फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Meerut, UP Government's Yoga will not be able to cure the diseases of the public

EXCLUSIVE रिपोर्ट: यूपी सरकार का योग दूर नहीं कर पाएगा जनता के ‘रोग’

Tue, 11 Dec 2018 04:41 PM IST
अरीश रिज़वी, अमर उजाला, मेरठ
अरीश रिज़वी, अमर उजाला, मेरठ Updated Tue, 11 Dec 2018 04:41 PM IST
विज्ञापन
Meerut, UP Government's Yoga will not be able to cure the diseases of the public
जिला अस्पताल में बंद पड़ा योग वेलनेस सेंटर - फोटो : अमर उजाला

सरकार की महत्वाकांक्षी योजना योग वेलनेस सेंटर जनता के ‘रोग’ दूर नहीं कर पाएगा। जिला अस्पताल में खोला गया यह सेंटर बंद हो गया है। करीब तीन माह से यहां ताला लगा है। योग प्रशिक्षक और उनके सहायक का न तो नवीनीकरण किया गया है और न ही उनकी तनख्वाह दी गई है। नतीजा, व्यवस्था ही धड़ाम हो गई है। मामला यूपी के मेरठ शहर का है।

विज्ञापन


जिला अस्पताल के इस सेंटर में योग करने के लिए रोजाना 30-40 लोग आ रहे थे। इनमें काफी संख्या में महिलाएं भी थीं। माह में इनकी संख्या एक हजार तो सालभर में पांच हजार से ज्यादा हो गई थी। यहां इन लोगों को योग सिखाया जा रहा था, इससे मरीजों को काफी लाभ मिल रहा था।
विज्ञापन


होम्योपैथी विभाग में इसे 29 जुलाई 2017 को शुरू किया गया था। 29 जुलाई 2018 को इसे एक साल पूरा हो गया था। योग प्रशिक्षक और उनके सहायक का अनुबंध एक साल का था, लेकिन इसका नवीनीकरण नहीं किया गया। इसके अलावा उन्हें अप्रैल से जुलाई 2018 तक की तनख्वाह भी नहीं दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बावजूद इस उम्मीद पर इसे 15 सितंबर तक चलाया गया कि सरकार इसे गंभीरता से लेगी और यह चलता रहेगा। लेकिन जब योग शिक्षक और सहायक की उम्मीद का बांध टूट गया तो इसमें ताला डाल दिया गया। वेलनेस सेंटर का प्रभार जिला होम्यो मेडिकल ऑफिसर डॉ. पूनम गुप्ता के पास है। वह इस संबंध में कई बार शासन को पत्र लिख चुकी हैं।

मकसद तो योग था

राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत प्रदेश के 40 जिलों में योग वेलनेस सेंटर शुरू किए जाने थे, जिनमें से अधिकांश में यह केंद्र खोले जा चुके हैं। इनकी स्थापना के लिए केंद्र सरकार ने 2.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। यह सेंटर अस्पताल की ओपीडी के समय संचालित किए जाते हैं।

शुरुआती सामान के लिए एकमुश्त 60 हजार जबकि श्रम शक्ति व रखरखाव के लिए हर साल 5.35 लाख रुपये दिए जाने थे। इन केंद्रों के संचालन के लिए गठित समिति में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी और जिला होम्योपैथिक अधिकारी सदस्य सचिव बनाए गए थे। योग प्रशिक्षक को 27-35 हजार रुपये और सहायक को 10 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाना था।

यह थी योग्यता
योग प्रशिक्षक के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से योग में पूर्णकालिक रेगुलर डिग्री, योग में एमए या एमएससी के साथ किसी प्रतिष्ठित योग थेरेपी सेंटर या चिकित्सालय में कम से कम एक साल का अनुभव और यौगिक क्रियाओं के प्रदर्शन में व्यावहारिक दक्षता जरूरी थी। इसी तरह योग सहायक के लिए कक्षा 10 उत्तीर्ण करने के साथ ही एक साल का अनुभव जरूरी था।

पुराना ठप, नया खोलने की तैयारी
योग शिक्षक और सहायक का अनुबंध बढ़ाने और वेतन दिए जाने के लिए कई बार शासन को पत्र भेजे मगर सुनवाई नहीं हुई। यह भी समझ से परे है कि जो सेंटर अच्छा चल रहा था, वह ठप कर दिया गया है और शासन कैंट क्षेत्र में नया योगा वेलनेस सेंटर खोलने की तैयारी कर रहा है।
-डॉ. पूनम गुप्ता, जिला होम्यो मेडिकल ऑफिसर

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed