युवती के साथ घर से चला गया था। युवती के परिवार की ओर से रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। 24 मई को पुलिस ने उसके घर दबिश दी तो मां गीता उर्फ अनुराधा और दो बहनों स्वाति व प्रीति ने विषाक्त पदार्थ निगल लिया। अब तीनों की मौत हो चुकी है। पिता महक सिंह ने 24 मई की पूरी घटना के बारे में बताया कि वह घर से बाहर था। छोटा बेटा सूरज अपनी बुआ के घर गया हुआ था। घर में पत्नी गीता उर्फ अनुराधा और दो बेटियां स्वाति व प्रीति ही थी। पुलिस रात में अपने साथ युवती के परिजनों को लेकर उनके घर पहुंची और उनके मकान का दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया। पत्नी ने उसके पास फोन करके इस बारे में बताया। उसने कह दिया कि पुलिस अपने साथ प्रधान को लेकर आएगी, तभी दरवाजा खोलना। उसका आरोप है कि एसआई नरेश पाल पहले भी कई बार दबिश के नाम पर घर आया और अभद्रता करके जाता था। इसलिए प्रधान की मौजूदगी के बिना दरवाजा खोलने से मना कर दिया था।
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छत के रास्ते जीने का दरवाजा तोड़ घुसी पुलिस
महिलाओं के साथ किया अपराधियों सा सुलूक
बागपत। इस पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। महिला और उसकी बेटियां ग्राम प्रधान को साथ लेकर आने के बाद दरवाजा खोलने की लिए कह रही थी, लेकिन पुलिस ने एक न सुनी। छत के रास्ते में घर में घुसी पुलिस ने सीढ़ियों पर लगे दरवाजे को तोड़ दिया। इस दबिश से पुलिस की कार्य प्रणाली पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
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महिला की गीता के पति महक सिंह का कहना है कि पुलिस के साथ युवती के परिजन भी थे। अपराधियों के जैसा सुलूक उनकी पत्नी और बेटियों से किया। इससे आहत होकर उन्होंने घर में रखी सल्फास उठा ली और चेतावनी दी कि अभद्रता बंद नहीं की तो वह इन्हें निगल लेगी। इसके बाद भी अभद्रता जारी रही और जिसके बाद उन्होंने सल्फास निगल ली। अब परिवार में उसके अलावा दो बेटे प्रिंस और सूरज ही बचे है। प्रिंस का कोई अता-पता नहीं है। पुलिस प्रधान या पड़ोसियों को भरोसे में लेकर भी कार्रवाई कर सकती थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस के साथ महिला पुलिस कर्मी भी नहीं थी। इस मामले में थाने के एसआई नरेशपाल, युवती के दो भाइयों और परिवार के तीन अन्य लोगाें के खिलाफ भी मामला दर्ज है।
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