कोहरे की आड़ में वारदात को अंजाम नहीं दे सकेंगे बदमाश, पुलिस का खास प्लान तैयार
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खाकी सर्द रातों में शहर की जनता को सुरक्षा का अहसास कराएगी। कोहरे की आड़ में होने वाली आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत अकेले शहरी क्षेत्र में 62 चौकी इंचार्ज और 250 से ज्यादा बीट कांस्टेबल शहर के संवेदनशील स्थानों, हाईवे और धार्मिक स्थलों की निगरानी करते दिखाई देंगे।
सर्दी के दौरान घना कोहरा अपराध नियंत्रण में पुलिस के लिए हमेशा से चुनौती भरा रहा है। हर साल इसको लेकर विशेष सतर्कता बरती जाती है। ताकि अपराध नियंत्रित रहे। लेकिन शातिर अपराधियों के सामने पुलिस कहीं न कहीं कमजोर पड़ जाती है। इस बार कई नए बिंदुओं के साथ शहर की सुरक्षा व्यवस्था का ब्लू प्रिंट तैयार किए जाने का दावा किया जा रहा है। शहर के अंदरूनी हिस्से से लेकर बाहर से आने वाले मुख्य मार्गों को सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है। अफसरों की मानें तो पुलिस का यह सुरक्षा प्लान हर बार से कुछ खास रहेगा। इस सर्दी में आम जनता हो या फिर कारोबारी खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे।
रात में छह घंटे प्रभावी रहेगा प्लान
देर रात में आपराधिक घटनाएं होने के बाद हमेशा से पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर घिरी रहती है। निष्क्रियता के आरोप लगते रहे हैं। इसके चलते पुलिस विभाग को काफी किरकिरी भी झेलनी पड़ी है। इस प्लान में इस विषय को विशेष स्थान दिया गया है। प्लान के अनुसार रात 12 बजे से सुबह छह बजे तक पुलिस अपने क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाएगी। चौकी स्तर पर सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है। किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में चौकी इंचार्ज की जवाबदेही होगी।
हाईवे के सात प्रमुख प्वाइंट
बिजली बंबा बाईपास स्थित जुर्रानपुर, दिल्ली रोड स्थित शॉप्रिक्स चौराहा, परतापुर बाईपास, खड़ौली, मोदीपुरम, दादरी, सिवाया कट।
सुरक्षा ही उद्देश्य
सर्दियों में शहर की जनता को सुरक्षा मुहैया कराना ही प्लान का मुख्य उद्देश्य है। थाना व चौकी स्तर पर पुलिसकर्मी सक्रिय रहें, इसको ध्यान में रखकर प्लान तैयार किया गया है। इस बार कुछ नए स्थान शामिल किए गए हैं। - रणविजय सिंह, एसपी सिटी
यहां रहेगी पुलिस
शॉप्रिक्स चौराहा, रेलवे रोड, बेगमपुल, घंटाघर, ईव्ज चौराहा, हापुड़ अड्डा, एल ब्लॉक, तेजगढ़ी, जेल चुंगी, साकेत, बुढ़ाना गेट, कमिश्नरी, लालकुर्ती, पुरानी दिल्ली चुंगी, कंकरखेड़ा तिराहा।
बीट कांस्टेबल की महत्वपूर्ण भूमिका
शहर की सुरक्षा को लेकर तैयार किए गए प्लान में बीट कांस्टेबल की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। एकतरह से रात की सुरक्षा पूरी तरह बीट कांस्टेबल पर ही निर्भर करेगी। हाल ही में पुलिस लाइन में संपन्न हुई बैठक के दौरान पुलिस अफसरों ने भी इसे स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि बीट कांस्टेबल पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाना होगा।
दबिश में मुखबिरों का रहेगा सहयोग
पुलिस के इस प्लान में वांछित व सक्रिय अपराधियों की धरपकड़ की योजना भी शामिल है। रात के समय पुलिस ऐसे अपराधियों पर भी पैनी नजर रखेगी। इसमें मुखबिर पुलिस के सहयोगी की भूमिका में रहेंगे। खास बात यह है कि ऐसी स्थिति में एक थाने की पुलिस दूसरे स्थाने की पुलिस का भी सहयोग ले सकेगी। थानों में स्टाफ की कमी के चलते यह निर्णय लिया गया है।
ये होंगी विशेष गतिविधियां
रात के 12 बजे चौकी इंचार्ज, एसआई थानों पर एकत्र होंगे।
10 मिनट की चर्चा के बाद सभी अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त को रवाना होंगे।
आधी रात 1 से 2 बजे चौकी इंचार्ज थाने पर अपने क्षेत्र की रिपोर्ट देंगे।
रात 2 बजे फिर एक बार सभी शहर में एक जगह एकत्र होंगे।
रात 2 से 3 बजे संवेदनशील स्थानों, अधिक अपराध वाले इलाकों में हूटर-सायरन के साथ गश्त।
इस दौरान कोई संदिग्ध दिखाई देता है तो उसकी तलाशी व आईडी दर्ज करना।
आधी रात के बाद 3 बजे रात्रि अधिकारी पोजीशन चेक करेंगे।
तड़के 4 बजे रात्रि अधिकारी संवेदनशील इलाकों का हाल जानेंगे।
इस दौरान वांछित, वारंटी अपराधी की धरपकड़ को दबिश।
सुबह 6 बजे थानों पर रिपोर्ट सौंपनी होगी।
सुरक्षा एक नजर में
62 पुलिस चौकियां
7 संवेदनशील हाईवे प्वाइंट
दो दर्जन अति संवेदनशील अंदरूनी इलाके
180 पेट्रोलिंग गाड़िया (पीआरबी व टू-व्हीलर शामिल)
हर घंटे पांच फैंटम पुलिस सक्रिय
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