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Meerut: विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति की चेतावनी, अभी सांकेतिक था धरना, मांगें नहीं मानीं तो फिर होगा आंदोलन

Tue, 21 Mar 2023 12:12 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 21 Mar 2023 12:12 PM IST
सार

रविवार को ऊर्जा मंत्री से वार्ता के बाद हड़ताल को 65 घंटे में ही समाप्त कर दिया गया।  विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वे बड़े आंदोलन को मजबूर होंगे।

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Meerut: Vidyut Karmachari Sangharsh Samiti Warning,there will be agitation if demands are not fulfil
बिजली कर्मी व अधिकारी काम पर लौटे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति की ओर से हड़ताल तो समाप्त कर दी गई है, लेकिन समिति के सदस्यों का कहना है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द ही विचार नहीं किया गया तो कर्मचारी फिर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। कर्मचारियों ने कहा कि इस बार हुई हड़ताल से भी उनकी जीत हुई है। उनकी मांगों से जुड़ा मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

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विद्युत कर्मचारियों की ओर से पिछले पांच माह में दो बार हड़ताल की जा चुकी है। दिसंबर 2022 में ऊर्जा मंत्री से समझौता वार्ता के बाद हड़ताल समाप्त की गई थी। सरकार की ओर से 15 दिन में मांगों पर विचार करने को कहा गया था, लेकिन मांग पूरी नहीं हुई तो एक बार फिर 16 मार्च 2023 की रात दस बजे से कर्मचारी 72 घंटे के लिए हड़ताल पर चले गए।
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इससे प्रदेश में विद्युत आपूर्ति चरमरा गई। रविवार को ऊर्जा मंत्री से वार्ता के बाद हड़ताल को 65 घंटे में ही समाप्त कर दिया गया। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांगों को लेकर कोर्ट में विचार किया जा रहा है। अगर जल्द ही मांगें पूरी न हुईं तो फिर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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ये हैं प्रमुख मांगे 
-तीन दिसंबर 2022 को ऊर्जा मंत्री के साथ हुई समझौता वार्ता का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए
-ओबरा और अनपरा में स्थापित की जा रही नई बिजली परियोजनाएं उत्पादन निगम को दी जाएं
-नए बनने वाले सभी विद्युत उपकेंद्रों एवं लाइनों का कार्य यूपी पावर ट्रांस्को को दिया जाए
-वर्ष 2000 के बाद में सभी बिजलीकर्मियों के लिए पुरानी पेंशन की व्यवस्था लागू की जाए
-बिजली निगमों का एकीकरण कर यूपीएसईबी लिमिटेड का गठन किया जाए
-संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए

सोमवार को भी देहात क्षेत्र में प्रभावित रही आपूर्ति 
विद्युत कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सोमवार को भी विद्युुत आपूर्ति पटरी पर नहीं लौट पाई। शहर में तो हालात काफी ठीक रहे, लेकिन देहात क्षेत्र में सोमवार को भी फाल्ट ठीक करने का कार्य चलता रहा। खरखौदा, बिजौली, सिसौली, मऊखास, माछरा, सियाल, गोकलपुर समेम कई गांवों में सोमवार शाम तक कार्य होता रहा। 11 केवी की लाइन में हुए फाल्ट को ठीक करने का कार्य चलता रहा। सोमवार देर शाम तक ही विद्युत आपूर्ति पटरी पर लौट सकी। अधीक्षण अभियंता देहात संजीव कुमार ने बताया कि सोमवार को कुछ जगहों पर कार्य किए जाते रहे। 

कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर थे। ऊर्जा मंत्री से वार्ता के बाद इसे समाप्त किया गया है। अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन होगा।  -आरए कुशवाह, संयोजक विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति 
कर्मचारियों की मांगों पर कोर्ट में भी विचार किया जा रहा है। हड़ताल का ही नतीजा है कि जल्द ही इसमें निर्णय आने वाला है। -दिलमणि थपलियाल, प्रांतीय उप महामंत्री, विद्युत मजदूर पंचायत

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