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हस्तिनापुर में मिले धातु के सिक्के व पॉटरी, जल्द सामने आएंगे महाभारत काल से जुड़े कई बड़े राज

Mon, 04 Feb 2019 02:16 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 04 Feb 2019 02:16 AM IST
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Metallic Coin and Pottery found of Mahabharata period in Hastinapur Meerut
खुदाई में मिली पॉटरी
महाभारत कालीन भूमि हस्तिनापुर पर जल्द ही उत्खनन शुरू होगा। हस्तिनापुर में 70 साल बाद रविवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम पहुंची। यह टीम लाल किला उत्खनन शाखा से आई। टीम ने महाभारत काल से जुड़े सभी स्थलों का निरीक्षण कर साक्ष्य भी जुटाए। देखें टीम किन चीजों को अपने साथ जांच के लिए लेकर गई है: -
Metallic Coin and Pottery found of Mahabharata period in Hastinapur Meerut
खुदाई में मिले सिक्के

इस दौरान टीम अपने साथ धातु के सिक्के, टेराकोटा पॉटरी व लखौरी ईंटें लेकर गई। नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट के अध्यक्ष व शोभित विवि के असिस्टेंट प्रो. प्रियंक भारती के साथ टीम यहां पहुंची। सदस्यों ने बहसूमा, उजड़ी खेड़ी, हस्तिनापुर बारहखंभा आदि स्थानों का निरीक्षण कर मिट्टी के नमूने व तस्वीरें लीं। इससे पहले 1950-52 में हस्तिनापुर सहित 30 अन्य साईटों पर उत्खनन डॉ. बीबी लाल ने किया था। टीम में डॉ. नैन आनंद चक्रवर्ती, संगीता चक्रवर्ती एवं विनोद उपल शामिल रहे।  

Metallic Coin and Pottery found of Mahabharata period in Hastinapur Meerut
हस्तिनापुर - फोटो : अमर उजाला

उजड़ी खेड़ी में हैं किले की दीवारें
उजड़ी
खेड़ी पर किलानुमा दीवार एवं चारदीवारी दिखाई पड़ रही थी। यह चारदीवारी जमीन के नीचे काफी अन्दर तक है। इसके पास गहरा कुआं है। इसमें लखौरी ईंटों का प्रयोग है। हस्तिनापुर के बारहखंभा में महाभारतकाल में कौरव पांडवों के बीच जुआ खेला गया था। इस जगह का खुलासा प्रियंक भारती ने अपनी पुस्तक श्रीसेंट डिस्कवरी ऑफ टू मोऊन्ड्स इन हस्तिनापुर में भी किया है। एएसआई के अरविंद चौधरी ने दिल्ली से आई टीम को जानकारी दी।

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Metallic Coin and Pottery found of Mahabharata period in Hastinapur Meerut
हस्तिनापुर - फोटो : अमर उजाला

बहसूमा में हुआ था गंगापुत्र का जन्म
महाभारतकालीन
हस्तिनापुर के दक्षिण पूर्व में लगभग 7.7 किलोमीटर पर बहसूमा भीष्मपुरी के नाम से विश्व प्रख्यात था। यहां गंगापुत्र भीष्म पितामह का जन्म हुआ था। बहसूमा हस्तिनापुर का एक मोहल्ला होता था। यहां पांडव, कौरव अपना खजाना रखते थे। नाम का अपभ्रंश होकर इसे बहसूमा कहा जाने लगा।

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Metallic Coin and Pottery found of Mahabharata period in Hastinapur Meerut
हस्तिनापुर - फोटो : अमर उजाला

18वीं शताब्दी में परीक्षितगढ़ के गुर्जर राजा नैन सिंह ने बहसूमा को अपना मुख्यालय बनाया। राजा नैन सिंह का घर और उनके द्वारा बनाया गए एक किले के अवशेष आज भी बहसूमा में हैं। राजा नैन सिंह के समय में भी खजाना इसी स्थान पर रखा जाता था। आज भी बहसूमा में काफी मात्रा में पुरातात्विक अवशेष मौजूद हैं।

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