खुशखबर: दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे से जुड़ेगा मेरठ, सीधे मुंबई पहुंचेगा सामान, समय और किराए की होगी बचत
लुधियाना से दानाकुनी तक बनाए जा रहे ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में मेरठ को शामिल किया गया है। इसके लिए मेरठ में स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है। इसमें मेरठ न्यू कैंट और दौराला में स्टेशन का 1500 वर्ग मीटर में निर्माण किया जा रहा है।
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कम समय और लागत में मुंबई तक सामान पहुंचाने का सपना जल्द साकार होने वाला है। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे से मेरठ को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर दादरी में एक साथ इंटर कनेक्ट होंगे। दादरी में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब और इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट हब विकसित किया जा रहा है। सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजने के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, रैपिड रेल, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का उपयोग किया जाएगा।
1500 वर्ग मीटर में बन रहे न्यू कैंट और दौराला स्टेशन
लुधियाना से दानाकुनी तक बनाए जा रहे ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में मेरठ को शामिल किया गया है। इसके लिए मेरठ में स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है। इसमें मेरठ न्यू कैंट और दौराला में स्टेशन का 1500 वर्ग मीटर में निर्माण किया जा रहा है।
इन स्टेशनों पर स्टॉपेज के लिए मंत्रालय से अनुमति मांगी गई है। इससे यहां से सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जा सके। ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर खुर्जा से आगे दादरी में पहुंचकर कोलकाता के लिए चला जाता है। लुधियाना से आने वाला सामान वाया मेरठ होकर दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे में पहुंच सकेगा। खुर्जा से सहारनपुर तक लगभग 250 किमी के चरण को जून-2022 तक पूरा किया जाना है।
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हर महीने जाता है 500 करोड़ का माल
आईआईए अध्यक्ष सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि मेरठ से खेल उत्पाद, कपड़ा, कॉरपेट, ट्रांसफार्मर उपकरण, मशीनरी, ट्रैक्टर उपकरण, केमिकल, दवाइयां, जिम उपकरण आदि सामान को अन्य राज्यों में भेजा जाता है। हर महीने मेरठ से 500 करोड़ रुपये का सामान अन्य राज्यों को भेजा जाता है।
दादरी के चार गांवों की जमीन पर निर्माण
दादरी में चार गांवों की जमीन पर इसका निर्माण चल रहा है। इसमें चिटेहरा की 43 हेक्टेयर, कटेहरा की चार हेक्टेयर, पल्ला की 23 हेक्टेयर, चमरावली बोडाकी की 12 हेक्टेयर जमीन है। इसके लिए कुल 83.1839 जमीन का अधिग्रहण किया जाना है।
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ये है दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा
इस परियोजना में 200 वर्ग किमी के छह निवेश क्षेत्र बनाए गए हैं। इसमें दिल्ली, पश्चिमी यूपी, दक्षिणी हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी गुजरात, पश्चिमी महाराष्ट्र और इंदौर से होकर गुजारा जाना है। यह गलियारा 2700 किमी लंबाई में फैला होगा। जापान के टोक्यो से लेकर अलास्का के बीच ऐसा ही कॉरिडोर बनाया गया है। भारत सरकार ने जापान के इस प्रोजेक्ट के बाद ही इसे अपनाया है।
इन औद्योगिक क्षेत्र को फायदा
दादरी-नोएडा-गाजियाबाद क्षेत्र, मेरठ-मुजफ्फरनगर औद्योगिक क्षेत्र, फरीदाबाद-पल्दा औद्योगिक क्षेत्र, रेवाड़ी -हिसार औद्योगिक क्षेत्र