ISIS के निशाने पर कौन? उर्दू-फारसी में लिखी किताब में आतंक के राज, चिप में छिपा संदिग्ध डाटा
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आईएस से जुड़े संदिग्ध लोग रिमांड पर आतंक के राज खोल रहे है। सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्ध अफसार की निशानदेही पर शहजाद से उर्दू और फारसी में लिखी किताब बरामद की है। जिसमें आतंकियों की अगली रणनीति के बारे में लिखा होना बताया गया है।
आतंकी इनपुट मिलने पर एनआईए ने मेरठ, हापुड़, अमरोहा में छापेमारी की। मेरठ से नईम और अफसार की गिरफ्तारी की। दोनों को एनआईए ने रिमांड पर लेकर पूछताछ की। जिसमें नईम निवासी राधना किठौर ने अवैध हथियार सप्लायरों की पोल खोली। वहीं, अफसार निवासी जिसोरा मुंडाली ने आईएस से जुड़ी प्लानिंग के बारे में बताया।
दोनों को रिमांड पर लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने काफी जानकारियां जुटा लीं। बताया गया कि अफसार की निशानदेही पर सुरक्षा एजेंसियों ने हापुड़ के धौलाना गांव निवासी शहजाद के घर से एक किताब बरामद की। जोकि उर्दू और फारसी भाषा में लिखी है। बताया कि इस किताब में कई महत्वपूर्ण जानकारी आईएस से जुड़ी हुई है। जिसकी जांच पड़ताल करने में एनआईए और एटीएस जुटी है। शहजाद को एनआईए ने छोड़ दिया है, क्योंकि अभी तक उसके खिलाफ सुबूत नहीं मिला है।
एक चिप भी मिली
बताया गया कि अफसार ने किताब के साथ एक मोबाइल की चिप भी शहजाद को दी थी। उस चिप में भी कई संदिग्ध चीजें हैं, जोकि आईएस से जुड़ी होनी बताई गई। सुरक्षा एजेंसियों के अलावा भी कई एक्सपर्ट इस चिप की जांच कर रहे हैं।
व्हाट्सएप कॉल करते थे
सुरक्षा एजेंसियों की जांच में स्पष्ट हुआ कि पकडे़ गए संदिग्ध लोग व्हाट्सएप कॉल करते थे। आपस में कई कॉलों का एनआईए ने मिलान किया है। एक के बाद एक इन संदिग्ध लोगों की पोल खोली जा रही है। आईएस से उनका कनेक्शन कैसे हुआ, इसकी कई जानकारी पुलिस ने जुटा ली है।
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