मेरठ: कृषि विवि में वेटनरी कॉलेज के छात्र छात्राओं का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी, ये हैं मांगें
मेरठ में सरदार वल्लभ पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वेटरनरी कॉलेज के यूजी व पीजी के छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ हुए हैं। छात्र-छात्राओं की मांग है कि उन्हें सरकार द्वारा दिया जा रहा भत्ता कम है।
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इंटर्न मासिक भत्ता बढ़ाने की मांग को लेकर कृषि विश्वविद्यालय वेटनरी कॉलेज के यूजी और पीजी छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन और जुलूस दूसरे दिन भी जारी रहा। छात्रों ने मंगलवार को वेटरनरी अस्पताल भी बंद करा दिया था।
कृषि विवि में इंटर्न मासिक भत्ता एक हजार रुपये से 15 हजार रुपये करने की मांग को लेकर वेटनरी के छात्र मंगलवार से अनिश्चतकालीन धरने पर बैठे हैं। बुधवार को भी छात्र-छात्राओं ने कक्षाओं का बहिष्कार किया।
मेरठ में सरदार वल्लभ पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वेटरनरी कॉलेज के यूजी व पीजी के करीब 400 छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर मंगलवार से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ हुए हैं। धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं की मांग है कि उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिया जा रहा भत्ता कम है, जो उन्हें 1000 रुपये प्रति माह दिया जा रहा है।
उनकी मांग है कि यह भत्ता 15000 रुपये प्रति महीने दिया जाना चाहिए तभी वह धरने से उठेंगे। उन्होंने कहा कि यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक उत्तर प्रदेश सरकार उनकी मांगों को पूरा नही करती है। कुछ दिन पहले राजस्थान और बिहार कॉलेज के छात्र-छात्राएं भत्ता बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। वहां की सरकार ने उनकी मांग को मानकर भत्ता बढा दिया है। राजस्थान में 14000 प्रति माह और बिहार में 15000 प्रति माह भत्ता देना शुरू कर दिया है। उनकी भी यह मांग पूरी होनी चाहिए तभी सभी छात्र धरने से उठेंगे।
बता दें कि पिछले काफी समय से छात्र यहां पर भी मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। गुस्साए छात्रों ने वेटरनरी कॉलेज के गेट पर बैठकर धरना दिया और फिर नारेबाजी करते हुए वेटरनरी कॉलेज से प्रशासनिक भवन तक जुलूस भी निकाला।
ये हैं छात्रों की मांगें
1. उत्तर प्रदेश सरकार से मिलने वाले पशु चिकित्सक इंटर्न का मासिक भत्ता 1 हजार से बढ़ाकर 15 हजार किया जाए।
2.पशु चिकित्सक परास्नातक हुए पीएचडी स्कॉलर को फैलोशिप शुरू की जाए
3. हरियाणा में मासिक भत्ता 14 हजार कर्नाटक में 14 हजार राजस्थान में 17 हजार और केरल में 17 हजार मिलता है, यहा भी शुरू की जाए।
मामले में विवि के कुलसचिव डॉ. डीके सिंह का कहना है कि यह नीतिगत मामला है। डीन वेटनरी के माध्यम से इसका प्रस्ताव बनाकर पहले विद्वत परिषद, प्रबंध समिति और फिर शासन से स्वीकृत कराया जाएगा। छात्र-छात्राएं इस तरह से आंदोलन कर बहुत जल्दबाजी कर रहे हैं। विवि प्रशासन नियमानुसार कार्य कर रहा है।