Meerut: देवी-देवताओं पर की अभद्र टिप्पणी के विरोध में भाजपा नेताओं का हंगामा, मवाना में धर्म परिवर्तन का आरोप
मेरठ में धार्मिक सद्भाव को बिगाड़ने का प्रयास कुछ शरारती तत्वों द्वारा किया जा रहा है। रविवार को सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में भाजपा समर्थकों ने लालकुर्ती थाने में हंगामा किया, तो वहीं मवाना में धर्म परिवर्तन का आरोप लगाते हुए दूधली गांव में जमकर हंगामा हुआ। पढ़ें दोनों मामलों का पूरा अपडेट।
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इंस्टाग्राम पर देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में भाजपा समर्थकों ने रविवार शाम मेरठ के लालकुर्ती थाने में हंगामा कर दिया। काफी संख्या में भाजपा और हिन्दूवादी नेता लालकुर्ती थाने में पहुंचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं आरोपी अरमान के साथी फैज ने भी इंस्टाग्राम पर हिंदू लड़कियों के बारे में अभद्र टिप्पणी की है।
जानकारी के अनुसार लालकुर्ती घोसी मोहल्ले में रहने वाला अरमान अपने पिता के साथ अमर ज्वेलर्स पर बैठता है। अरमान ने इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया पर देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी कर दी। लालकुर्ती निवासी भाजपा नेता निपुल चंदेल ने इंस्टाग्राम पर अभद्र टिप्पणी के स्क्रीन शाॅट ले लिए और भाजपा नेता विशाल कन्नौजिया को मामले की जानकारी दी। इसके बाद विशाल कन्नौजिया, आलोक रस्तोगी, आशीष, सौरभ अग्रवाल, निपुल चंदेल, सनी शर्मा आदि थाने में पहुंचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
आरोपी को लालकुर्ती पुलिस ने हिरासत में लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी। वहीं इंस्टाग्राम से अभद्र टिप्पणी भी डिलीट करा दी गई है। हिन्दूवादी नेता सचिन सिरोही ने भी इस मामले में आईटी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की मांग रखी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही तब भाजपाई वापस लौटे। लालकुर्ती एसओ नरेश कुमार का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच पड़ताल की जा रही है। आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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मवाना में धर्म परिवर्तन का आरोप लगाकर हिंदू संगठनों का हंगामा, पुलिस ने चार युवक पकड़े
मेरठ के मवाना में नौकरी और आठ लाख रुपये का झांसा देकर धर्म परिवर्तन कराने के मामले में दूधली गांव में रविवार को जमकर हंगामा हुआ। हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि ईसाई समुदाय के लोग नौकरी और रुपयों का झांसा देकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश कर रहे थे। मवाना खुर्द थाना पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के अनुसार मवाना खुर्द गांव के रहने वाले सचेंद्र कुमार ने थाने में तहरीर दी। इसमें बताया कि उसकी दुकान पर पनवाड़ी निवासी पवन आता-जाता रहता है, जो पेशे से डॉक्टर है। वह अपने मोबाइल पर ईसाई समुदाय के संदेश सुनाता रहता था। दो दिन पहले पवन ने बताया कि 11 जून को ईसाई समुदाय के बड़े प्रचारक दूधली गांव में आएंगे। वहां आकर उनके विचार सुनना।
रविवार सुबह सचेंद्र अपने साथ अमरीश, आकाश और शुभम को लेकर दूधली गांव में पहुंच गया। एक मकान में चार युवक, उनकी पत्नियां और कई अन्य महिलाएं व युवती मौजूद थे। एक व्यक्ति ने कहा कि यदि तुम ईसाई बनोगे तो एक मुश्त आठ लाख रुपये प्रत्येक परिवार को दिए जाएंगे और तनख्वाह भी मिलेगी। दोपहर के समय वहां पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी पहुंच गए और धर्म परिवर्तन का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया।
इस बीच कुछ महिलाएं ईसाई समुदाय के साहित्य और फोटो लेकर रफूचक्कर हो गए जबकि चार लाेगों को पकड़ लिया गया। चारों युवकों को सूचना मिलने पर पहुंची मवाना खुर्द पुलिस के हवाले कर दिया गया। उधर, पकड़े गए युवकों का कहना है कि धर्म परिवर्तन का आरोप गलत है। वह बैठकर कीर्तन कर रहे थे।
चार युवकों से पूछताछ की जा रही है। अभी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है कि मामला धर्म परिवर्तन का है या फिर नहीं। - कमलेश बहादुर, एसपी देहात